वित्तमंत्री न��िर्मला सीतारमण ने गेमिंग सेक्टर में 10 लाख लोगों को नौकरी देने और युवाओं को कंटेंट क्रिएशन सिखाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में लैब्स खोलने का ऐलान किया है। लैब्स में बच्चों और युवाओं को कंटेंट क्रिएशन जैसे रील्स, वीडियो, एनिमेशन बनाना सिखाया जाएगा��� साथ ही महिलाओं के लिए डेडिकेटेड SHE-Mart और किसानों के लिए PMKS की राशि 6 हजार सालाना बरकरार रखी गई है।
@theskindoctor13 This is a fair question.
If the goal is poverty alleviation, then income should be the primary criterion, not caste alone.
Denying support to poor students just because they fall outside certain categories weakens the moral and policy logic of welfare itself.
Madhya Pradesh runs a scholarship scheme called MPTAAS for poor students belonging to SC, ST, and OBC from Class XI to PhD. I’m sure similar schemes are running in every state.
I just want to ask why not poor students of GC? If a welfare scheme already covers 85–90% of the state’s population, what rational justification exists for excluding the remaining section purely on caste lines?
Does the state assume that all GCs are economically secure? And if it is aware, as it must be, that a substantial number of GCs are poor, then their continued exclusion cannot be accidental. It points to a deeper structural bias: poverty is recognised only when it belongs to certain castes, and disregarded when it does not, an instance of administrative discrimination disguised as policy.
क्या इस देश में किसी भी कानून का दुरुपयोग नहीं होता? क्या गारंटी है कि इसका नहीं होगा? जातिगत भेदभाव/शोषण कतई नहीं होना चाहिए.. किसी का भी नहीं होना चाहिए..हर किसी को समान अधिकार,सम्मान मिले..कानून की नज़र में हर कोई बराबर हो.. लेकिन ये बराबरी झूठी शिकायतों को बढ़ावा देने से कैसे आएगी? इससे तो सिर्फ दूरियाँ बढ़ेंगी..और झूठी शिकायत करने वाले को सज़ा तक नहीं?इससे न्याय होगा? कतई नहीं! #UGCRollBack
🔥 एक के बाद एक धमाके!
जिस शादी को लेकर सपने बुने जा रहे थे,
जिसे स्मृति मंधाना से जुड़ा बताया जा रहा था,
वो रिश्ता शादी से ठीक दो दिन पहले टूट गया
और अब मामला जुड़ गया है 40 लाख रुपये के सनसनीख़ेज़ आरोप से!
आर���प है कि स्मृति मंधाना के बचपन के दोस्त वैभव माने ने
फ़िल्म बनाने के नाम पर
पलाश मुच्छल से 40 लाख रुपये ले लिए,
लेकिन न तो फ़िल्म बनी
और न ही पैसे वापस किए गए!
सबसे चौंकाने वाली बात
अब तक पलाश मुच्छल की तरफ़ से कोई सफ़ाई नहीं,
कोई बयान नहीं,
कोई जवाब नहीं!
ये महज़ पैसों का मामला नहीं है,
ये भरोसे, रिश्तों और सच्चाई पर लगा सवाल है।
❓क्या ये मामला भी दबा दिया जाएगा?
❓या इस बार सच सबके सामने आएगा?
💔 एक सदी का इंतज़ार, और आख़िर में बेघरपन…
जिस पिता ने अपने बच्चों को चलना सिख��या,
जिसने अपनी ज़रूरतें भुलाकर उनकी हर ख्वाहिश पूरी की,
आज वही 100 साल का बूढ़ा
अपनों के हाथों अनाथालय की चारदीवार��� में छोड़ दिया गया।
जिन बच्चों के लिए उसने अपनी पूरी उम्र कुर्बान कर दी,
उन्हीं बच्चों को आज अपने माँ-बाप
“बोझ” लगने लगे।
जिस उम्र में अपनों की आवाज़ सुकून देती है,
उस उम्र में उन्हें अजनबियों के बीच छोड़ दिया गया।
सब कुछ होते हुए भी
कोई सवाल नहीं उठा,
कोई हाथ रोकने आगे नहीं आया।
यह सिर्फ़ एक बुज़ुर्ग की कहानी नहीं है,
यह उस समाज का आईना है
जहाँ रिश्ते सुविधा तक सीमित हो गए हैं
और इंसानियत चु���चाप मरती जा रही है।
सोचिए…
कल हम भी बूढ़े होंगे।
क्या तब हमारे बच्चे
हमें भी “भारीपन” समझेंगे?
🕊️ माँ-बाप बोझ नहीं,
हमारी जड़ें होते हैं।
@namaste_cooking I completely agree. India has such rich culture, history, and diversity, and it truly deserves to be appreciated and shared with the world.
@AskAnshul Playing the victim card for fame or validation is not empowerment it is cruelty.
When false or exaggerated accusations are made, they don’t just ruin one innocent life, they destroy trust for real victims who genuinely need justice.
पटना गर्ल्स हॉस्टल का काला सच
पढ़ाई के सपने लेकर आईं बेटियाँ,
और हॉस्टल के नाम पर चल रहा था शर्मनाक धंधा।
जांच में खुलासा
NEET जैसी तैयारी के बहाने लड़कियों को रखा गया,
फिर डर, लालच और धमकी से देह व्यापार में झोंक दिया गया।
एजेंट्स की रेट लिस्ट उम्र और फिगर पर तय होती थी,
नाबालिग लड़कियों की उम्र छिपाने के लिए फर्जी ID तक बनाई गई।
सब कुछ “डिलीवरी सिस्टम” जैसा
दिन में भेजो, तय वक्त पर वापस हॉस्टल छोड़ो।
सबसे चौंकाने वाली बात
मामूली पैसों में वार्डन सब मैनेज।
यह सिर्फ अपरा�� नहीं,
हर माता-पिता के लिए चेतावनी है।
🇮🇳 भारत के रहस्यमयी मंदिर | Incredible India
भारत सिर्फ आस्था नहीं, रहस्यों की भूमि है ✨
🔱 कैलाश मंदिर -एक ही चट्टान से बना पूरा मंदिर
💰 पद्मनाभस्वामी मंदिर - दुनिया का सबसे बड़ा रहस्यमयी खजाना
🌺 कामाख्या देवी मंदिर -जहाँ देवी का मासिक धर्म माना जाता है
😨 मेहंदीपुर बालाजी मंदिर - भू��-प्रेत बाधा से मुक्ति
🧲 लेपाक्षी मंदिर - हवा में लटका खंभा
☀️ कोणार्क सूर्य मंदिर - चुंबक से जुड़ा रहस्य
🙏 ये मंदिर बताते हैं कि प्राचीन भारत Science से बहुत आगे था