Pellet guns, lathis and tear gas were used against students peacefully protesting in Delhi.
I met 19-year-old Sahil Lochab. Shot with pellets, he may lose an eye. His “crime”? Demanding an end to paper leaks and a fair future for our students.
@AmitShah ji, I have two questions:
1. Did you approve the use of lethal force, including pellet guns, against students? If not, who did?
2. Were the men in plain clothes beating students with lathis police personnel or volunteers? Who authorised their deployment?
Desh jawab maang raha hai.
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
मोदी जी, करोड़ों छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के बाद अब आधी रात की Reel से उनका वक़्त बर्बाद मत कीजिए।
प्रधान बर्ख़ास्त। दोषियों पर कार्रवाई। छात्रों से माफ़ी।
इससे कम कुछ भी मंज़ूर नहीं।
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजि���।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री, जांबाज़ वायुसेना अधिकारी और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि पर हमारी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
@SachinPilot
देहरादून की सड़कों पर आज छात्रों का आक्रोश साफ�� दिखाई दिया।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में NEET पेपर लीक और CBSE के OSM Evaluation System से लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ के खिलाफ हजारों छात्र-छात्राओं और NSUI कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड सचिवालय का घेराव किया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NTA को बैन करने की मांग को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
भाजपा की धामी सरकार ने छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए वाटर कैनन का सहारा लिया, लेकिन NSUI के कार्यकर्ता न डरने वाले हैं, न झुकने वाले हैं।
हम न रुकेंगे, न झुकेंगे।
जब तक NEET और CBSE के छात्रों को न्याय नहीं मिलता, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और NTA जैसी भ्रष्ट संस्था को बैन नहीं किया जाता, तब तक देशभर की सड़कों पर NSUI का संघर्ष जारी रहेगा।
📍 देहरादून, उत्तराखंड
#BanNTA #SackDharmendraPradhan #StudentsDemandJustice #NSUI
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो!
शिक्षा मंत्री को हमने चुन कर भेजा है, हमारे टैक्स से उनको तनख्वाह मिलती है!
उनके शासन काल में करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधकार में है।
cockroach आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं!
#cjpprotest
जेबकतरों से सावधान - आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं। CBSE की गलती से नंबर ग़लत आए त�� आपको क्या मिलता है?
एक bill:
Digital scan copy: ₹100/विषय
Re-totalling: ₹100/paper
Re-evaluation: ₹25/सवाल
अपनी ही answer sheet की सही जाँच के लिए एक बच्चे को ₹2000 तक भरने पड़ सकते हैं।
सोचिए, जब 4 लाख बच्चों ने ऐसे आवेदन डालें हैं तो CBSE कितनी कमाई कर रहा है।
जब scanning फ़ोन से हुई हो, ग़लत मार्किंग तय है। और उसे ठीक करवाने की क़ीमत बच्चा भर रहा है।
गलती CBSE की। सज़ा बच्चे की। कमाई सरकार की।
जब शिक्षा को सेवा नहीं, कारोबार बना दिया जाए तब गलती सुधारी नहीं जाती। बढ़ाई जाती है। और इसकी सबसे बड़ी क़ीमत हमारे बच्चे चुका रहे हैं - अपने समय से, अपने आत्मविश्वास से, और अपने भविष्य से।
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions - but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they get it.
देश के प्रथम प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
आधुनिक भारत की मज़बूत नींव रखते हुए उन्होंने एक समावेशी, सौहार्दपूर्ण और प्रगतिशील भारत निर्माण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक सिद्धांतों, संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित उनका दूरदर्शी नेतृत्व सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।