@RahulGandhi लोकसभा चुनाव 2025 में उत्तरप्रदेश,केरल,तमिलनाडू,महाराष्ट्र,राजस्थान,
हरियाना,पश्चिम बंगाल में वोट चोरी हुई थी?
विधानसभा चुनाव कर्नाटक,तेलंगाना,हिमाचल,तमिलनाडू,पश्चिम बंगाल में वोटचोरी हुई थी?
जहां @BJP4India@narendramodi जीते वहां वोटचोरी? #दोगले_वेरिएंट_वायरस
मोदी सरकार की जरूरतमंदों और दिव्यांगजनों के लिए बड़ी सौगात!
पीएम श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में कैबिनेट ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है।
#CabinetDecisions
https://t.co/mtKgVskSYP
विज्ञान को राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बनाकर युवाओं में राष्ट्रसेवा की ज्योति प्रज्वलित करने वाले, महान वैज्ञानिक, पूर्व राष्ट्रपति 'भारत रत्न' डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की जयंती पर सादर नमन।
@jayvasavada તમારી વાત બરાબર છે,પણ ગુજરાત સમાચાર તદ્દન નેગેટીવ લખે છે,ઘણીવાર તો એવું લાગે કે આ પેપર ગુજરાતનું છે કે #ચાઈનાપાકિસ્તાન નું પ્રવક્તા છે?તેની હેડલાઇન નેગેટીવ હોય અને પોઝીટીવ અંદર ના પાને નાનકડી કોલમમાં હોય છે,અને દરેક સારાં કામમાં નેગેટીવ ભેળસેળ કેમ?સાવચેતી અને મુર્ખામી માં ફેર છે.
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदाऽस्तु मे
जगत जननी माँ दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माँ कूष्मांडा के चरणों में कोटि-कोटि नमन। मॉं कूष्मांडा के आशीर्वाद से सभी को रोग, शोक और भय से मुक्ति मिले और सभी को यश, बल व दीर्घायु की प्राप्ति हो।
श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले प्रखर चिंतक, विचारक एवं भारतीय मज़दूर संघ तथा स्वदेशी जागरण मंच जैसे अनेक संगठनों के संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
पहले योगेंद्र यादव ने कहा था कि देश संसद और चुनावों से नहीं सड़क से चलेगा।
अब प्रशांत भूषण कह रहे हैं कि सड़कों पर खून खराबा होगा।
इसके बाद भी जो लोग सोचते हैं कि यह संविधान बचाने की लड़ाई है, उन्हें अपना इलाज कराने की जरूरत है। #DoTook
यहाँ मैं एक और बात कहना चाहूँगा। जब उन्होंने कैप्टन स्मित मछार के बारे में बोला है, तो आज मैं आपके दर्शकों से कहता हूँ कि इस देश में दो विचारधाराएँ हैं। एक वो है, जो हम्माम अल-हमामी के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोलती।
कैप्टन स्मित मछार के पक्ष में कांग्रेस के प्रथम परिवार का एक शब्द नहीं आया, जो गाजा पर इतना गमजदा था। सीडब्ल्यूसी का प्रस्ताव 19 अक्टूबर 2023 को आया, राहुल गांधी का ट्वीट आया कि क्राइम अगेंस्ट ह्यूमैनिटी हो रहा है। उसके बाद अनेक अवसरों पर सोनिया गांधी जी के अखबारों में आर्टिकल आए, पर कैप्टन स्मित मच्छर पर एक भी शब्द नहीं। क्यों?
देखिए, दो प्रकार के पायलट हैं। एक हैं कैप्टन हमाम अल-हमामी, जो सही दिशा में ले जा रहे प्लेन के पायलट पर कुल्हाड़ी से अटैक करना चाहते हैं और प्लेन को क्रैश कराना चाहता हैं। उसी प्रकार इस देश में भी वो विचारधारा है, जो कुल्हाड़ी से भारतीय समाज और विशेषकर हिंदू समाज को टुकड़े-टुकड़े में करना चाहती है। कभी क्षेत्र के नाम पर, कभी प्रांत के नाम पर, कभी भाषा के नाम पर, कभी जाति के नाम पर कुल्हाड़ी चलाकर टुकड़े करके प्लेन को क्रैश करना चाह रही है। और दूसरे के प्रतीक तो इसके प्रतीक हैं विपक्ष के नेता।
इसको शब्दशः न लिया जाए, प्रतीकात्मक रूप में वो राहुल गांधी और उनके समकक्ष नेता हैं। क्योंकि इसीलिए वे कैप्टन स्मित मछार के पक्ष में नहीं बोल रहे हैं
दूसरी तरफ, कैप्टन स्मित मछार का विचार क्या है? अपने ऊपर आघात सहकर भी श्री हनुमान चालीसा का जाप करते हुए उस जहाज को बचा रहा है। उस विचार के प्रतिनिधि हम लोग और हमारे नेता मोदी जी हैं।
ये दो पायलटों की लड़ाई है। एक पायलट जो जहाज को क्रैश करवाना चाहता है, किसी तरीके से भारत क्रैश हो जाए।
किसी भी प्रकार से किसी भी विशाल को लेकर भारत में भ्रम और अराजक उत्पन्न हो जाए यह प्रचार कर दो या ब्रह्म फैला दो कि भारत की अर्थव्यवस्था खराब हो जाए, सेना पर आक्षेप लगा दो, HAL, LIC, वैक्सीन, EVM—अब आप ये कहो कि इलेक्टोरल रोल, किसी भी चीज को लेकर कैसे भी ले जाकर प्लेन को क्रैश कराना है। और दूसरा पायलट हैं मोदी जी, जो अपने ऊपर आघात सहकर भी उसकी सेफ लैंडिंग करवाने के लिए ले जा रहे हैं।
गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों और हाल ही में संपन्न हुए अन्य राज्यों के उपचुनावों व स्थानीय चुनावों में भाजपा को मिली प्रचंड जीत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि जनता राहुल गांधी व इंडी अलायंस के झूठ को पूरी तरह नकार चुकी है।
देश की जनता मोदी जी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और यह जनविश्वास बताता है कि 2029 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस लगातार चौथी बार हारेगी व एक बार फिर प्रचंड बहुमत से NDA की ही सरकार बनेगी।
गुजरात तो बस झाँकी है, 2029 बाक़ी है।
गुजरात में कांग्रेस को जनता ने अपना निर्णय सुना दिया है और राहुल गांधी जी के निराधार आरोपों का जवाब इसी तरह से आगामी 2029 चुनावों में भारत की जनता देगी।
HM Shri @AmitShah ji delivers a pointed response to Rahul Gandhi’s allegations, exposing a political culture that finds excuses in defeat instead of accepting the people’s mandate.
