झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र से लोकप्रिय सांसद आदरणीय श्री बृजेन्द्र सिंह ओला जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूँ ।
@Brijendra_ola
जिस तरह करौली और आज दौसा में हजारों की भीड़ ने यह तय कर दिया है कि राजस्थान का चेहरा कौन होगा?
आप लोगों को बहुत जल्दी खुशखबरी मिलेगी 🔥
जयपुर ग्रामीण से लोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी "अनिल चोपड़ा"
1600 वोट का डिफरेंस मामला अदालत में!
@AnilChopra_@SachinPilot@RahulGandhi@priyankagandhi
कन्हैया कुमार से बहस करना आसान है, लेकिन तथ्यों के सामने टिकना मुश्किल
हर्षवर्धन पिच पर उतरे थे हमला करने, वापस गए जवाबों की बौछार झेलकर 😭
Kanhaiya Kumar 🔥
ईरान वालों ने अंजना ओम कश्यप के मुंह पर
Fals News लिखा है,
निश्चित ही इससे अंजना की इससे मानहानि हुई है,
ऐसे में अंजना जब मानहानि का मुकदमा करेगी तो
ईरान वालों से कितना रुपया मांगेगी,
@grok तू बता कितना रुपया मांगना चाहिए,
या तेल का कुआँ मांग लेना चाहिए,
ममता बनर्जी ने बीजेपी के ऑपरेशन लोटस का पासा एक झटके में पलट दिया है।
शत्रुघ्न सिन्हा ने सब हिला कर रख दिया है।
तृणमूल कांग्रेस को लोकसभा में तोड़ने के लिए कम से कम 20 सांसदों की आवश्यकता थी। जिनकी संख्या कल तक 19 थी, वे आज घटकर केवल 17 रह गए हैं; 2 सांसद वापस ममता बनर्जी के पाले में लौट आए हैं।
बीजेपी, काकोली घोष के सहारे अपनी जीत की कहानी को पक्का समझ चुकी थी, जिन्हें बीजेपी पर्दे के पीछे 10 साल पहले ही तोड़ चुकी थी।
सयानी घोष और सुष्मिता देव की जोड़ी की कोशिशें भी बेकार हो गईं।
अब 17 सांसदों के सहारे काकोली घोष के साथ बाकी 16 की भी सदस्यता जाएगी। इनमें से ज्यादातर सांसद महिलाएं हैं।
शत्रुघ्न सिन्हा और प्रतिमा मंडल ने पूरी बाजी पलट दी है।
#MamataBanerjee #BJP #OperationLotus #TMC
गोदी मीडिया और गोदी एंकर्स क्यों भारत 🇮🇳 की नाक कटवाने पर तुले हुए हैं … ???
भारत के भीतर तक झूठी ख़बरों को प्लांट करवाने और चलाने तक तो समझ आता है कम से कम ये फ़ज़ीहत तो मत करवाते.
#Shame
Besharam Kashyap. She is symbol of Cheap journalism.
She is a National Disgrace.
@anjanaomkashyap#godimedia
I apologize to People of Iran for the fake news being spread by one of the media house from India.
🙏🙏🙏
@Iran_in_India
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in India categorically rejects the reports and claims circulated by certain media outlets regarding the economic situation in Iran and alleged difficulties in the supply of essential goods and public necessities.
It is emphasized that, despite the imposition of three wars and extensive pressures against the Iranian nation, no shortage of essential commodities or basic necessities has occurred to date. Owing to the effective measures and responsible management of the Government of the Islamic Republic of Iran under the leadership of President Dr. Masoud Pezeshkian, the procurement, supply, and distribution of the goods required by the country continue in a normal, stable, and uninterrupted manner.
The Embassy of the Islamic Republic of Iran also urges respected Indian media organizations to obtain and disseminate news and reports concerning Iran from credible, official, and verifiable sources. In this regard, it should be recalled that Iran International is a media outlet affiliated with opponents and adversaries of the Iranian people and has a long record of disseminating biased narratives aligned with anti-Iranian political agendas. Consequently, it cannot be regarded as a credible source for accurately reflecting the realities of Iran.
@aajtak
सचिन पायलट जी नाराज होंगे फिर भी मैं बोलूंगा!
अशोक गहलोत बार बार कहते हैं हमने 10 करोड़ लिए में कहना चाहता हूं मेरा नार्को टेस्ट करवा लो अगर पैसे लिए हो तो !
पर नार्को टेस्ट गहलोत जी को भी करवाना पड़ेगा कि निर्दलीय और बीजेपी विधायकों को पैसे दिए या नहीं दिए 🤣😂
जब जब कांग्रेस आगे बढ़ती है यह आदमी पीछे लाता है! 😂🤣
पूर्व मंत्री रमेश मीणा जी
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द आदेश पर लगी रोक।
चुनाव आयोग ने रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला पलटा!
यह कांग्रेस की लड़ाई की जीत है
जीतू पटवारी के संघर्ष की जीत है
आज मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी श्रीमती मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन खारिज किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्नचिह्न खड़ा करने वाला कदम है।
जिन कारणों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया गया है, वे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हैं। यदि विपक्षी उम्मीदवारों को तकनीकी आधारों पर चुनावी मैदान से बाहर करने की कोशिश की जाएगी, तो इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता कमजोर होगी और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचेगी।
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव होते हैं। चुनावी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिसमें हर दल और हर उम्मीदवार को समान अवसर मिले। लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि चुनाव निष्पक्ष हों और किसी भी प्रकार के राजनीतिक प्रभाव या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
@INCIndia@INCMP@MNatarajanINC@JitendraSAlwar@UmangSinghar@Barmer_Harish
मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द करना सत्ता के नशे में चूर भाजपा की एक सोची-समझी साजिश है, जिसके जरिए उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का गला घोंटने का पाप किया है।
लेकिन कांग्रेस इस तानाशाही के सामने झुकने वाली नहीं है, चुनाव आयोग में हमने अपनी तीखी आपत्ति दर्ज करा दी है। कांग्रेस नेतृत्व ने एक सुर में हुंकार भरी है कि— 'लोकतंत्र को कमजोर करने की इस कायरतापूर्ण और ओछी राजनीति का पर्दाफाश किया जाएगा। — श्री @SachinPilot जी ।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं किसान नेता स्व. श्री राजेश पायलट जी की पुण्यतिथि "प्रेरणा दिवस" पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में आप सभी सादर आमंत्रित है।
@SachinPilot