वैसे सही मायनों में देखा जाय तो लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी की स्वतन्त्रता के अधिकार का असली मजा और फायदा केवल यही बहनजी जमकर उठा रही हैं। क्योंकि "का बा"(लम्बी पारंपरिक चोटी) से "कायर बा"(हिप्पी कट घुंघराले बाल और मोटा चश्मा) तक का सफर आसान नहीं होता। आयीं थी भोजपुरी बचाने और................🤣
@nehafolksinger