#ShahExposesRahul
“लोकतंत्र खतरे में है” ये साबित करना राहुल गांधी का Dream Project है जो पिछले 10 वर्षों से चल रहा है।
लेकिन अब ये वाक़ई ख़तरनाक रूप ले चुका है।
अब देश दो हिस्सों में बँट चुका है
1. जो स्थिर भारत चाहते हैं
2. जो हर क़ीमत पर सत्ता में आना चाहते हैं चाहे इसके लिए भारत को कमज़ोर ही क्यों ना करना पड़े
कभी ऐसा नेता प्रतिपक्ष देखा है क्या...
• जो महिला पुलिस के साथ गलत हरकत करता हो
• जो अपने ही कार्यकर्ता को कोहनी मारता और धकेलता हो
• जो एक पत्रकार को धकेलता हो
वैसे तो आप समझ ही गए होंगे, फिर भी देख लीजिए...⬇️
देश को अराजकता की आग में झोंकने के लिए किसी भी हद तक गिरने को तैयार राहुल गांधी और उनके साथियों के द्वारा आज दिल्ली में सर्वोच्च न्यायालय में जिस प्रकार का अशोभनीय दृश्य दिखाया गया, इसकी भारत के इतिहास में कोई मिसाल नहीं है।
इस प्रकार हुजूम लेकर न्यायालय को प्रभावित करना, आतंकित करना, मुझे लगता है कि आज तक कोई नेता प्रतिपक्ष ऐसा नहीं रहा होगा। और उतरकर दूसरी तरफ भागकर, अपने सिक्योरिटी घेरे को ब्रेक करते हुए दूसरे गेट से अंदर जाने का प्रयास, यह दर्शाता है कि या तो वह मानसिक संतुलन खो चुके हैं या संदिग्ध शक्तियों के द्वारा इस सीमा तक संचालित हैं कि वह किसी भी हरकत को तैयार हैं, ताकि भारत की सड़कों पर अव्यवस्था दिख सके।
आज ही केरलम जहाँ कांग्रेस-मुस्लिम लीग गठबंधन की सरकार है, वहाँ कांग्रेस की केरलम इकाई के द्वारा X पर एक अत्यंत निंदनीय पोस्ट किया गया है।
जिसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जी के लिए ‘डियर सूर्यकांत’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा गया है कि आप इस्तीफा दे दो।
और यह कहा गया है कि लॉ एंड ऑर्डर आपके बस का नहीं है, तो आप इस्तीफा दे दो। हम नया नियुक्त कर लेंगे। करोड़ों-करोड़ देशवासियों को समझना चाहिए कि लॉ एंड ऑर्डर वैसे भी न्यायालय का विषय नहीं रहता अतः सर्वोच्च न्यायालय ने एकदम संविधान सम्मत बात कही है।
एक राज्य की कांग्रेस पार्टी की इकाई यह कह रही है कि मुख्य न्यायाधीश इस्तीफा दे दें, हम नया विकल्प चुन लेंगे। अर्थात् अब इनके दिल का जो अरमान था, वह साफ हो गया है।
इन्हें पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी का इस्तीफा चाहिए था,
फिर गृह मंत्री अमित शाह जी का इस्तीफा चाहिए था,
फिर प्रधानमंत्री मोदी जी का इस्तीफा चाहिए था,
अब इन्हें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी का इस्तीफा चाहिए।
इसका अर्थ साफ हो गया, और वह भी केरलम कांग्रेस के द्वारा, जहाँ इनकी मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन की सरकार है और राहुल और प्रियंका गांधी दोनों ही उसका प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
यानी अब बिल्कुल साफ है कि कांग्रेस पूरी तरह से मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस होकर, दिमागी नक्सल की मानसिकता में किसी भी हद तक जाकर, भारत में अराजकता उत्पन्न करने के लिए हर संवैधानिक संस्था को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह से निर्लज्ज और बेशर्म हो चुकी है।
मुझे लगता है कि करोड़ों देशवासियों को ध्यान देना चाहिए कि ये भारत की संवैधानिक संस्थाओं और भारत के संविधान के लिए इस समय कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं।