आज इस आवाज में दर्द है...
राजवीर सिंह चलकोई को हम सुनते रहे हैं। उनकी बोली में हमेशा एक खनक रहती है अल्हड़पन झलकता है। मैंने इस पूरे वीडियो में देखा कि वो बात कहीं भी नहीं है। क्यों?
क्योंकि हमारे आत्मसम्मान पर चोट ही हुई है
राज्यपाल महोदय ने एक आदेश जारी कर राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों में मराठी के केंद्र खोलने के लिए कह दिया है। दूसरी तरफ वर्षों से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए संघर्ष कर रहे लोग अभी तक राजस्थान के विश्वविद्यालयों में राजस्थानी के केंद्र नहीं खुलवा पाए हैं। स्कूलों में राजस्थानी की पढ़ाई शुरू नहीं करवा पाए हैं। राजस्थान की राजभाषा नहीं बनवा पाए हैं। पीड़ा तो है। सच्ची है। झलकेगी ही। छलकेगी ही।
राजस्थान वालों के चेहरे पर ऐसा जोरदार झापड़ मारा गया है, जिसका अहसास तो हुआ है लेकिन आत्म गौरव खो चुके लोग यह तय नहीं कर पा रहे कि रिएक्ट क्या करना है और कैसे करना है। इस पीड़ा को सभी सुनें और और सोचें कि हम अभागे लोग कहां खड़े हैं?
वीडियो साभार @republic
राजस्थान में मराठी भाषा के अध्ययन केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। यह स्वागतयोग्य है। भारत की हर भाषा हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहर है और हमारे युवाओं को हर भारतीय भाषा सीखने का अवसर मिलना चाहिए।
लेकिन एक सवाल आज पूरे राजस्थान की आत्मा पूछ रही है, क्या अपनी ही मातृभाषा को सम्मान दिए बिना दूसरी भाषाओं के संवर्धन की बात न्यायसंगत है?
जिस राजस्थान ने डिंगल, पिंगल और समृद्ध लोक साहित्य को जन्म दिया, उसी राजस्थान की अपनी राजस्थानी भाषा आज भी अपने अधिकार और सम्मान की प्रतीक्षा कर रही है।
इसी भावना से मैंने पिछले विधानसभा सत्र में संविधान के अनुच्छेद 345 के तहत राजस्थानी भाषा को राजस्थान की राजभाषा का दर्जा देने के लिए प्राइवेट मेम्बर बिल प्रस्तुत किया था। दुर्भाग्य से वह पिछले छह महीनों से लीगल सेल में लंबित है।
मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हम सभी संस्कृतियों का सम्मान करते है और हर भारतीय भाषा का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी मातृभाषा की उपेक्षा स्वीकार नहीं कर सकते।
राजस्थान की जनता अब बहाने नहीं, निर्णय चाहती है। राजस्थानी भाषा को उसका सम्मान मिलना ही चाहिए।
@RajCMO@BhajanlalBjp
Kerala ke Palakkad mein, ek jungle ke andar, ek waterfall hai jiska naam hai -Dhoni.
Koi seedha nahi pahunch sakta. Rasta mushkil hai https://t.co/PVGs0kr6GI chahiye. Teen ghante chalke jaao tab dikhta hai.
Aur jab dikhta hai?
Upar se bilkul shant. Andar se aag. Surface smooth, lekin kareeb jao toh pata chalta hai kitna powerful hai.
Kerala Forest Department ne iske saath ek rule banaya hai -
“Paani dikhta calm hai. Hai nahi.”
Mujhe nahi pata yeh rule waterfall ke liye tha ya No. 7 ke liye.
Aur yeh jagah ,yeh Dhoni Kerala mein tab se hai jab Mahendra Singh Dhoni paida bhi nahi hua tha.
Jaise nature ko pehle se pata tha. Koi aayega. Aisa hi hoga. Aise hi milega , mushkil raaste ke baad, bilkul unexpected jagah pe.
Aur ek baar jo mil gaya toh bhoolna mushkil hai.
Happy Birthday @msdhoni . Stay blessed forever
सितम भी सहना दुआ भी करना, ओ बेकसी का गया जमाना।
अगर है जुर्रत गिराओ बिजली, बना रहे हैं हम आशियाना,
किसी भी हालत में बागवानों, तुम्हारा एहसान हम न लेंगे
जो अपनी गैरत पर आँच आयी, तो फूँक देंगे हम आशियाना॥
काम और पीआर में बस यही महीन फर्क होता है...
