सहारनपुर में 100 साल से भी अधिक पुरानी जिस मस्जिद को शहीद किया गया है, उसके बारे में सहारनपुर के हिंदुओं को सुनिए! ये सिर्फ हिंदू नहीं हैं, बल्कि विशुद्ध भारतीय हैं। ये कभी नफ़रत के सौदागरों के झांसे में ‘डरेंगे’ भी नहीं। इनकी बातों को सुनिए! और सोचिए कि भाजपा इस देश को गर्त में क्यों ले जाना चाहती है?
'I Do' कहने से पहले पिता ने अपनी छोटी बेटी से मांगी इजाज़त… 🥹❤️
शादी के मंडप में पिता का यह छोटा-सा gesture दिल छू गया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनकी बेटी भी इस नए रिश्ते को अपनी मासूम-सी मंजूरी दे। ❤️
कुछ पल शब्दों से नहीं, सिर्फ़ भावनाओं से याद रह जाते हैं। 🥹
वीडियो में नज़र आ रहे शख्स झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बहरागोड़ा के पूर्व विधायक कुणाल सारंगी हैं।
जमशेदपुर में पैगंबर मोहम्मद ﷺ के जीवन पर आयोजित एक कार्यक्रम में दिए अपने भाषण को लेकर वे चर्चा में हैं।
एक और धमाकेदार और सवाल दागते हुए गाना आ गया है दोस्तों..
"स्कूल ठीक करों"
सुनों गांव वालों.....
सुनो देश वालों.......
एक नई मुहिम शुरू हुई है
#स्कूल_ठीक_करों.....
#School_Thik_karo....
आजादी के 80 साल भी आज स्कूलों का स्थिति बहुत खस्ताहाल और बदहाल है।
क्या आप जानते हैं कि देश का एजुकेशन बजट 1.39 लाख करोड़ .
देश में एजुकेशन इंडस्ट्रीज 19 से 20 लाख करोड़ रुपए का है और 2030 तक 27 लाख करोड़ रुपए हो जाएगा।
इसमें सबसे ज्यादा प्राइवेट स्कूलों का बिजनेस है, प्राइवेट स्कूलों का बिजनेस 5 लाख करोड़ रुपए सालाना का है।
मतलब देश के एजुकेशन बजट से चार गुना ज्यादा।
कोचिंग इंडस्ट्रीज मात्र 58 हजार करोड़ रुपए का है।
सरकार कहती हैं कि कोचिंग फ्री करेंगे।
कोचिंग फ्री करने से कुछ नहीं होगा, अगर कुछ करना है तो देश के सारे सरकारी स्कूलों को ठीक किजिए, ताकि बच्चों को फ्री एज्युकेशन मिले विथ क्वालिटी।
देश का सरकारी स्कूल अगर ठीक हो गया ना तो बच्चों कोचिंग जाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
दोस्तों क्या आप नहीं चाहते हैं कि आपके गांव कस्बे गलियों मोहल्ले का बदहाल खस्ताहाल स्कूलों का फोटो खिंचे और अपने सांसद, विधायक और सरकार को टैग करें तथा उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करें.
ये मुहिम किसी एक इंसान का नही बल्कि सबका है, अगर प्राइवेट स्कूलों के लूट से बचना है तो इस मुहिम को हमें तेज रफ्तार धार देना होगा।
"स्कूल ठीक करों" आंदोलन में आप भी शामिल हों और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा रिपोस्ट कर के जन जन तक पहुंचाए।
करीब 4 साल बाद पूर्व विधायक मरहूम अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद और अली अहमद आमने-सामने मिले!
अबान अहमद का जनाज़ा देखकर तीनों भाई फूट-फूट कर रोने लगे!
तीनों भाई एक दूसरे के कंधे पर हाथ रखे नज़र आए!
इस शासनादेश के आधार पर भाजपा सरकार चाहे तो बदले की भावना छोड़कर जौहर यूनिवर्सिटी का नक़्शा भी आसानी से एक दिन में पास करा सकती है। भाजपा अपने लोगों के लिए इस शासनादेश को मानती है लेकिन किसी और के लिए इसे इस्तेमाल न करके हर समाज के छात्रों और उनके परिवारवालों के ख़िलाफ़ नाइंसाफ़ी कर रही है। इस जीओ के आधार पर ही भाजपा सरकार ने हज़ारों भवनों को नियमित करके, उन्हें वैध स्वरूप प्रदान किया है।
भाजपा बहाना न बनाए, शिक्षा के मंदिर को बचाए!
विद्वेष हारेगा, सौहार्द जीतेगा!
‘पक्षपात’ अन्याय का सबसे प्रत्यक्ष रूप होता है।
सत्ता के गलियारों में बैठे लोगों के लिए पेंशन विशेषाधिकार है लेकिन बुजुर्गों के लिए वही पेंशन अचानक बोझ बन जाती है…
जननायक चौ. देवीलाल जी ने पेंशन को भीख नहीं बल्कि अधिकार बनाया था उस किसान के लिए, उस मज़दूर के लिए और हर उस इंसान के लिए जिसने अपनी पूरी ज़िंदगी इस समाज और व्यवस्था को खड़ा करने में खपा दी।
जननायक चौ. देवीलाल जी की विरासत
किसान-कमेरे और मजदूर वर्ग की ढाल थी और रहेगी इसलिए सरकार उस विचारधारा पर चोट करने की नाकाम कोशिश ना करें।
अहमदाबाद की फातिमा मस्जिद अपनी खूबसूरती और रूहानियत की मिसाल है यहां सोने के पानी से अल्लाह के 99 नाम और हमारे प्यारे नबी ﷺ के 99 नाम लिखे गए हैं, साथ ही चारों ख़ुलफ़ा के नाम और कुरआन की आयतें भी नक्श की गई हैं।
लगभग 5 करोड़ की लागत से बनी इस मस्जिद का आर्किटेक्चर बेहद शानदार है और इसका अनोखा मिम्बर भारत में पहली बार इस डिज़ाइन में तैयार किया गया है मौलाना हबीब साहब ने खुद इसकी तामीर की निगरानी की है।
सच कहें तो ये सिर्फ एक मस्जिद नहीं, बल्कि सुकून, इबादत और मोहब्बत का खूबसूरत संगम है… माशाअल्लाह ❤️