कावड़ यात्रा के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं....??
कावड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य शिव भगवान् के भक्तों द्वारा की जाने वाली एक महत्वपूर्ण वार्षिक तीर्थयात्रा है.
जहाँ महादेव का संरक्षण, माँ पार्वती का वात्सल्य और श्री गणेश का मंगल आशीर्वाद हो, वहाँ हर अंधकार स्वयं प्रकाश में बदल जाता है।
हर हर महादेव🙏❤️🕉️
🌻🌺 शुभ संध्या
शिव स्नेह, शिव राग, शिव ही अनुराग है।
शिव कली, शिव कुसुम, शिव ही पराग है॥
ॐ ॐ ॐ ...
शिव भौग, शिव त्याग, शिव तत्व-ज्ञान है।
शिव भक्ति, शिव प्रेम, शिव ही विज्ञान है।
ॐ ॐ ॐ ...
पावन श्रावण माह की हार्दिक शुभकामनाएँ!
#हर_हर_महादेव ! 🌿🍃
🦚 कितना सुंदर होगा वह पल, जब श्रीकृष्ण आपका भी हाथ थाम लें। ❤️🙏
राधा और श्रीकृष्ण का यह दिव्य मिलन केवल प्रेम की कथा नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के शाश्वत संबंध का प्रतीक है। जब जीवन की राह कठिन लगे, मन अशांत हो और हर दिशा अंधकारमय दिखाई दे, तब राधा-कृष्ण का प्रेम हमें विश्वास दिलाता है कि सच्चा प्रेम कभी दूर नहीं होता। जिस प्रकार पूर्णिमा का चाँद अंधेरी रात को भी उजाला दे देता है, उसी प्रकार श्रीकृष्ण का स्मरण जीवन के हर दुःख को आशा में बदल देता है।
इस सुंदर दृश्य में राधा जी की प्रेमभरी मुस्कान और श्रीकृष्ण की करुणामयी दृष्टि हमें यह संदेश देती है कि जहाँ विश्वास, समर्पण और भक्ति होती है, वहाँ हर कदम पर भगवान का साथ मिलता है। संसार की दौड़-भाग में हम बहुत कुछ पा लेते हैं, लेकिन मन की शांति केवल प्रभु के चरणों में ही मिलती है। यदि आपका हृदय भी राधा-कृष्ण के प्रेम से जुड़ा है, तो अपने जीवन में प्रेम, करुणा, क्षमा और सेवा का दीप अवश्य जलाइए।
आज एक क्षण निकालकर पूरे मन से बोलिए— "राधे राधे"। विश्वास रखिए, प्रभु आपकी हर प्रार्थना सुनते हैं और सही समय पर उसका उत्तर भी देते हैं। उनकी कृपा से असंभव भी संभव हो जाता है।
श्री राधा-कृष्ण की असीम कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। 🙏💙🌸
यात्री हूँ मैं तो, जी !
रख न सकेगा कोई मुझे धरे।
सुख-दुःख के बन्धन सारे हैं झूठे,
बँधा हुआ यह घर न रहेगा पीछे;
विषय- #भार खींचता मुझे है नीचे !
ढह जाएगा टूट-फूटकर यह तो॥
-रवींद्रनाथ टैगोर
#भार#लेखनी@AarTee33@pareeknc7