युवाओं के लिए संत आशारामजी बापू द्वारा संकलित संयम-उपदेशों की पुस्तिका ‘दिव्य प्रेरणा प्रकाश’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Sant Shri Asharamji Bapu
Hindu Sanskriti
Sewa Karya
#DharmRaksha
#DharmRaksha - Sant Shri Asharamji Bapu ने 60+ वर्षों तक अनगिनत Sewa Karya किए, धर्मांतरण रोकने, स्वधर्म जागरण और Hindu Sanskriti की रक्षा में अद्वितीय योगदान दिया। लाखों लोगों की घर-वापसी और समाज में नई धार्मिक चेतना - बापूजी की तपस्या का फल है। देखिए :
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Sant Shri Asharamji Bapu का जीवन बताता है कि जो समाज की सेवा करता है, वही सच्चा साधक है। Hindu Sanskriti के सिद्धांतों पर आधारित उनके Sewa Karya ने जीवन बदलने वाली सकारात्मक शक्ति उत्पन्न की। यही मार्ग है—समाज और संस्कृति की #DharmRaksha का।
Hindu Sanskriti की महिमा बताते हुए Sant Shri Asharamji Bapu कहते हैं कि हिंदू सहिष्णु है, उदार है, ये बात सब अच्छी है लेकिन हिंदू मूर्ख नहीं है, कायर नहीं है।
जब जब इस संस्कृति पर आक्रमण हुए हैं तब तब ये पुनः वेग से ऊपर आई है।
संत श्री ने अपने Sewa Karya से #DharmRaksha की है।
Sant Shri Asharamji Bapu encourages Hindus to be woke & make all efforts to protect Sanatan Dharma .
He worked relentlessly to put halt on Dharmantaran in India.
His initiative "Bhajan karo Bhojan karo Dakshina pao" is one of a kind.
#स्वधर्मे_निधनं_श्रेयः
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