@jpsin1 मूर्��� तो तुम खुद हो जानकारी कुछ नहीं बकवास कर रहे हो सरकार ने राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 के तहत चीनी मिलों और डिस्टिलरी को गन्ने के रस (Sugarcane Juice) और शुगर सिरप से सीधे इथेनॉल बनाने की अनुमति दे दी है। इसके लिए पुरानी नीति में संशोधन भी किया गया।
@SurajKrBauddh 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम तक अवध और मध्य उत्तर प्रदेश के कई छोटे गढ़ों व रियासतों पर पासी राजाओं और जमींदारों का प्रभाव और नियंत्रण बना रहा।
इस जाति को दलित किस ब्राह्मण ने घोषित कर दिया किसने उन्हें हंडी झाड़ू बांधा।
@dromsudhaa पासी जाति को दलित जाति ब्राह्मण ने बनाया या अंग्रेज और उनके दलालों ने?
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम तक अवध और मध्�� उत्तर प्रदेश के कई छोटे गढ़ों व रियासतों पर पासी राजाओं और जमींदारों का प्रभाव और नियंत्रण बना रहा।
समाज में अछूत और दलित कैसे बनते थे उनके अध्ययन से पता चलेगा।
@dromsudhaa पासी जाति तो कितने राजा महाराजाओं को पैदा कर चुकी है दलित तो इसे अंग्रेजों और अंग्रेजों के दलालों ने बना दिया
महाराजा सुहेलदेव पासी
वीरांगना उदा देवी पासी:
महाराजा बिजली पासी:
महाराजा सातन पासी
महाराजा गंगाबख्श पासी
महाराजा देविदीन पासी
इतिहास पढ़ो अगर गलत हो तो बोलना।
@JmmJharkhand जो गन्ना चीनी बनाने के लिए चीनी के मिल में जाने थी उनके बच्चों ने इथेनॉल बनाने के लिए अपनी फैक्ट्री में मंगवा लिया।
उनके बच्चों और देश हित में इस बार शुगर फ्री मिठाइयां खाईए।
@dromsudhaa अपने ही देश में ऐसे भी लोग हैं जो सक्षम होते हुए भी विकलांग बच्चों को दिखाकर उनके नाम पर मांग कर खाते हैं।
कुछ लोगों के साथ मजबूरी भी होती है लेकिन कुछ ने तो इसे धंधा ही बना लिया है।
तुम्हारे जैसे लोग इनके बच्चों की स्टार्टिंग लाइन मे अपने बच्चों को खड़ा करने की जिद में अड़े हो
@BJP4Jharkhand इनका ��ाम है बच्चों को चुटिया बनाना यह जानते हैं एक तरफ इन्होंने परीक्षा और रिजल्ट रद्द करवा दिया बच्चे नाचते गाते घर चले जाएंगे और दूसरी तरफ से कोर्ट से इसका स्टे आर्डर करवाएंगे।
सीआईडी जांच चलता रहेगा अदालत में गवाही पलट जाएंगे
@BJP4Jharkhand JPSC अध्यक्ष खियांगते पर ₹2 करोड़ की रिश्वत और 20% कमीशन लेने का आरोप तो तिवारी जी के माध्यम से लगा दिया सीआईडी जांच की वाह बाही लूट लिया लेकिन वह दो करोड़ रूपया किसके पास गया यह भी बता देते बाद में अदालत में तिवारी जी बयान से पलट भी तो सकते हैं।
@BJP4Jharkhand सरकार भी जानती है प्रभावित कर्मचारी और सफल अभ्यर्थी इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। अगर कोर्ट को लगता है कि सरकार का फैसला बिना ठोस सबूतों के लिया गया है, तो वह फैसले पर अंतरिम रोक (interim stay) लगा सकती है।
फिर इस आंदोलन का रिजल्ट जीरो हो जाएगा।
@dromsudhaa ऐसे पत्रकार को जूते मारना चाहिए क्या तुम अपनी मां बहन को लेकर ऐसे एक्सपेरिमेंट करने के लिए तैयार होगे।
क्या कोई पत्रकार अपनी मां को ऐसे घूमा कर पूछ सकता है क्या तुम उसके साथ दुष्कर्म क���ने को तैयार हो या नहीं?
कोई हमारे झंडे को जलाने का ऑफर दे रहा और तुम उसे बढ़ावा दे रहे हो।
@HansrajMeena तुम्हें तो यह पूछना चाहिए था अगर दलित अछूत था तो उनके बाप दादा अंग्रेजों की सेना में पदाधिकारी कैसे बन जाते थे।
सुहेलदेव और राजा बिजली पासी जैसे लोगों का राजवंश कैसे चलता था।
पासवान राजा सलहेस का महिसौथा-सिरहा (बिहार-नेपाल) राज्य मैं शासन कैसे था।
@khuchrep 50 60 डंडे तो तुम्हारे जैसे लोगों के गांव पर भी पढ़ने चाहिए जो क्लिप कटवा की तरह काम कर रहे हैं। उसकी बात पूरा होने से पहले तुमने क्लिप क्यों काट दिया क्योंकि उसे दलित होने के कारण नहीं हिंदू विरोधी होने के कारण उसका बहिष्कार किया गया।
@nitinmeshram_ झारखंड में 80% से ज्यादा विधायक SC ST OBC समुदाय से आते हैं।
वहां की व्यवस्था को तुम केस स्टडी के रूप में पढ़ो जो नौकरियां बिक रही हैं खरीदने वाला क���न है और बेचने वाला कौन है।
क्या उखाड़ रहे हैं प्रतिनिधित्व लेकर PPP मोड के शिक्षण संस्थानों का ठेकेदार और शिक्षक कर्मचारी कौन है
@nitinmeshram_ तुम्हारे बच्चे आरक्षण के माया जाल में फंस 40-45 की उम्र तक 2% सरकारी नौकरी के चक्कर में उम्र पार कर देते हैं।
अब इस उम्र में उन्हें 50000 से 1 लाख सैलरी वाली प्राइवेट नौकरी में कौन लेगा उम्र के हिसाब से क्लर्क बाबू की सरकारी नौकरी के चक्कर में ना टेक्निकल ज्ञान बचता है ना तजुर्बा
@BJP4Jharkhand छात्रों के आहित में इससे भी बड़े-बड़े घोटाले है।
सरकारी पैसे से बने इंजीनियरिंग पॉलिटेक्निक संस्थानों को PPP मोड के नाम पर ठेकेदारों को दे दिया जहा शिक्षको और कर्मचारियों की न कोई भर्ती परीक्षा ना आरक्षण सिर्फ परिवारवाद। डी फार्मा का अलग खेल पास करने से लेकर रजिस्ट्रेशन तक का रेट
@PratikVoiceObc अब प्रशांत किशोर 10000 नौकरियां लगाने की बात कर रहे हैं। ��िना नया उद्योग धंधा लगाये आखिर ये नौकरियां कहां लगवाएंगे। प्राइवेट कंपनियों में उनकी सिफारिश पर वैकेंसी कैसे बनाई जाएगी मेरिट वालों का हक मारा जाएगा या इन्होंने विधायक बनते दिल्ली गुजरात में लेबर सप्लाई का ठेका ले लिया है।
@JmmJharkhand ��ब तुम खुद बता रहे हो टीडीपीएल के द्वारा 2 करोड की घुस और 20% का कमीशन दिया गया जांच तो यह करना है वह पैसा कहां तक पहुंचा।
सरकार तुम्हारा है और वह कमिशन और घुस भाजपा वाला वसूल ले रहा गजब चुटियापा वाली बात है। जनता को पागल बना दोगे।