कभी ज़िंदगी तुम्हें इतना थका दे कि तुम्हें लगे अब किसी को कुछ बताने की ताक़त नहीं बची,तो बस मुझे याद करना, तुम्हें कुछ कहने की भी ज़रूरत नहीं है। चुप रहना हो तो चुप रहना, रोना हो तो रो लेना.मैं बस तुम्हारे पास बैठा रहूँगा,हर दर्द का इलाज नहीं होता,कभी किसी का साथ ही काफ़ी होता है