परशुराम का फरसा जागे, रघुनंदन के बाण जागें✊
यदुनंदन का चक्र जागे, चोटी वाला चाणक्य जागे🚩
एक-एक आवाज़ मिलकर हज़ार बनती है,
साथ देते रहें, सवर्णों में जागृति हम लाके रहेंगे✍️
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20 साल जेल में एक निर्दोष व्यक्ति Fake SC/ST केस में सड़ता रहा, फिर अदालत से बरी हुआ, लेकिन UP सरकार के मुताबिक यह “मानवाधिकार उल्लंघन” नहीं है।
विष्णु तिवारी को मुआवज़ा देने से इनकार करते हुए सरकार ने NHRC को यही जवाब दिया।
शायद किसी सवर्ण या ओबीसी का 20 साल की आज़ादी छीन लेना भी अब ‘मानवीय आधार’ में नहीं आता!
गजब का कानून है! चोर को पकड़ो तो खुद ही मुजरिम बन जाओ!हरियाणा में एक परिवार ने घर में चोरी करते चोर को पकड़ा और पुलिस को सौंप दिया। 3 दिन बाद उसी चोर ने पीड़ित परिवार पर ही SCSTएक्ट का केस ठोक दिया। देश का कानून अपराधियों को सुधारने के लिए है या बेकसूरों को प्रताड़ित करने के लिए?
जिस देश में SC/ST एक्ट के तहत हुए 100 में से एवरेज 12 केस ग़लत शिकायत के निकल रहे हों
राजस्थान में तो ये नंबर 100 में से 40+ केस का है
फिर भी SC/ST एक्ट के ग़लत इस्तेमाल पर कोई चर्चा तक करने को तैयार नहीं है।
कहा तो जाता है कि 100 गुनहगार छूट जायें पर एक मासूम नहीं फँसना चाहिए.. ग़लत केस में फँसे मासूम जनरल केटेगरी के हों तो फ़रक नहीं पड़ता क्या?
एक पुरानी पोस्ट:-
कैंसर एक ऐसी बीमारी ने जिसने करोड़ो घर तबाह किए हैं ।
सिर्फ मरीज ही नहीं बल्कि मरीज के परिवारों को ।
दवाइयों का खर्च वहन करते करते लोग टूट जाते हैं ।
और कैसे नहीं टूटेंगे अगर 600 रुपये की दवाई पर सरकार ने छूट दे रखी है 12000 रुपये MRP रखने की ।
जी हाँ ।
दवाई है Paclitaxel ।
रिटेलर खरीदते हैं 600 में और MRP है 12000.
एक मरीज को कई बार 20-30 vial की ज़रूरत पड़ती है ।
और ये कोई एक दवाई की बात नहीं ।
कीमोथेरेपी की ज़्यादातर दवाइयों का यही हाल है ।
200% मार्जिन भी समझ में आता है लेकिन 1900% margin??
वो कैंसर जैसी बीमारी में , जिसका इलाज वैसे भी काफ़ी लंबा चलता है??
ग़रीब तो मर ही जाएगा ना?
ये तो ठीक नहीं हैं ना साहब ?
@PMOIndia
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200 ट्रैक्टरों के साथ पहुँची भीड़ सवाल पूछ रही है
आखिर कब तक अनसुना करोगे?✊🚜
कहीं सुना था—समय और समझ एक साथ नहीं आती, आज दोनों का फर्क सड़कों पर साफ़ देखने को मिल रहा है!✊🚩
#resarvation#up#agra#ugc#indian
RJD प्रवक्ता कंचना यादव कहती हैं कि General Category के छात्रों को “झूठे मामलों में फँसाया जाना चाहिए”, क्योंकि उन्होंने कथित तौर पर 90% SC/ST/OBC आबादी को अधिकार नहीं दिए।
तो तर्क यह है: 90% अल्पसंख्यक हैं, 10% बहुसंख्यक हैं, और 10% को झूठे मामलों में फँसाया जाना चाहिए?
यही पूरे भारत में हो रहा है -और BJP ने SC/ST Act के तहत General Category और OBC लोगों पर लगाए गए झूठे मामलों में मुआवज़ा देकर इसको एक Business बना दिया है ल
“भारत की टैक्स व्यवस्था अमेरिका के बराबर प्रतिस्पर्धी है, लेकिन जनता को मिलने वाली सुविधाएँ बांग्लादेश जैसे देशों के करीब हैं।”
— अशनीर ग्रोवर, BharatPe के संस्थापक
IIT बॉम्बे की फैकल्टी प्रोफेसर दुल्ला के सपोर्ट में आ गई है।
अब IITs के छात्रों और फैकल्टी पर ही दारोमदार है कि इन प्रीमियर इंस्टीट्यूशंस को इस गंदी राजनीति से बचाया जा सके।
मोदी जी से तो कोई उम्मीद बची नहीं है।
आगरा की जनता ने हौसला बढ़ाने का काम किया है,
यूजीसी के ख़िलाफ़ आगरा में सर्वसमाज के लोगों का जनसैलाब सड़कों पर उतर आया, सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर लेकर जनता ने विरोध प्रदर्शन किया !