स्वीडन के बाद ऑस्ट्रेलिया पत्रकार भी मोदी का प्रेस कॉन्फेंस से डरने वाला कह रहे है !!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनस्क्रिप्टेड प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते है, वहीं पर जाते है जहां पर स्टेज मैनेज होता है!!
कुछ घटनाओं की क्रूरता और पीड़ा ऐसी होती है कि उन्हें शब्दों में समेट पाना संभव नहीं होता।
एक माँ अपनी बेटी को अनगिनत सपनों, त्याग और ममता के साथ पालती है। लेकिन जब वही बेटी चंद पैसों और सरकारी नौकरी के लालच में अपनी ही माँ की हत्या की साज़िश रच दे, तो यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि रिश्तों, विश्वास और मानवता की भी निर्मम हत्या बन जाता है।
बताया जा रहा है कि बेटी ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और सात लाख रुपये की सुपारी देकर अपनी ही माँ को स्कॉर्पियो से कुचलवा दिया।
समय कभी-कभी इतनी क्रूर कहानियाँ लिखता है कि उन्हें पढ़कर भी आत्मा सिहर उठती है। जिस माँ ने अपनी ममता, स्नेह और वात्सल्य से बेटी को जीवन का अर्थ सिखाया, उसी माँ की ममता को क्षणिक लालच ने बेरहमी से कुचल दिया।
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस नैतिक पतन का भयावह आईना है, जहाँ स्वार्थ और लालच के सामने रक्त संबंध भी बौने पड़ जाते हैं। कलयुग की यह सच्चाई भीतर तक झकझोर देती है और यह सोचने पर विवश करती है कि आखिर इंसानियत किस मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है।
एक निर्दलीय विधायक के ख़ासमख़ास व्यक्ति पर मेडिकल कैम्प में नर्स को फँसाने का आरोप !!
मेडिकल कैम्प में अनेक लड़कियों के नंबर लेकर उन्हें फँसाने का आरोप है !!
अब कहा जा रहा है कि उक्त व्यक्ति जिसे लोग वाहवाही देने हेतु चाणक्य भी कहते हैं एक कैम्प वाली उसी फीमेल डॉक्टर के साथ रंगें हाथों पकड़ा गया है!!
मैंने 13 मार्च को विधायक जी को टैग करते हुए पोस्ट की थी कि अपने बेकाबू लोगों को काबू में करिए और लड़कियों के नंबर से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं से अवगत करवाया था लेकिन शायद विधायक जी मेरे से ज़्यादा उन पर भरोसा कर रहे थे इसलिए मेरी बातों को गंभीरता से नहीं लिया !!
हालाँकि मैंने वो पोस्ट डिलीट कर दी लेकिन आज से ठीक साढ़े तीन महीने बाद वो बात आख़िरकार सच हुई !!
कुछ और भी चीजें हैं जो समय रहते ठीक नहीं किया तो परिणाम गंभीर होंगे !!
वो चीजें एकबारगी मैं यहाँ शेयर करना उचित नहीं समझता हूँ!!
उस विधायक को जानते हो तो कमेंट में टैग करो !!
मणिहारी प्रकरण में बड़ी बड़ी डींगें हांकने वाले लोग, और बच्चे को गोद में लेकर राजनीति चमकाने वाले लोग आज पीड़ित परिवार के फोन भी नहीं उठा रहे है,
कितनी शर्मनाक बात है।
न्याय का तो अब सिर्फ़ सोशल मीडिया पर दिखावा ही रह गया है बस।
@raghu_bish9e@bs_rupawat@RavindraBhati__@ashokshera94@dineshbohrabmr
@UmmedaRamBaytu@BhajanlalBjp 2 दिन पहले सीमा पर अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्यवाही हो रही थी, तब राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल नहीं था, आज यहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल आ गया, कैसे लोग हो तुम भगवान जाने बिना पैंदे के लोटे हो, कुछ अता- पता नहीं जातिवाद से जीत गए गंगू।
हनुमान बेनीवाल जातिवादी राजनीति से इतने अधिक ग्रस्त हैं कि उन्हें लगता है मानो मुख्यमंत्री पद कोई गाँव का क्रिकेट मैच हो, जहाँ बारी-बारी से सभी खिलाड़ियों को खेलने का अवसर मिलता है।
उनकी सोच यह प्रतीत होती है कि अभी एक ब्राह्मण मुख्यमंत्री है, फिर सचिन पायलट (गुर्जर) मुख्यमंत्री बनेंगे और उसके बाद जाटों की बारी आएगी। 😀😀
@hanumanbeniwal@SachinPilot@BhajanlalBjp