One of our Kashmiri Pandit brothers,who lost 17 members of his family,is requesting Hindus to unite in order not to become another kashmir in future...
#KashmirFilesTruth#TheKashmirFiles 😥😥
माननीय सांसद श्री @RamvirBidhuri जी के नेतृत्व में विकास सदन में @official_dda के उपाध्यक्ष श्री @saravanakr_n जी के साथ घोंडा विधानसभा से संबंधित DDA के विभिन्न विषयों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक में क्षेत्र के विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े विषयों के शीघ्र समाधान तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
@BJP4India@BJP4Delhi
#KheloIndiaSamvaad: Khel Ki Baat PM Ke Saath के अवसर पर माननीय केंद्रीय मंत्री श्री @HardeepSPuri जी, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति श्री योगेश सिंह (@YeDesHaiMera) जी एवं Olympian तथा Arjuna Awardee श्री Rahul Banerjee जी की उपस्थिति में युवा शक्ति के साथ संवाद किया।
युवा शक्ति, खेल शक्ति और विकसित भारत का संकल्प।
#NationalSportsDay #KheloIndia #MYBharat #YuvaShakti #FitIndia
@PMOIndia@narendramodi@NitinNabin@BJP4India@BJP4Delhi
अलीबाबा के 40 चोरों में से एक है @Sanjeev_aap 🤦♂️
@ArvindKejriwal अपने विधायक संजीव झा की मक्कारी देखिए…AI से गली बनवाकर पोस्टर भी लगवा दिए 😂
AI से बनी गली गली की असली फोटो
#Nepal
सभी पार्षद साथी, हमारे सभी कार्यकर्ता साथी और सभी अधिकारीगण इस बधाई के पात्र हैं कि इतने कम समय में, 1 अगस्त को योजना लागू होने के बाद से आज तक 9 लाख 22 हजार बहनों ने इस योजना में अपना नाम रजिस्टर किया है। और आज ₹2500 की दिल्ली लक्ष्मी योजना में पहली 2500 बहनों को हमने 1/2
Heartfelt tribute to those who died in the massive flood in Nepal.
The loss of lives due to the massive floods and natural disasters in Nepal is extremely sad and heartbreaking. In this difficult time, we all Indians express our deepest condolences to the families of the deceased.
May God grant peace to the departed souls at His feet and give strength to the bereaved families to bear this immense loss.
Om Shanti 🙏😥
#NepalFloods #Nepal #Rasuwa #FlashFlood #Floods
#Nepal
नेपाल में आई भीषण बाढ़ मे दिवंगत हुए सभी लोगों को प्रभु अपने श्री चरणों में स्थान दे एवं
ईश्वर से प्रार्थना है कि इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों को संबल दे
ॐ शांति
#Nepal 😥
सच्ची श्रद्धा से किया गया माँ बगलामुखी का स्मरण जीवन में नई ऊर्जा और नई आशा का संचार करता है। माँ अपने भक्तों की हर प्रार्थना सुनती हैं और उन्हें सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
प्रतिदिन की तरह आज भी विधायक जन सेवा सदन (घोंडा विधानसभा), यमुना विहार में आए हुए नागरिकों से मुलाक़ात कर उनके विषयों को सुना और उसके समाधान पर चर्चा की साथ ही दिल्ली सरकार की दिल्ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदन पत्रों के एंडोर्समेंट हेतु उन्हें स्वीकार किया।
@BJP4India@BJP4Delhi@CMODelhi@gupta_rekha@hdmalhotra
दिल्ली की नारी शक्ति के सम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के माध्यम से ₹2,500 प्रतिमाह का यह सहयोग अनेक परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनेगा और महिलाओं को अपने निर्णयों को और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाने का अवसर देगा।
यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता, प्रखर वक्ता पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व• श्री अरुण जेटली जी की पुण्यतिथि पर उनको विनम्र श्रद्धांजलि।
@BJP4India@BJP4Delhi@rohanjaitley
आज संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के अवसर पर तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ के अंतर्गत पावन कलश वंदन एवं वितरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी द्वारा जिलाध्यक्षों को कलश प्रदान 1/3
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज, जिन्होंने उस समय, जब उस युग में धार्मिक निराशा थी, उस कालखंड को भक्ति काल के रूप में हम सबको, उस समय के समाज को प्रस्तुत किया।
उन्होंने कर्म, वैराग्य और करुणा से समाज में जनजागृति का कार्य प्रारंभ किया था। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती भारतीय जनता पार्टी मना रही है।
#SamrastaSankalpAbhiyan
।। श्वेताश्वतर उपनिषद् ।।
एकैकजालं बहुधा विकुर्वन्
अस्मिन् क्षेत्रे संहरत्येष देवः ।
भूयः सृष्ट्वा पतयस्तथेशः
सर्वाधिपत्यं कुरुते महात्मा ।।३।।
(पञ्चमोऽध्यायः)
वेदान्त-दर्शन का मूल प्रतिपाद्य है कि सम्पूर्ण चराचर जगत् किसी अचेतन संयोग अथवा स्वतन्त्र भौतिक कारण का परिणाम नहीं, अपितु एकमात्र परम चेतन ब्रह्म की मायाशक्ति से अभिव्यक्त नाम-रूपात्मक विश्व है। वही परमात्मा सृष्टि का कारण, धारक, संहारकर्ता तथा समस्त परिवर्तनशील जगत् का नित्य एवं अपरिवर्तनशील अधिष्ठान है। श्वेताश्वतरोपनिषद् के पञ्चम अध्याय का यह तृतीय मन्त्र इसी परम सत्य का अत्यन्त सूक्ष्म दार्शनिक निरूपण करता है।
भगवत्पाद के अनुसार जगत् ब्रह्म का वास्तविक परिणाम नहीं, अपितु मायोपाधि के कारण प्रतीत होने वाला विवर्त है। सृष्टि, स्थिति और प्रलय परम सत्ता में अधिष्ठित व्यावहारिक सत्य हैं; परमार्थतः ब्रह्म सदा नित्य, निर्विकार, अखण्ड और अद्वितीय है।
मन्त्र का आरम्भ है- “एकैकजालं बहुधा विकुर्वन्।” यहाँ “जाल” से अभिप्राय मायामय विश्व-प्रपञ्च से है। एक ही कारण में स्थित यह जगत् अनेक नामों और रूपों में अभिव्यक्त होता है। “बहुधा विकुर्वन्” का अर्थ यह नहीं कि परमब्रह्म स्वयं अनेक भागों में विभक्त हो जाता है। अनेकता केवल नाम-रूपों की है; तत्त्वतः ब्रह्म में कोई वास्तविक विभाजन नहीं होता। जैसे एक ही सूर्य अनेक जलाशयों में असंख्य प्रतिबिम्बों के रूप में दिखाई देता है, किन्तु अपने स्वरूप में एक ही रहता है, वैसे ही एक ब्रह्म अनन्त जगत् के रूप में प्रतिभासित होता है।
मन्त्र आगे कहता है- “अस्मिन् क्षेत्रे संहरत्येष देवः।” यहाँ “क्षेत्र” सम्पूर्ण देह, प्रकृति, जगत् और अनुभव के क्षेत्र का द्योतक है। परमेश्वर इस क्षेत्र का केवल स्रष्टा ही नहीं, अपितु संहारकर्ता भी है। किन्तु संहार का अर्थ सर्वथा विनाश नहीं, बल्कि नाम-रूपों का अपने कारण में लीन हो जाना है। जैसे स्वप्न जागरण में विलीन हो जाता है, वैसे ही प्रलयकाल में सम्पूर्ण जगत् मायोपाधि सहित अव्यक्त अवस्था को प्राप्त हो जाता है। ब्रह्म में कोई परिवर्तन नहीं आता; केवल विश्व-प्रपञ्च अप्रकट हो जाता है।
