कोई अब्र उड़े किसी क़ुल्ज़ुम से रस बरसे मिरे वीराने पर
कोई जागता हो कोई कुढ़ता हो मिरे देर से वापस आने पर
कोई साँस भरे मिरे पहलू में कोई हाथ धरे मिरे शाने पर
और दबे दबे लहजे में कहे तुम ने अब तक बड़े दर्द सहे
तुम तन्हा तन्हा जलते रहे तुम तन्हा तन्हा चलते रहे