@hanumanbeniwal श्रीमान जब ये कॉलेज बने तब न बिल्डिंग थी,न छाँव थी,न मेज न कुर्सी एवं न ही समय पर पेमेंट मिलती थी। फिर भी 3700 vsy आचार्यो ने तन मन एवं धन से अपने अपने स्तर पर महाविद्यालयो की नींव मजबूत की,ग्रामीण शिक्षा का स्तर उठाया,जब आज सब सुचारू रूप से संचालित होने लगा तो
म्हे सगली भासावां रो सम्मान करा.....
राजस्थानी भासा नै मारवाड़ी कैवनों गलत हैं।
संपूर्ण राजस्थान एक है एक रेवेला।
राजस्थानी राख्या, रैसी राजस्थान ...
म्हारो स्वाभिमान अर अस्मिता राजस्थानी भासा....
जै राजस्थानी , जै राजस्थान...
@BhajanlalBjp@Rajasthanwalla@RajCMO@KumariDiya