Old footage of Khalistani Bhindranwale meeting Farooq Abdullah.
That's why they say the enemy on the inside is always more dangerous than any on the outside!!
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी, ऐसी घटिया भाषा कांग्रेस के नैतिक और वैचारिक पतन की पराकाष्ठा है।
कांग्रेस की समस्या सिर्फ मोदी जी से नहीं है। उसकी असली समस्या उस आम भारतीय से है, जिसने वंशवाद का सिंहासन हिलाकर एक साधारण परिवार के बेटे को देश का प्रधानमंत्री बनाया।
यही सच कांग्रेस का दरबारी अहंकार आज तक स्वीकार नहीं कर पाया है।
श्री खड़गे जी, देश का आम नागरिक अपने वोट की ताकत भी जानता है और अपना भविष्य भी। उसे पूर्ण विश्वास है कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
याद रखिए, आदरणीय प्रधानमंत्री जी के परिवार पर अभद्र टिप्पणी करना राजनीतिक साहस नहीं, वैचारिक दरिद्रता है।
कल पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी द्वारा, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वर्गीय पिताजी के उपर की गई टिप्पणी ने मुझे स्तब्ध और बहुत आहत किया है।
इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह टिप्पणी कांग्रेस के किसी सामान्य कार्यकर्ता या किसी युवा नेता ने नहीं की है। बल्कि, अपने को देश की ‘सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी’ कहने वाली पार्टी, के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने आचरण से करोड़ों देशवासियों की भावनाओं को आहत किया। पर कांग्रेस के लोग यहीं नहीं रुके।
अब कांग्रेस पार्टी खरगे जी के शब्दों को Justify कर के पुनः लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है। अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बजाय कांग्रेस इस बयान को सही ठहराने में जुटी है। इसका बचाव करने में जुटी है।
खरगे जी जिस पद पर आसीन हैं, उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में, यदि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो यह न केवल उनके पद की गरिमा के विपरीत है, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन इस तरह का आचरण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। कल तक कांग्रेस के कुछ नेता, प्रधानमंत्री जी की साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि का मज़ाक उड़ाते थे, उनकी पूजनीय माताजी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे। आज वही स्तरहीन राजनीति कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच चुकी है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर हर रोज गिरने के नए रिकॉर्ड बना रहा है।
वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री जी के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है।
यह सिर्फ़ एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति की गरिमा पर भी प्रहार है।
लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए, लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए। आज कांग्रेस का सिर्फ़ राजनीतिक ही नहीं बल्कि वैचारिक पतन भी हो चुका है। कांग्रेस को याद रखना चाहिए, कि लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है, और समय आने पर जवाब भी देती ।
मैं, कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ की प्रधानमंत्री मोदी जी को ऐसी टिप्पणियों से न विचलित किया जा सकता है, न जनसेवा के उनके संकल्प को कमजोर किया जा सकता है।
Strongly condemn these remarks. Insulting the Hon'ble Prime Minister and his late father is not political courage. It is a shameful and arrogant disregard for public decency and the people’s mandate. It exposes the mind-set of silver-spoon elite that cannot accept a leader who rose through the democratic process and successively earned the mandate of millions.
अहंकार और हताशा में डूबी कांग्रेस ने एक बार फिर राजनीति की मर्यादा तार-तार कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वर्गीय पिता जी के संदर्भ में की गई टिप्पणी अत्यंत निंदनीय है।
वैचारिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन भाषा और आचरण की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।
खड़गे जी को इस अमर्यादित टिप्पणी के लिए देश से तत्काल माफ़ी माँगनी चाहिए।
India is a democracy, Kharge ji, not the darbaar of the Congress where entitled leaders abuse at will.
Stop mocking the farsightedness of our nation's voters. The people see through your web of deceit and understand very well that it is Prime Minister Narendra Modi ji who is building the Bharat of the future!
कभी जिस भाषा को गुंडे-मवालियों से जोड़ा जाता था, आज कांग्रेस अध्यक्ष उसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इनके युवराज इसी खीझ में कभी सड़क पर महिला पुलिसकर्मियों से गलत बर्ताव करते हैं, तो कभी अपने ही नेताओं से धक्का-मुक्की करते हैं। इनकी पूरी कार्यशैली माफिया प्रवृत्ति की हो गई है। यह राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक माफिया गैंग अधिक प्रतीत होती है।
वैसे, खड़गे जी के बयान वाले ख़्वाब को पूरा करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्षा ने दस साल तक हर पैंतरा चला, लेकिन कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई। आज उनका बेटा इसी ख़्वाब को पूरा करने के लिए कभी वियतनाम, तो कभी कोलंबिया के बीच दर-दर भटक रहा है।
देश की जनता आपका यह ख़्वाब कभी पूरा नहीं होने देगी!
Two of India's greatest Home Ministers. One united India and the other is saving it from being torn apart by enemies.
The Aura that this frame holds 🥵.
खड़गे जी गाँधी खानदान के कहने पर प्रधानमंत्री जी के पिता को अपमानित करने में आप को जरा भी शर्म नहीं आई ???
क्या इतना अहंकार हो गया है आपको
अब तो आपकी रैली में ही लोग बोलने लगे “मोदी कहीं नहीं जाने वाले”
Remember this happened after Congress and IUML won elections in kerala.
Supporting BJP/RSS is risky.
I am communist person.
I love beef paronta.
My state is the best country.
Northies are jealousy of my kantry.
ये बदलते भारत की तस्वीर है, ये नए भारत का आत्मविश्वास है 🇮🇳
प्रधानमंत्री @NarendraModi जी के वाराणसी आगमन से पूर्व काशी के घाटों पर उमड़ा जनसैलाब और गगन में भारतीय वायुसेना का अद्भुत शौर्य, हर दृश्य देश के सामर्थ्य, स्वाभिमान और राष्ट्रगौरव की गाथा बयां कर रहा है।
#KashiAirShow के दौरान 10 लाख से अधिक लोगों की ऐतिहासिक उपस्थिति ने बता दिया कि काशी के कण-कण में राष्ट्रभक्ति की धारा प्रवाहित होती है।
#IndianAirForce