मुख्यमंत्री द्वारा JSSC-CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भूख हड़ताल खत्म की।
झारखंड के छात्रों ने बिना गाली दिए और बिना लिंचिंग किए सरकार को झुका दिया।
उनकी ज़्यादातर मांगे माननी पड़ी हैं सरकार को। हालांकि CBI जाँच की बात रह गई लेकिन झारखंड के छात्रों ने एक उदाहरण सेट कर दिया है।
जिया हो झारखंड के लाला 🫡
असली भूख हड़ताल ऐसी होती है, जहाँ शरीर चेहरा सब बता देता है कि ये सच मे इतने दिन से भूखा है
अब इस भूख हड़ताल से जंतर मंतर वालों की भूख हड़ताल से कमपेयर करके देखिए।
भूख हड़ताल के 16वें दिन सदर अस्पताल में मेरा BP 84/39 दर्ज किया गया। पिछले दो दिनों से BP लगातार कम बताया जा रहा है। इसके साथ सीने में दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी , जांच के दौरान शरीर में कीटोन की मात्रा भी पाई गई है और शरीर में बढ़ती कमजोरी की शिकायत है।
सदर अस्पताल में एक्स-रे, रक्त जांच, शुगर जांच सहित अन्य मेडिकल जांच लगातार चल रही हैं।
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के न्याय और अधिकार की लड़ाई को लेकर मेरी भूख हड़ताल जारी रहेगी। मेरी कोशिश सिर्फ आज की लड़ाई तक सीमित नहीं है। मैं चाहता हूँ कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे ठोस सुधार हों, ताकि आने वाली पीढ़ी को अपने अधिकार और बेहतर शिक्षा के लिए इस तरह का संघर्ष न करना पड़े।
#DevendraNathMahato
#JharkhandStudentProtest
#JharkhandProtest
झारखंड में चल रहा छात्रों का आंदोलन अगर एग्रेसिव आंदोलन बन जाए तो बड़ी बात नहीं |
क्योंकि झारखंड सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों को छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी मान रही है |
लेकिन छात्र अभी संयम दिखाते हुए खुद को कंट्रोल करे हुए हैं पर यह कंट्रोल ज्यादा देर का मेहमान नहीं लगता |
अब जल्दी ही इन छात्रों की मांग नहीं मानी गई तो ऐसा ना हो कि प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार से सुरक्षा की गुहार लगानी पड़े |
भूख हड़ताल के 15वें दिन स्थिति बेहद नाज़ुक और अंतिम चरण में है। कल सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया है। उम्मीद है कि इस बातचीत का परिणाम सकारात्मक होगा और शिक्षा व्यवस्था में ऐसा सुधार होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी को वह दर्द, संघर्ष और कठिनाई न झेलनी पड़े, जो आज कई युवा झेल रहे हैं।
हम चाहते हैं कि शिक्षा ऐसी बने, जिसके लिए किसी विद्यार्थी को अपने हक़ के लिए इतना संघर्ष न करना पड़े। शिक्षा व्यवस्था में ऐसा स्थायी सुधार हो, जिसका लाभ पीढ़ी दर पीढ़ी मिले।
#DevendraNathMahato
#JharkhandStudentProtest
#JharkhandProtest
देश आज़ादी का जश्न मना रहा है और उधर 14 दिन से भूखे प्यासे बैठे व्यक्ति के साथ ये हो रहा है झारखंड में।
ये है आज़ादी?
“हम लेकर रहेंगे आज़ादी” का नारा लगाने वाले कहीं नहीं दिखेंगे अब इसपर छाती पीटते।
कॉकरोच अभी BJP शासित राज्य घूमने में बिजी हैं।
गजबे है
ये है झारखंड पुलिस की सच्चाई।
14 दिनों से भूखे बैठे देवेंद्रनाथ महतो पर बल प्रयोग कर रही है।
आजादी के इस उत्सव के दिन भी उनकी आजादी छीनी जा रही है और उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है।
राहुल गांधी और हेमंत सोरेन जी,
आज स्वतंत्रता दिवस अवसर पर कम से कम आम नागरिकों के स्वतंत्रता और अधिकारों का हनन तो मत कीजिए।
देवेंद्र नाथ महतो जी के साथ किया गया यह दुर्व्यवहार कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों के तानाशाही रवैये और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
देवेंद्रनाथ महतो इस समय सदर अस्पताल में भर्ती हैं और तिरंगा यात्रा में शामिल होने की जिद पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि वह तिरंगा यात्रा में शामिल होकर सरकार के सामने छात्रों की मांगों और उनकी आवाज को प्रमुखता से रखना चाहते हैं।
अस्पताल से बाहर निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी बीच देवेंद्रनाथ महतो और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
#devendranathmahato #jharkhandnews #ranchinews #jharkhandstudentmovement #studentprotest #tirangayatra #ranchi
हिंदुओं इस राहुल गांधी की असलियत लाइव
कैमरे पर सामने आ गई कह रहा है
"वंदे मातरम हमारा गाना नहीं है" "हम यहां वंदे
मातरम नहीं गाते" "हम यहां अपना गाना गाते हैं"
हम यहां वंदे मातरम् नहीं गाते दिन-ब-दिन वो
साबित कर रहे हैं कि वे फ़िरोज़ खान के वंश से हैं
इनके DNA में ही पूरी गड़बड़ है