परीक्षाओं के पेपर पहले भी लीक हुए हैं, लेकिन आज इतना विरोध केवल @dpradhanbjp धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ ही क्यों दिखाई देता है?
आइए, इस पर एक अलग दृष्टिकोण से विचार करें—
1.इतिहास में आपातकाल को उचित महत्व दिया गया।
2.मुगल-केंद्रित इतिहास के साथ-साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी प्रमुखता से शामिल किया गया।
3.आधुनिक भारतीय सेना की उपलब्धियों, जैसे सर्जिकल स्ट्राइक, को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।
4.मराठा, चोल, मौर्य जैसे महान भारतीय राजवंशों को उचित महत्व दिया गया।
5.राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा दिया गया।
https://t.co/MplWrOLuI1ीय संस्कृति, परंपराओं और सभ्यता से जुड़े विषयों को पाठ्यक्रम में अधिक स्थान दिया गया।
इसीलिए कुछ लोगों का मानना है कि विरोध केवल पेपर लीक के कारण नहीं, बल्कि शिक्षा और पाठ्यक्रम में हुए इन बदलावों के कारण भी अधिक दिखाई देता है...