क्या ही लिखे हम अपने बायो में 👉 कुछ खास सहूलियत लोग देते नहीं, अज्ञात प्रेमिका के लभर हैं। ❣️
वर्तमान परिदृश्य से वाकिफ है कहानी अज्ञातों की कहते हैं ।🫡
Abhi tak dilevery nhi ki gyi dilevery Agen call krke bta rha hai aapne jo pincode dala hi us pincode par dilevery possible nhi hai, to amazon ne kyo accept Kiya tha. @amazon@amazonIN@Flipkart@AmazonHelp@AmazonUK
11 june maine 5g phone order Kiya aur 14 june ko phone last dilevery station par 9:32 am par pahuch gya fir bhi aaj tak out for dilevery nhi dikha rha nahi dilevery ki ja rahi hai @amazonIN@amazon@awscloud@AmazonMGMStudio
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⚠️ये उसकी कमाई है जिसे मीडिया फैज़ल खान बोलकर नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहा है।
खान सर का ये स्टूडेंट रात को रोते रोते उनके पास पहुँचा है।
क्या किसी न्यूज एंकरा के पास ऐसे कोई साधारण व्यक्ति पहुंचा है जिसका उन्होंने मुद्दा उठाया हो ?
Khan Sir अब मुसलमान हो गए हैं,क़ानून व्यवस्था के मसले पर नफरती लोगों को मौका मिल गया। TV चैनल तो ऐसे लिख रहे हैं…फैसल खान के ठिकानों पर छापेमारी।
ठिकानों पर…वाह! दो-चार दिन में ISI से संपर्क भी खोज लाएंगे सूत्र। हजारों बच्चों की उम्मीद Khan Sir को नहीं छोड़ा तो किसी और की क्या बिसात!
प्रयागराज के “विवेक Sir” रोते हुए
मोदी जी योगी जी और गोदी मीडिया क्या आप लोगों को “विवेक SIR” के आँसू नही दिखाई देते?
ऊपर वाले के पास जब हिसाब होगा तो क्या बोलोगे बच्चों की कोचिंग पर बुलडोजर चलाया, किसी का मकान उजाड़ा, किसी की दुकान उजाड़ी, करोड़ों नौजवानों की ज़िंदगी बर्बाद की।
तू भोर का पहला तारा है परिवर्तन का एक नारा है
ये अंधकार कुछ पल का है फिर सब कुछ तुम्हारा है
विवेक सर क्रांतिकारी है और एक क्रांतिकारी को।दबाना मतलब 100 क्रांतिकारी को और पैदा करने के बराबर होता है,
पूरा छात्र और पूरे अध्यापक विवेक सर के साथ है
देश के इन हालातों के लिए इस देश की मीडिया पूरी तरह जिम्मेदार है जिसने सत्ता की एक तरफा तरफदारी की और विपक्ष और देश के मुद्दों पर सवाल करने वालों को दुश्मन की तरह पेश किया।
आज YouTube मीडिया जर्नलिस्ट तक TV मीडिया को गलत कहते और रोस्ट करते दिख जाएंगे...
आज back to back paper leak हो रहे हैं, परीक्षाएँ cancel हो रही हैं, सरकार back foot पर है, असहाय महसूस कर रही है, मगर TV मीडिया और उनके so called बड़े anchors इस दर्द को अपना दर्द मानकर सरकार को बचाने के लिए बौखलाहट में कुछ भी बयान दे रहे हैं।नैतिकता भी कोई चीज़ होती है....
जैसा अंजना ने इस व्यवस्था में सबसे बड़ा दोषी YouTube Teachers को बता दिया और 2 कौड़ी तक का कह दिया.....यदि किसी व्यक्ति विशेष से असहमति थी तो उसका नाम लेकर आलोचना करती।
इसके लिए India Today @aroonpurie को और अंजना को सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफ़ी जारी करनी चाहिए, India Today के हर platform का boycott होना चाहिए और किसी भी शिक्षक को कभी वहाँ नहीं जाना चाहिए।
हमें 2 कौड़ी का कह देना उन छात्र समुदाय के दिल पर भी आघात है जो हमें गुरु मानते हैं...
अगर आज आप अपने घर में पढ़ रहे बच्चों से... सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बच्चों से पूछेंगे, तो हमारे योगदान को आपको बता पाएंगे...
पिछले 10 वर्षों से गणित पढ़ाने के साथ मैं बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रिया की खामियों, पेपर लीक और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी लड़ रहा हूँ।
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
मासूम बच्चे और उनके माता-पिता की गाढ़ी मेहनत की कमाई का पैसा लूटने वाले कुछ कोचिंग सेंटर के सेलिब्रिटी टीचर्स आज भाड़े के वीडियो बना बनाकर ज्ञान दे रहे हैं। सार्वजनिक रूप से महिलाओं को गाली देने वाले, उनकी नक़ल उतारने वाले ये छिछले यूट्यूबर बच्चों की कड़ी मेहनत पर अपनी दुकान सजाते हैं। असल हीरो बच्चे हैं, ये माँ बाप की मेहनत की कमाई के लुटेरे कितना भी कूदें, देशभर के बच्चों को live जोड़कर हमने पेपर लीक के पिड़ित बच्चों को आवाज़ दी तो इनके स्टारडम को बड़ा धक्का लगा है! शिक्षा को धंधा बनाने वालों को दर्द हो तो अच्छा है।वैसे कोचिंग माफिया के खिलाफ मेरा विडियो वायरल करने के लिए धन्यवाद! मेरे शो पर सभी panelist ने बोला कि कोचिंग माफिया पर नकेल कसी जाए।
लाखों बच्चे दिन-रात एक करके पढ़ते हैं और रिज़ल्ट आता है तो पता चलता है कि UP SI में 11% सिलेक्शन सिर्फ 2 सेंटरों से हो गए! ये कैसा चमत्कार है? 🤔
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि UP SI में हुए इस 11% वाले 'चमत्कार' की तुरंत जांच करवाएं। ईमानदार छात्रों की मेहनत के साथ इतना बड़ा धोखा नहीं होना चाहिए! 🙏
पेपर कैंसिल होने के बाद इस बच्चे का दर्द समझिए, जिन्होंने मेहनत की, कर्जा लेकर पढ़ाई की, मां बाप, भाई बहन से दूर रहे, घर परिवार छोड़ कर एक 10×10 के कमरे में रहे, कभी रुखा सूखा बना लिया कभी भूखे सो गए अगर उनके साथ ऐसा हो तो फिर रोने के अलावा क्या ही कर सकता है कोई?
जिस दौर में कलाकार डर के मारे मुंह बंद किए हो,
उस दौर में अपने गाने से आज का सबसे ज्वलंत मुद्दा पेपर लीक उठाने वाले इस कलाकार को फेमस करो।
"मेरी नौकरी के द्वार कब खुल पाएंगे, कौन बताएंगे"
कहना रामजी से हालत मेरी ठीक नहीं है,
हर परीक्षा का पेपर हो जाता लीक है
RT का ढेर लगा दो।