पूरी अन्ना ब्रिगेड ने कथित कोयला घोटाले के नाम पर यह सुनिश्चित किया कि कांग्रेस हार जाए।
बाद में पता चला कि वह सब झूठ था।
अब 40 लाख टन कोयला गायब है और कोई भी इस पर सवाल नहीं उठा रहा है।
हम इस हद तक फंस चुके हैं। सरकार कुछ भी करके बच निकल सकती है।
हमें बताया जा रहा था कि भारत की बेहाल अर्थव्यवस्था की वजह अमेरिका-ईरान की जंग है। हर महंगाई, हर गिरावट और हर परेशानी का दोष सरकार की नीतियों पर नहीं, पश्चिम एशिया के तनाव पर था।
अब जब जंग खत्म हो गई है, तो मोदी जी का बहाना भी खत्म हो जाना चाहिए।
क्रूड ऑयल के दाम कम होंगे। सप्लाई चेन सामान्य होंगी। मांग स्थिर होगी। स्वाभाविक रूप से, इसका फायदा देश के ग्राहकों को भी मिलना चाहिए।
मतलब यह कि पेट्रोल, डीज़ल, CNG, LPG और LNG के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेकर कटौती की जानी चाहिए।
क्या इस खुशखबरी का ऐलान मोदी जी फ्रांस से ही करेंगे? या फिर देश को उनके वापस लौटने का इंतज़ार करना पड़ेगा?
86 में 56 यादव SDM का झूठा नैरेटिव इसलिए चलाया गया जिससे पिछड़े वर्ग को यादव से लड़ाया जा सकें।
45 केंद्रीय विश्वविद्यालय है लेकिन मात्र 7 विश्वविद्यालय में पिछड़े समाज के कुलपति है।
अग्रेजों की तरह फूट डालो राज करो वाले नियम पर RSS BJP चल रही है...!
पंजाब में बीजेपी के 2 विधायक हैं लेकिन राज्य सभा सांसद 7 हैं।National Citizen Party of India (NCPI) का 2024 के लोकसभा चुनाव में एक भी सांसद चुनकर नहीं आया।अब इस नई पार्टी के लोकसभा में 20 सांसद हैं।
ये नया भारत है…
शिवानंद चौरसिया की 9 महीने पहले नौकरी लगी थी
अमेरिकी हमले में मौत हो गई. परिवार का अकेला कमाने वाला चला गया
ग़रीब पिता के आँसू नहीं थम रहे
वहीं नरेंद्र मोदी को सैर सपाटा करने से फुर्सत नहीं
इसके लिए अलग लेवल की बेशर्मी चाहिए
मनमोहन सरकार ने झुका दिया था अमेरिका को,
आखिर अमेरिका को भारत से माफ़ी मांगनी पड़ी थी !
ईंट का जवाब पत्थर से भी मिल सकता है ये अहसास अमेरिका को पहली बार मिला है - अंजना ओम कश्यप (2013)
इतनी ताकतवर थी उस समय कांग्रेस सरकार
तब सिर्फ भारतीय राजदूत से बदसलूकी हुई थी अमेरिका में, अब तो अमेरिकी सेना ने 3 भारतीय नागरिक मार दिए !
सोचो आज मनमोहन सरकार होती तो क्या हाल होता अमेरिका का !
अमेरिका ने हमारे तीन जवानो को शहीद कर दिया और हमारे प्रधानमंत्री जी नृत्य का आनंद ले रहे है,
आखिर अमेरिका के खिलाफ क्यो चुप है प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी . . .
एक तो छात्र बेरोज़गारी से जूझ रहा है दूसरा देश दुख में है।😳