*मदुरई में यहां और आसपास ८००० जैन साधुओं को शूलि पर बैठाकर मारा गया था। यहां पर हिंदुओं ने मंदिर बनाया है इस शूलि का जहां आज भी जैनों को मारने का यह उत्सव मुर्गी को शूलि पर बैठाकर मनाया जाता । मंदिर का पुजारी इस जगह को रक्तशमणम बोलते जैनों का खून। रक्त = खून , शमनम मतलब जैन।*
गिरनार पर्वत (जूनागढ़, गुजरात), पांचवी टोंक। 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ को आज ही यहां से मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। वर्तमान में जैनियों को स्वतंत्र रूप से दर्शन-पूजन करने की पूर्ण अनुमति नहीं है। @aajtak@saurabhtop@Bhupendrapbjp@JPNadda#JainRightToGirnar5thPeak
क्या है गिरनार का सच?
गिरनार की 5वीं टोंक भगवान नेमिनाथ की मोक्षस्थली है। 2004 में हाईकोर्ट ने यहाँ से दत्तात्रेय मूर्ति हटाने का आदेश दिया था। पर दुर्भाग्यवश आज जैनों को ही वहाँ अपने प्रभु के चरण पादुका के दर्शन करने तक की अनुमति नहीं है।
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