@Sanatan_Science नपुंसक ग्रह की संज्ञा वाला शनि जब मंगल के साथ इन भावो में स्थित हो,से आपका मतलब है कि इन चारों भावो में,जहाँ पे मंगल के रहने से मांगलिक दोष बनाता है,अगर साथ मे शनि भी हो तो मांगलिक दोष समाप्त हो जाता है जैसे की लग्नेश (मकर की लग्न) शनि और मंगल दोनो हो तो दोष समाप्त हो जाता है?