इसके पश्चात् मन्त्र कहता है- “भूयः सृष्ट्वा”, अर्थात् वही परमेश्वर पुनः सृष्टि को अभिव्यक्त करता है। सृष्टि कोई प्रथम बार घटित होने वाली घटना नहीं, बल्कि अनादि काल से प्रवाहित आविर्भाव और तिरोभाव का चक्र है। जीवों के संचित कर्मों के अनुरूप ईश्वर पुनः जगत् की रचना करता है। यह सृष्टि मनमानी नहीं, अपितु कर्म-सिद्ध न्याय-व्यवस्था से संचालित है। सर्वज्ञ, निष्पक्ष और सर्वनियन्ता परमेश्वर प्रत्येक जीव को उसके कर्मानुसार उपयुक्त देह, परिस्थिति और अनुभव-क्षेत्र प्रदान करता है।
मन्त्र के अन्तिम शब्द “पतयस्तथेशः सर्वाधिपत्यं कुरुते महात्मा” ईश्वर की सार्वभौम सत्ता का उद्घोष करते हैं। देवता, प्रजापति, ब्रह्मा तथा अन्य सभी अधिष्ठाता देव भी पूर्णतः स्वतन्त्र नहीं हैं। वे उसी परमेश्वर की शक्ति और व्यवस्था से अपने-अपने दायित्वों का निर्वाह करते हैं। परमेश्वर ही देवों का देव, ईश्वरों का ईश्वर और समस्त अधिपतियों का परम अधिपति है। उसकी परम सत्ता से परे कोई अन्य स्वतन्त्र नियामक नहीं है।
अद्वैत की दृष्टि से सृष्टि, स्थिति और संहार ब्रह्म के वास्तविक धर्म नहीं हैं। ये मायोपाधि से सम्बद्ध ईश्वर के व्यावहारिक कार्य हैं। परमार्थतः ब्रह्म न सृष्टि करता है, न संहार करता है और न किसी परिवर्तन को प्राप्त होता है। वह स्वप्रकाश, नित्य, शुद्ध और निर्विकार चैतन्य है। जैसे अभिनेता अनेक पात्रों का अभिनय करता हुआ भी अपने वास्तविक स्वरूप में अपरिवर्तित रहता है, वैसे ही ब्रह्म माया के माध्यम से समस्त विश्व-व्यवहार का आधार होकर भी उससे सर्वथा असंग रहता है।
इस मन्त्र का साधना-पक्ष भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। जब साधक यह समझ लेता है कि सम्पूर्ण जगत् का उदय, विस्तार और लय उसी एक परम चेतना में हो रहा है, तब सांसारिक परिवर्तन उसे विचलित नहीं कर पाते। जन्म-मृत्यु, लाभ-हानि, निर्माण-विनाश तथा संयोग-वियोग ये सभी कालबद्ध घटनाएँ हैं; नित्य सत्य केवल ब्रह्म है। यही दृष्टि साधक के अन्तःकरण में वैराग्य, समत्व और आत्मनिष्ठा को जन्म देती है। तब वह परिवर्तनशील संसार में रहते हुए भी अपरिवर्तनशील सत्य में प्रतिष्ठित रहना सीखता है।
आधुनिक युग में भी यह मन्त्र पूर्णतः प्रासंगिक है। विज्ञान हमें ब्रह्माण्ड की संरचना और उसके नियमों का ज्ञान प्रदान कर सकता है, किन्तु अस्तित्व के परम अधिष्ठान का बोध नहीं करा सकता। उपनिषद् स्मरण कराते हैं कि दृश्य जगत् का अध्ययन आवश्यक है, परन्तु उससे भी अधिक आवश्यक उस चैतन्य का साक्षात्कार है, जो प्रत्येक परिवर्तन का प्रकाशक और साक्षी है।
#AvdheshanandG_Quotes
समरसता का संदेश, एकता का संकल्प! 🙏
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती पर तालकटोरा स्टेडियम में ‘समरसता संकल्प अभियान’ के पावन कलश बंधन एवं वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।
गुरु रविदास जी के समानता, समरसता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin जी ने नई दिल्ली में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत पावन माटी कलश ‘वंदन एवं वितरण कार्यक्रम’ को संबोधित किया।
जिसमें हमारी लोकप्रिय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री @gupta_rekha जी हमारे लोकप्रिय प्रदेश अध्यक्ष आदरणीय श्री @hdmalhotra जी हमारे लोकप्रिय सांसद आदरणीय श्री @ManojTiwariMP जी हमारे लोकप्रिय जिला अध्यक्ष बड़े भाई आदरणीय श्री @drukchaudhry जी ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती पर कलश अपने सिर पर धारण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए
@narendramodi@BJP4India
#SamrastaSankalpAbhiyan