काशी में बाबा विश्वनाथ की पूजा-अर्चना कर मन को असीम संतोष मिला। बाबा से सभी देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
जय बाबा विश्वनाथ!
हमें किसी दुसरे कौम के लोगों ना ना तो होली,ना दशहरा और ना दिपावली की शुभकामनाएं दी,
पर हम मुर्ख हिन्दू जरूर देते हैं,चाहे वो हमारा गला हीं क्यों ना काटे, हमारे बहन, बेटीयों की 36 टुकड़े क्यों ना कर दे, मुबारक वाद ते देंगे हीं।।