Elon Musk’s “Is Ambani is the real boss of India?” comment has been followed by a Bloomberg report flagging investor doubts about the scale of the mega Jio IPO and the hard questions it poses for the Ambanis.
My piece in The Hindu today on why the Congress needs the SP more than the other way around.
I've backed it with a few core arguments; structural strength, vote arithmetic, and narrative ownership (couldn't fit them all due to the word limit).
https://t.co/GEbWt9y4Od
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए मुझे समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाए जाने पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद करता हूँ।
सार्वजनिक जीवन के इस नए पड़ाव की ओर आज लखनऊ में माननीय अखिलेश यादव जी की उपस्थिति में राज्यसभा के लिए मैंने अपना नामांकन दाखिल किया।
आप सभी के स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं के लिए हृदय से आभार।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
@irdaindia@CholaMS
My policy number 28900008234300004
I have already made the payment, on 19 September 2026..and the updated policy number is now showing on the https://t.co/tkP7rewqHo 28900008234300005..However, I have not yet received the e-card.
Congress join करते Asim Waqar का बड़ा खुलासा! Owaisi और AIMIM पर लगाए कई गंभीर आरोप। जॉइनिंग का श्रेय किसे दिया?
देखें पूरा इंटरव्यू... https://t.co/KBw4WynG0Y
आसिम वक़ार समाजवादी पार्टी में शामिल होने जा रहे थे मगर आज कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं , हो सकता है यह दोनों दलों की आपसी सहमति हो। आसिम वक़ार की जॉइनिंग कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी कराने जा रहे हैं ! -
आसिम वक़ार आल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन के सबसे बेहतरीन प्रवक्ता है ! कांग्रेस के साथ आने के उनके कई कारण है, जिनमें से एक मजलिस के यूपी अध्यक्ष शौकत अली से नाराज़गी भी है। शौकत अली क़ाबलियत और अनुभव में आसिम वक़ार के सामने कहीं नही ठहरता ��गर फिर भी आसिम वक़ार को अपने ओहदे का एहसास कराते रहे हैं।
असदउद्दीन ओवैसी के लिए यह एक बड़ा झटका है। कुछ दिनों से इसके संकेत मिल रहे थे। माहौल जायज़ा लिया जा रहा था। आसिम वक़ार समाजवादी पार्टी में भी शामिल हो सकते थे मगर कांग्रेस की तरफ उनके आने की एक वजह इमरान प्रतापगढ़ी है ! जिन्होंने उन्हें इसके लिए खासकर मनाया, आसिम के समाजवादी पार्टी में चले जाने के कयास अधिक थे। वहां उनकी पुरानी जड़े है।
असदुद्दीन ओवैसी और इमरान प्रतापगढ़ी के बीच एक राजनीतिक राइवरी चल निकली है ! यह बयानबाजी में बिहार में चरम पर थी। इनके समर्थक तो आपस मे शाब्दिक युद्ध भाव मे ही रहते हैं। आसिम वक़ार कोई जन नायक नही है। ऐसा नही है कि वो लाखों वोट कांग्रेस को ट्रांसफर कराने जा रहे हैं। मजलिस में नेता सिर्फ असदुद्दीन ओवैसी है और वोट सिर्फ उनके नाम पर आता है। इसके अलावा मजलिस में यूपी में कोई नेता 5 हजार की हेसियत का नही है। शौकत अली को तो 2 हजार वोटों से कम का नेता बताकर उनकी विधानसभा के लोग खिल्ली उड़ाते रहते हैं।
असदुद्दीन ओवैसी के चेहरे पर मजलिस में वोट पड़ती है ! चुनाव के समय पर पाला बदलकर मजलिस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अन्य दल के नेता इस दायरे से बाहर है। खुद मजलिस के नेताओं की कितनी हैसियत यह अलग बात है ! जिनमे आसिम वक़ार सबसे बड़ा चेहरा है ! योग्य ,तार्किक और सलीके से अपनी बात को कहकर महफ़िल लुटने वाला प्��वक्ता !
आसिम वक़ार जैसे प्रवक्ता जब किसी दल में जाते हैं तो वो परसेप्शन बनाते हैं। उत्तर प्रदेश में वो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी गठजोड़ के लिए शमा बांध देंगे। असदुद्दीन ओवैसी को ऐसा काउंटर करेंगे कि वो जवाब नही दे पाएंगे। वो अपनी क़यादत का नरेटिव ध्वस्त कर देगें। वो बताएंगे देश को इस समय कांग्रेस और समाजवाद की विचार धारा की क्यों जरूरत है ! आसिम वक़ार को मुसलमानों का एक वर्ग वाला नौजवान ���ुनना प���ंद करता है। आसिम यहां क्लिक करेंगे। मजलिस का नरेटिव टूट जाएगा। असदुद्दीन ओवैसी एक जवाब देंगे, आसिम चार चैनल पर तीस बार जवाब देंगे।
आसिम वक़ार की जॉइनिंग महत्वपूर्ण है ! इसलिए कि यह कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन के विरुद्ध दरी बिछाने वाले नैरेटिव को ध्वस्त कर देगी। आसिम वक़ार चुनाव लड़ना चाहते हैं, मजलिस से चुनाव लड़कर उत्तर प्रदेश में अपने दम पर वो कहीं नही जीत सकते ! मुसलमान सिर्��� एक विधानसभा सीट पर 50 फ़ीसद से ज्यादा है, वहां भी पूरे वोट एकतरफा पड़ने की गारंटी नही ! तो विकल्प क्या है ! कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ! यह भी हो सकता है कि समाजवादी पार्टी उन्हें टिकट की गारंटी न दे रही हो, जैसे कि सपा यह टिकट की शर्त पर किसी को साथ लाने से बच रही है ! कांग्रेस ने अपने कोटे से यह गारंटी दे दी हो ! अगर चुनाव लड़ने का कोई इरादा भी नही है तो भी आसिम वक़ार के वक़ार को बढ़ाने के लिए कांग्रे�� गठबंधन पीछे नही हटेगा ! उन्हें समायोजित किया जाएगा । मजलिस में इसकी संभावना नही थी। अब ये तो सही बात आसिम वक़ार ही बताएंगे कि उन्होंने मजलिस की यूपी में ��ीढ़ की हड्डी क्यों तोड़ दी !
@RahulGandhi @priyankagandhi
@AdvRajendraPal
#asimwaqar
सपा और कांग्रेस का अलायंस के साथ लड़ना सही है या सपा कांग्रेस का अलग अलग लड़ना सही है ?? .. 2017 विधान सभा में प्रयोग हो चुका है.. लोकसभा और विधान सभा चुनाव के मुद्दे अलग होते है
@RahulGandhi@yadavakhilesh