इनको कनाडा भी चाहिए , इनको ग्रीनलैंड भी चाहिए , गल्फ ऑफ मेक्सिको को गल्फ ऑफ अमेरिका बना ही चुके है , यूक्रेन पर direct कब्ज़ा नहीं कर सकते तो वहां का सारा rare earth और क्रिटिकल मिनरल चाहिए
इन्हें वेनेज़ुएला के बाद अब क्यूबा भी चाहिए उसके बाद कोलंबिया पर निगाह डाले बैठे है |
फिलीपींस जापान और दक्षिण कोरिया को अपना टहलुआ बना के रखे ही हुए है और सारे गल्फ कंट्रीज के भरतार बने ही हुए है |
दुनिया मे 800 मिलिट्री बेस बना के रखे है कि कोई टिन्न पिन्न न कर सके
इनकी ही करेंसी में ही दुनिया का व्यापार होना चाहिए क्योंकि इसे जितना चाहे उतना छाप सकते है , जिस पे भृकुटि टेढी हुई उसका डॉलर से access ही खत्म कर देंगे (देखें बच्चु क्या खरीद बेच सकते हो )
इनको दुनिया भर में अपना माल 0 duty पे बेचना है और उनका माल उनकी मर्जी के duty स्ट्रक्चर पे खरीदो ....
इनको गला दबा कर सबसे इन्वेस्टमेंट भी लेना है और गला चोक कर के कहना है मेरा सैकड़ो बिलियन का माल तुम खरीदो ,
ये तय करेंगे कि कौन किस देश से कितना और कब तक तेल लेगा और ये जाकर सबके तेल पे कब्ज़ा करेंगे , सोने को लूटेंगे ..
ये तय करेंगे कौन बम बनाएगा कौन नही , कौन मिसाइल बनाएगा कौन नहीं .....
इनके body bags में इंसान की body होती है बाकियों के body bags में कचड़ा ..
इतने से भी मन नहीं भरा तो अब कह रहे है उपनिवेश वाद कितना अच्छा था , हम अब पूरी दुनिया को टुकड़े टुकड़े में नही इकट्ठे गुलाम बनाएंगे ....
कौन है ये लोग कहां से आते है
कौन है वे लोग जो इनकी विजय चाहते है |
कोलम्बस ! काश तुम राह न भटके होते ...
जापान पर परमाणु बम गिराया और ढाई लाख इंसानों को लील गए। कोरिया के दो टुकड़े कर दिए। वियतनाम को बर्बाद कर डाला। इराक को बर्बाद किया। अफगानिस्तान को तबाह किया। फिलिस्तीन को कब्रिस्तान बना डाला। सीरिया को जलाया। चिली, ब्राजील, उरुग्वे, पैरागुआ और अर्जेंटीना को बर्बाद किया। तालिबान को खड़ा किया। ISIS को खड़ा किया। दुनिया भर में आतंकवाद और युद्ध को बिजनेस बना लिया। वेनेजुएला पर हमला करके राष्ट्रपति को उठा ले गए। अब ईरान की तबाही का अध्याय जारी है।
मकसद है दुनिया भर के तेल और व्यापार पर कब्जा करना और अपने हथियार बेचना। नरसंहार और तबाही इनका सबसे बड़ा एवं एकमात्र व्यापार है। इंसानी खून पीना ही इनका एकमात्र शौक है। जो देश इसके चक्कर में पड़ा, तबाह हो गया।
अमेरिका का लोकतंत्र, तानाशाही के खिलाफ लड़ाई और शांति की बातें एक खून सना पर्दा है, जिसके पीछे करोड़ों की संख्या में इंसानी लाशें चीख रही हैं।
साल 2003/2004 की बात है.. मैं @ZeeNews मैं थी और चैनल पर एक स्टोरी चली थी- "सफेद दूध का काला कारोबार" जिसमें दिखाया गया था कि कैसे देश भर में नकली दूध बना कर बेचा जा रहा है..देशभर में बहुत हंगामा हुआ था..लेकिन अगर 22/23 साल बाद तक ये कारोबार बंद नहीं हो पाया है तो समझना मुश्किल नहीं है कि इस देश में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं..क्या स्थानीय नेताओं और अधिकारियों से ये अवैध कारोबार छुपे हैं? नहीं.. जानते सब हैं पर पैसे की ताकत का क्या कहिए! जेब भरी और मूंह बंद 🙏
अभी कुछ देर पहले RPSC ने द्वितीय श्रेणी परीक्षा का परिणाम जारी किया है। इस परिणाम में दो गुणा चयनित अभ्यर्थियों के केवल रोल नंबर और कट-ऑफ ही जारी की हैं, न नाम है और न ही विस्तृत अंक विवरण।
एक स्वाभाविक सवाल है हालांकि प्रत्येक बोर्ड की परीक्षा परिणाम प्रक्रिया अलग होती है मगर जब अधीनस्थ बोर्ड 20–22 लाख अभ्यर्थियों का परिणाम पूरा विवरण (नाम, रोल नंबर, अंक, श्रेणी आदि) के साथ सार्वजनिक कर सकता है, तो फिर RPSC में यह पारदर्शिता क्यों नहीं है?
यह परिणाम पर संशय नहीं बल्कि प्रश्न विश्वसनीयता और जवाबदेही का है।
अगर बोर्ड परिणामों की पूर्ण जानकारी साझा करेंगे, परीक्षा सेंटर से एक सेंटर कॉपी कलेक्ट्रेट मालखाने में जमा हो जाएं जैसी साधारण उपाय चयन प्रक्रिया पर भरोसे को ओर अधिक मजबूत करते है।
अगर एक बोर्ड लाखों अभ्यर्थियों के साथ पारदर्शिता बरत सकता है, तो RPSC जैसी संवैधानिक संस्था से इससे कम अपेक्षा क्यों?
मुंबई का मीरा भयंदर फ्लाईओवर दरअसल विकसित भारत के स्थापत्य कला का अप्रतिम नमूना है। इसका डिज़ाइन करने वाले इंजीनियर नमूने हैं… इस परियोजना को पास करने वाले अधिकारी और नेता भी नमूने यानि कि exemplars हैं। इसे डिज़ाइन के अध्ययन के लिए चीन से सड़क-पुल निर्माण के विशेषज्ञों की टीम भी आ सकती है।
कुछ सवाल जिनके उत्तर सबको मालूम है।
1.जब मंजू शर्मा और संगीता आर्या द्वारा किसी घोटाले का कोई प्रमाण सामने नहीं आया, तो उन्होंने समय से पहले इस्तीफा क्यों दिया? और यदि वे दोषी नहीं थीं, तो उनका इस्तीफा स्वीकार क्यों किया गया?
2.REET परीक्षा के मुख्य आरोपी जारोली और दीपक पाराशर की जोड़ी आखिर कहां गायब हो गई है? क्या वे पाताल में समा गए हैं, या जानबूझकर उन्हें ओझल रखा गया है?
3.इतने दिन बीत जाने के बाद भी जिन 38 लोगों को पकड़ा गया है, उनके नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए? उनकी बर्खास्तगी के आदेश अब तक जारी क्यों नहीं हुए?
4.बोर्ड से OMR शीट क्या अपने आप पैरों से चलकर बाहर चली गई? यदि उन्हें सुरक्षित नहीं रखा गया, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही है?
5.अधीनस्थ बोर्ड की तरह RPSC भी विस्तृत विवरण के साथ परीक्षा परिणाम क्यों जारी नहीं करता? क्या पारदर्शिता से परहेज किया जा रहा है?
6.क्या बाबूलाल कटारा अकेले ही भ्रष्टाचार कर रहा था? क्या अन्य सदस्य और अध्यक्ष उसकी गतिविधियों से अनभिज्ञ थे? या फिर उनकी सहमति और सहयोग के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव था?
आरोप गंभीर है
सरकार अपने मंत्रियों, विधायकों और संगठन के रुख के इतर #RASMAINSPOSTPONE नहीं कर रही है यह सवाल तो खड़े करता ही है क्योंकि
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपनी पेटियां भरने के लिए सरकार को गुमराह करना राजस्थान में आम बात है
@narendramodi@PMOIndia@AmitShah@JPNadda
बीजेपी प्रवक्ता के आरोप गंभीर हैं — परीक्षा से पहले ही पेपर लीक!
राजस्थान में ऐसा कौन सा ‘अधिकारयुक्त अधिकारी’ आ गया है जो युवाओं के भविष्य से खेल रहा है?
जिसके आगे पार्टी अध्यक्ष, दोनों डिप्टी CM और 40 विधायक भी बौने साबित हो रहे हैं!
@narendramodi@AmitShah
आपके राज में यह “अधिकारशाही” कैसा? ज़रा नज़र-ए-इनायत फ़रमाइए…
हुकूमतें बदलती हैं, मगर अफ़सर वही रहते हैं,
ज़ुल्म का चेहरा बदलता है, निज़ाम वही रहते हैं!
#Rajasthan
On 09 May 2025, from about 2100 hrs, Pakistan opened fire on BSF posts in Jammu sector without any provocation.
BSF is responding in commensurate manner causing widespread damage to posts and assets of Pakistan Rangers along the International Boundary. Our resolve to protect India's sovereignty is unshaken.
#BSF
#JaiHind
@BSF_India@PMOIndia@HMOIndia@mygovindia@BSF_SDG_WC@PIBHomeAffairs@mygovindia
All media channels, digital platforms and individuals are advised to refrain from live coverage or real-time reporting of defence operations and movement of security forces. Disclosure of such sensitive or source-based information may jeopardize operational effectiveness and endanger lives. Past incidents like the #KargilWar, 26/11 attacks, and the #Kandahar hijacking underscore the risks of premature reporting. As per clause 6(1)(p) of the Cable Television Networks (Amendment) Rules, 2021, only periodic briefings by designated officials are permitted during anti-terror operations. All stakeholders are urged to exercise vigilance, sensitivity, and responsibility in coverage, upholding the highest standards in the service of the nation. 🇮🇳
Read more: https://t.co/bHscgUBMEV
#MediaAdvisory #NationalSecurity #MIBIndia #ResponsibleReporting
@rajnathsingh@DefenceMinIndia@SethSanjayMP@HQ_IDS_India@adgpi@indiannavy@IAF_MCC@PIB_India
Indian Armed Forces launched #OperationSindoor, hitting terrorist infrastructure in Pakistan and Pakistan-occupied Jammu and Kashmir from where terrorist attacks against India have been planned and directed.
Altogether, nine (9) sites have been targeted.
There will be a detailed briefing on ‘OPERATION SINDOOR’, later today.
Read more: https://t.co/jVL5zo4F33
@chauhanmrigraj संपत्ति मामले को लेकर आपत्ति उठाना गलत नहीं है ये उनका निजी मामला है
मेरा कहना था कि संपत्ति की ये लड़ाई सड़को पर आ गई जिस कारण त्याग की धरती मेवाड़ गलत वजहों से चर्चा में रही
महाराणा प्रताप मेवाड़ के लिए महल छोड़ जंगलों में रहे और उनके वंशजों द्वारा ऐसा विवाद करना निंदनीय है
#MewarRoyalFamily के विवाद ने #मेवाड़ की शोर्य गाथा व अस्मिता पर एक काला धब्बा लगा दिया
जिन #Maharanapratap ने मेवाड़ के मान सम्मान के लिए महलों को,ऐशो आराम को त्यागा और जंगलों में रहें उन्हीं के वशंजों ने महलों और संपत्ति के लिए मेवाड़ के मान सम्मान का मजाक बना दिया
#Mewar
@chauhanmrigraj https://t.co/w6bcsE72ZW
ये शॉर्ट क्लिप है पूरा वीडियो मौजूद है
सिटी पैलेस पर विजिट को लेकर MP महोदया खुद बोल रही है कि नाराजगी विवादित संपत्ति पर विजिट को लेकर है अतः आखें बंद कर देने से रात नहीं हो जाती लोग सब समझते है।
और मेरी कर्मस्थली दिल्ली रही है वैसे में मेवाड़ से ही हूं