देश की सत्ता पर एक खतरनाक साजिशकर्ता व्यक्ति राज कर रहा है और वह नरेंद्र मोदी हैं। उनके साथ खतरनाक गृह मंत्री अमित शाह हैं।
इन लोगों ने कट्टर ईमानदार व्यक्ति अरविंद केजरीवाल जी, मनीष सिसोदिया जी और आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए भयंकर षड्यंत्र रचा।
प्रधानमंत्री और भाजपा में अगर जरा भी शर्म बची हो तो उन्हें कट्टर ईमानदार नेता को बदनाम करने और परेशान करने के लिए तुरंत माफ़ी मांगने चाहिए।
— @SanjayAzadSln , राज्यसभा सांसद, AAP
4 साल तक ED-CBI को पीछे लगाकर तथाकथित शराब घोटाले का शोर मचाया गया।
आज कोर्ट ने करीब 600 पन्नों के आदेश में साफ कहा कि “मुकदमा चलाने लायक एक भी सबूत नहीं है”
पूरा मुक़दमा झूठा था।
असलम जी,
1. पहले खुद की OMR देखने के लिए RTI करनी पड़ती थी, अब हम OMR sheets सार्वजनिक कर रहे हैं।
2. पहले रिजल्ट में सिर्फ दो गुना के रोल नंबर ही सार्वजनिक होते थे, अब 35 हजार पन्नों के रिजल्ट में पूरी डिटेल्स सबको पता होती हैं।
प्रयास है कि सिस्टम जितना पारदर्शी हो सके करें।
मैं चुनौती देता हूं.. अगर भाजपा सरकार में हिम्मत है तो पिछले 10 साल की भर्ती परीक्षाओं की जांच CBI से करवाए।
इन्होंने कितना दुष्प्रचार किया, लेकिन 2 साल निकल गए.. किसको जेल में डाला, आखिर कब पकड़ोगे?
#OMRScam#PaperLeak
RSSB RPSC में पूरानी भर्तियों की OMR की CBI जांच की मांग को लेकर युवाओं ने ट्विटर पर अभियान चलाया।
लिखना ना भूलें ✌️✌️
सभी लिखों
#OMR_घोटाला_की_CBI_जांच_हो
कुछ घंटे पहले की कहानी बाड़मेर जिला अस्पताल की!!
एक अनपढ़ महिला 9 महीने के अपने बच्चे को गांव के CHC में दिखाने जाती है वहाँ से डॉ कहते हैं बाड़मेर जिला अस्पताल लेकर जाइए, बच्चे के गले में कुछ अटक गया था।
महिला बाड़मेर जिला अस्पताल एमरजेंसी में लेकर आई, वहाँ से जवाब मिला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में 2nd फ्लोर लेकर जाइए!
महिला भागती हुई मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में आकर पर्ची कटवाती है और वहाँ पर किसी नर्सिंग स्टाफ को पूछकर 2nd फ्लोर किसी वार्ड में पहुँचती है,
जवाब मिला SNCU वार्ड में जाइए….
बच्चे को गोद में लिया हुआ जब SNCU पहुँचती है तो वहाँ जवाब मिलता है PICU जाइए।
3rd फ्लोर जल्दी वहाँ पहुँचते ही जवाब मिलता है आगे गली से होते हुए B वार्ड में जाइए।
B वार्ड में बैठे नर्सिंग कर्मचारी जवाब देते हैं अपने जोश में — यहाँ किसने भेजा आपको, आप PICU जाइए!
महिला की आँखों में आँसू और ऊपर से ये हालत अस्पताल के, देखिए आप।
अभी तो कहाँ, कहानी अब शुरू होगी।
महिला PICU में पहुँचती है तो वहाँ एक JR आते हैं, बोलते हैं यहाँ अभी कोई स्पेशल डॉ नहीं है, आपको हॉस्पिटल के पीछे डॉ साहब के क्वाटर में जाना होगा। कोई एक डॉ का नाम भी बताते है PICU मे बैठे JR.
महिला अनपढ़ है, उसका पति कमठे पर अपने गांव से दूर मजदूरी करने गया हुआ है।
बड़ा सवाल:-
क्या अस्पताल की एमरजेंसी से लेकर वार्ड तक कोई डॉ ऑन कॉल नहीं रहते??
रहते हैं तो अपनी मनमानी करते हैं।
इन ग़रीबों को कब तक ऐसे भटकना पड़ेगा??
