तिरुपति बालाजी मन्दिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलने की घटना ने मन्दिर के व्यवस्थापक सन्त, महन्त, पण्डे, पुजारियों के मिली भगत का पोल खोल दिया है क्यों कि "प्रसाद" या प्रसाद हेतु लायी गई सामग्री बिना उनकी सहमति के मन्दिर प्रांगण में आ ही नहीं सकती। यह धर्माचार्य, पण्डे, पुजारी और सन्त महन्त केवल जनता और भक्तों को ही नहीं अपितु अपने तथाकथित भगवान को भी धोखा दिया है, इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि तथाकथित हिंदू धर्म का दुश्मन कोई और नहीं बल्कि इस धर्म के ठेकेदार ही है। यह और भी चिन्तनीय इसलिए है क्योंकि तथाकथित हिन्दू धर्म के ठेकेदारों एवं उनके सहयोगी पार्टियों की सरकारें केन्द्र और प्रदेशों में है।
वरिष्ठ समाजवादी चिंतक व बेबाक़ी के मिशाल, मा. सांसद, सम्भल, जनाब शफीकुर्रहमान बर्क साहब का इंतकाल अत्यंत दुखदायी है तथा समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति है।
उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं परिवारीजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करता हूँ।
"आज इस अवसर पर हम बहुजन महापुरुषों को कोटिशः नमन करते हैं, वंदन करते हैं जिन्होंने समय-समय पर सामाजिक परिवर्तन के माध्यम से शोषित-पीड़ित व वंचित वर्गों के मान-सम्मान व स्वाभिमान के लिए अनवरत संघर्ष किये।"
-अशोक स्तम्भ का लोकार्पण व जनसभा, रायबरेली।
इस अभियान के दौरान, मुझे गोली मारने, हत्या कर देने, तलवार से सिर कलम करने, जीभ काटने, नाक-कान काटने, हाथ काटने आ���ि-आदि लगभग दो दर्जन धमकियाँ व हत्या के लिए 51 करोड़, 51 लाख, 21 लाख, 11 लाख, 10 लाख आदि भिन्न-भिन्न रकम देने की सुपारी भी दी गई, अनेको बार जानलेवा हमले भी हुए.
"जबसे डबल इंजन की सरकार आई है, नौजवानों की सरकारी नौकरियां गायब। देश का करोड़ों नौजवान आज बेरोजगारी का दंश झेल रहा है।"
-संविधान संगोष्ठी कार्यक्रम, अमेठी।
"आज लोगों के पास काम ��ोता, सरकारी नौकरी होती, रोजगार होता, व्यापार होता, खेती होती तो 5 किलो चावल के लिए, 10 किलो चावल के लिए कोई लाईन नहीं लगाता। ये भाजपा के सत्ता में बैठे हुए लोग हैं, आज देश में 80 करोड़ लोगों को गरीब बना दिया, मोहताज बना दिया, मजलूम बना दिया इनको समझो।"
-संविधान संगोष्ठी कार्यक्रम, अमेठी।
"आज उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई है, कानून व्यवस्था को अपरा��ियों ने कुचला है, सरकार बेबस बनकर खड़ी है... जिनके ऊपर जिम्मेदारी है कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त रखने का, आज वही कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाने में शामिल हैं।"
देश के गरीबों, आदिवासियों, दलितों, पिछडो व महिलाओ को सम्मान दिलाने, गैर बराबरी खत्म कर समता मूलक समाज बनाने, जाति-पाति, छुआछूत, ऊंच-नीच खत्म करने के लिए आजीवन संघर्षरत रहें सामाजिक न्याय के योद्धा, सादगी की प्रतिमूर्ति, समाजवाद के पुरोधा एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, जननायक, कर्पूरी ठाकुर जी को जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
जौनपुर में सरेआम 5 लोगों को गोली मारने की वारदात दिखा रही है कि आज जबकि उप्र सबसे चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में है तब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं तो सोचिए बाकी दिनों में उत्तर प्रदेश का क्या हाल होता होगा।
लगता है एक गोली भाजपा सरकार के ‘अपराध के ख़िलाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस’ के ��ावे को भी मारी गयी है।
रामलला प्राण प्रतिष्ठा भाजपा का कार्यक्रम है हम लोग नही��� जाएंगे, मैं स्वामी प्रसाद मौर्य जी की इस बयान का समर्थन करता हूं
हर वह व्यक्ति उनके बयान का समर्थन करता है जो जागरुक है
क्या आप भी उनके बयान का समर्थन करते हैं?