राजेन्द्र राठौड़ को खुद शुभेंदु अधिकारी ने एप्रीशिएट किया है।
सुबह से कुछ दूसरे ऐसे ट्वीट देखने को मिल रहे थे कि राजस्थान का फलां नेता बंगाल झंडे गाड़ आया, फलां से ये पहाड़ पलट दिया।
उसी दौरान मेरे दिमाग में एक बार के लिए ये बात आई कि राजस्थान के सीनियर लीडर राजेन्द्र राठौड़ भी तो बंगाल में ठीक काम करके आए हैं उनके समर्थक और कार्यकर्ता राठौड़ साब की पीठ क्यों नहीं थपथपा रहे ?
लेकिन फिर हुआ यूं कि सम्भवतः बंगाल के होने वाले अगले मुख्यमंत्री ने खुद मीडिया में आकर बता दिया कि राजेन्द्र राठौड़ ने उनके लिए बहुत काम किया। और असल में शुभेंदु अधिकारी का ये स्टेटमेंट सब पीआर पर भारी है।
@Rajendra4BJP बधाई आपको
प्रिय नौजवान साथियों,
आपका अटूट स्नेह, विश्वास और समर्थन मुझे हमेशा ऊर्जा प्रदान करता रहा है। आज उसी विश्वास के साथ आपसे एक छोटी सी, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अपील कर रहा हूँ।
वर्तमान समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सूचनाओं को साझा करने का एक मजबूत स्तंभ है इसे हम समाज को जोड़ने, सकारात्मक सोच फैलाने और अच्छे कार्यों के लिए इस्तेमाल करें। अगर आप स्वयं को मेरा समर्थक मानते हैं, तो मेरी आपसे विनम्र अपील है कि किसी भी जाति, धर्म, वर्ग या व्यक्ति विशेष के खिलाफ अमर्यादित टीका-टिप्पणी से दूर रहें।
मेरे राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी अपणायत, भाईचारा और आपसी सम्मान रही है जो कि मुझे मेरे पूर्वजों से मिली हैं। राजनीति और वोट से कहीं ऊपर हमारा सामाजिक सौहार्द है, जिसे बनाए रखना हम सबकी सामुदायिक जिम्मेदारी है।
बीते कुछ समय से हमारी इस पावन अपणायत की धरती पर सुनियोजित तरीके से नकारात्मकता फैलाकर आपसी वैमनस्य बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। लेकिन यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने स्वविवेक, समझदारी और संयम का परिचय देते हुए इन प्रयासों को सफल न होने दें।
बरसों से चली आ रही भाईचारे, अपनत्व और सामाजिक समरसता की इस परंपरा को बनाए रखना ही हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
आपका अपना,
रविन्द्र सिंह भाटी
🇮🇳 India is #1 in global AI adoption!
India leads the world with a staggering 92% AI adoption rate - far ahead of other major economies.
Top 10 countries by AI adoption (BCG, June 2025):
1. 🇮🇳 India: 92%
2. 🇪🇸 Spain: 78%
3. 🇧🇷 Brazil: 76%
4. 🇿🇦 South Africa: 72%
5. 🇬🇧 UK: 68%
6. 🇮🇹 Italy: 68%
7. 🇩🇪 Germany: 67%
8. 🇫🇷 France: 64%
9. 🇺🇸 United States: 64%
10. 🇯🇵 Japan: 51%
India’s tech-savvy workforce is fueling the next wave of economic growth.
Source: BCG, 2025
अपने घर के आँगन में बनाए गए छोटे से स्विमिंग पूल के उद्घाटन पर नन्हे साथी सूर्यांश मुंडेल का मासूम आमंत्रण दिल को छू गया।
आज उसी प्यारे वीडियो के बाद उससे वीडियो कॉल पर बात करने का सुखद अवसर मिला… उसकी मासूम मुस्कान और उत्साह ने मन खुश कर दिया।
ढेर सारा स्नेह, आशीर्वाद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ… ऐसे नन्हे सपने ही कल की बड़ी उड़ान बनते हैं।
ये बात बात 100 प्रतिशत सत्य है , लेकिन फिर भी इंसान भ्रम में रहता है , मानवीय व्यवहार में इंसान को अच्छा होना चाहिए , समय का परिवर्तन आपके व्यवहार में परिवर्तन नहीं ला सके , इस तरह इंसान को व्यवहार करना चाहिए ! @Ra_THORe
प्रिय @grok
क्या तुम बता सकते हो कि जब पूरी दुनिया में पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ रहे हैं तो भारत में दाम क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे? इतना भी क्या एक्स्ट्रा तेल हमारे पास रखा हुआ है?
सरकार कब तक भाव बढ़ने वाली है?
थोड़ा विस्तार से बताओ ताकि ज्ञानवर्धन हो