@BarmerDm
यह तो हद ही हो गई! सोशल मीडिया पर आजकल कोई भी व्यक्ति किसी के बारे में कुछ भी लिखकर फैला देता है, बिना सच्चाई की परख किए।
बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी को आज कुछ लोग ट्रोल कर रहे हैं कि उन्हें ध्वजारोहण के दौरान किस तरफ खड़ा होना चाहिए, यह भी पता नहीं। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। मैं इस ट्रोलिंग वाले मामले पर इसलिए लिख रहा हूं, क्योंकि मैं स्वयं वहां उपस्थित था और जो कुछ हुआ, उसे अपनी आंखों से देखा है। जिला कलेक्ट्रेट के बाहर ध्वजारोहण के दौरान एक तरफ कर्मचारी तथा अधिकारी खड़े थे, तो दूसरी तरफ मीडिया के कुछ साथी। जैसे ही ध्वजारोहण हुआ, मैडम अपनी सही स्थिति में सलामी देते हुए खड़ी हो गईं। उसके बाद कुछ कैमरामैन ने कहा, "मैडम, इस तरफ खड़ी हो जाएं, ताकि ध्वज और आपका फोटो एक साथ आए, जिससे देशभक्ति का एक मजबूत संदेश जाए।" तभी पीछे खड़े सुरक्षा गार्ड ने भी कहा कि मैडम, उस तरफ देखिए।
अब सुनिए, ऐसा सिर्फ बाड़मेर में या यहां पहली बार नहीं हुआ। बल्कि हर जगह पर फोटो पोजिशन के लिए कैमरामैन और मीडिया वाले बड़े-बड़े अधिकारियों तथा नेताओं से निवेदन करते हैं । यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो हर कार्यक्रम में होती है। लेकिन टीना डाबी को इसलिए निशाना बनाया जाता है, क्योंकि उनके नाम की पहुंच सोशल मीडिया पर लोगों को आसानी से मिल जाती है। साथ ही, बाड़मेर जिला कलेक्टर मैडम अपने अच्छे स्वभाव के कारण कभी किसी को पलटकर जवाब नहीं देतीं। यदि उनकी जगह कोई और अधिकारी होते, तो इस तरह की साइबर बुलिंग और गलत अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकते थे।
सोशल मीडिया पर लिखने का अधिकार सबको है, लेकिन बिना कुछ समझे-बूझे, किसी की गरिमा का ध्यान रखे बिना यदि हम यूं ही जारी रखेंगे, तो मैं व्यक्तिगत रूप से इसे गलत मानता हूं। आइए, जिम्मेदारी से सोचें और सच्चाई का सम्मान करें।
@BarmerDm
हम युवाओं के साथ न्याय के लिए कांग्रेस शासन सहित 11 साल पहले जब से यह खेल शुरू हुआ तब से 2026 तक की भर्तियों की जांच की मांग करते हैं।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का यह बयान हास्यास्पद और जांच को भटकाने वाला है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) में पकड़े गए आरोपियों ने केवल कांग्रेस शासन में गड़बड़ी की।
यह सामान्य समझ की बात है कि जो व्यक्ति 2019 में ओएमआर शीट बदलने जैसा अपराध कर रहा था और 2026 तक उसी पद पर जमा रहा, तो क्या यह संभव है कि उसने भाजपा सरकार के कार्यकाल (2024-25) में अपराध करना बंद कर दिया हो?
जांच पूरी होने से पहले ही अपने कार्यकाल को 'क्लीन चिट' देकर मुख्यमंत्री जी क्या एसओजी (SOG) पर यह दबाव नहीं बना रहे हैं कि 2024-25-26 की फाइलों को खोला ही न जाए?
कल ही जोधपुर के शेरगढ़ उपखंड में सड़क पर रीट भर्ती परीक्षा 2025 के दर्जनों एडमिट कार्ड पड़े मिले हैं जबकि वहां 100 किलोमीटर तक कोई परीक्षा केन्द्र नहीं था। इसकी भी जांच की आवश्यकता है कि ये वहां कैसे पहुंचे या वहां कोई अनुचित कृत्य हुआ है।
ऐसा लगता है भाजपा सरकार का उद्देश्य इस सिस्टम को सही करने और युवाओं को न्याय देने की बजाय केवल राजनीति करना है।
हमारी सरकार ने गड़बड़ी मिलने पर पिछली सरकारों पर दोष मढ़ने के बजाय सख्त कार्रवाई की और RPSC सदस्य सहित 265 से अधिक लोगों को जेल भेजा। कठोरतम कानून बनाया, माफिया की संपत्ति ध्वस्त की। सरकार को डरना नहीं चाहिए, दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए अपने कार्यकाल की भी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।
अब ऐसा लगने लगा है कि भाजपा सरकार राज्य की जांच एजेंसियों पर यह दबाव बना रही है कि जांच केवल 2023 तक सीमित रखी जाए, 2024-25-26 की जांच न हो। SOG ने बताया है कि 11 साल से ओएमआर शीट में गड़बड़ी की जा रही थी। SOG तो राज्य पुलिस की विंग है, उसकी बात को तो राज्य सरकार गंभीरता से ले।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने वाले गिरोह के पकड़े जाने के 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन राज्य सरकार की रहस्यमयी चुप्पी चिंताजनक है।
हमारी सरकार ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आजीवन कारावास, 10 करोड़ जुर्माना और दोषियों की संपत्ति ज़ब्त जैसा देश का सबसे सख्त कानून बनाया और बिना किसी भेदभाव के RPSC सदस्य तक को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर नजीर पेश की। हमने गड़बड़ी मिलने पर कभी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़कर केवल पूर्ववर्ती सरकारों पर दोष नहीं मढ़ा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की।
अब 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली भाजपा सरकार बताए कि वह अपने कार्यकाल (2024-25) के दौरान हुई परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच करवाने की घोषणा करने से क्यों बच रही है? क्या भाजपा सरकार युवाओं के साथ न्याय नहीं करना चाहती है?
आप कहते हैं कि आप OMR ऑनलाइन डाल देंगे।
लेकिन उससे होगा क्या?
किसे पता कि जो OMR आप डालेंगे, उनमें गोले आप लोगों ने बोर्ड में बैठकर पहले ही बदल दिए हों।
बच्चे सबकी OMR देख सकेंगे, यह ठीक है।
लेकिन बच्चे किस-किस की OMR देखेंगे?
मुझे नहीं लगता कि सिर्फ OMR डाल देने से आप लोग चोरी करना बंद कर देंगे।
इसका एक सही तरीका है।
हर स्कूल में OMR collect होने से लेकर बोर्ड तक पहुँचने की पूरी प्रक्रिया लाइव रखी जाए।
OMR की scanning, result बनना और OMR का ऑनलाइन upload —
सब कुछ बोर्ड की वेबसाइट पर live दिखाया जाए।
आप लोग इतने दिनों तक result रोक कर रखते हैं।
आख़िर आप इतने दिनों में कौन-सा जादू करते हैं?
परीक्षा कराओ।
सात से दस दिन में result दो।
फिर अगली परीक्षा कराओ।
सब कुछ वेबसाइट पर live रखो।
अगर fund नहीं है, तो form के पैसे बढ़ा दो।
लेकिन इस तरह बच्चों को बेवकूफ बनाना बंद करो।
@alokrajRSSB@BhajanlalBjp@RajCMO
गलत काम का गलत नतीजा।
एक न एक दिन सच सामने आ ही जाता है। सभी जिम्मेवार कर्मचारियों को और युवा मित्रों को मेरी सलाह, अपना सुकून गिरवी मत रखो, खुद अपने सिर पर नंगी तलवार मत लटकाओ।
बाकी आपकी मर्जी।
SOG ने OMR लीक को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की...
OMR लीक से 63 marks के 182 कर दिए....
9 मार्कस के 259 मार्कस हो गए...
सालों से मेहनत करने वाले युवाओं को एक एक अंक के लिए दिनरात मेहनत करनी पड़ती है...
लेकिन OMR लीक से सैकड़ों युवाओं के सपनों का सौदा हो जाता है...
क्या OMR लीक के सबसे बड़े मगरमच्छ को SOG पकड़ पाएगी???
#OMR_का_खेल_बंद_करो
ये मैसेज मैने आज दोपहर में ही तैयार कर लिया था, मगर बोर्ड मीटिंग के बाद डिटेल्स नहीं भरी।
ऑफिस के नियमों का पालन करना ठीक रहता है। चलो कल बताएंगे डिटेल्स।
Yes, चाहे अध्यक्ष चाहे ऑफिसर चाहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, सब सहकर्मी हो होते हैं।
मुझे स्टाफ ने सलाह दी कि में अनऑफिशियली कट ऑफ जारी न करूं।
अब प्रयास है ऑफिशली कटऑफ जारी करूं, जैसे ही करूंगा, बताऊंगा।
सब से करबद्ध request की 16 जनवरी को शाम 5 बजे से पहले हमारी वेबसाइट पर न जाएं।
नीता जी, मार्क्स घटने बढ़ने का हिसाब आज नहीं बता पाएंगे, वो आपको कल पूरे 21 लाख कैंडिडेट्स की मेरिट लिस्ट में मिलेगा, हर कैंडिडेट के कितने मार्क्स घटे या बढे।
कल शाम 5 बजे तक इंतजार करो।
कृपया ये सबसे शेयर करो।