@SupriyaShrinate अबे बेवकूफ !! इन्दिरा की गलतियों पर पर्दा डालने की चेष्टा मत कर। कारण जो भी रहा हो कुछ भी रहा हो पर अपने ही देशवासियों पर बमवर्षा करवाना किसी भी दृष्टि से न्यायोचित नहीं माना जा सकता।
आज कच्चा तिबू का उपयोग चीन हमारे ही विरुद्ध कर रहा है। और ये सब इन्दिरा के उस गलत फैसले के कारण।
@suryapsingh_IAS मोदी जी के सारगर्भित भाषण को समझने के लिये जिस बौद्धिक क्षमता की आवश्यकता होती है वह तुझमें नहीं है। अतः अपने दिमाग पर जोर डालने का प्रयास मत कर अन्यथा तुझे पागलपन के दौरे पङने लगेंगे।
@ajitanjum
तू पण्डित धीरेन्द्र शास्त्री जी की गणतंत्र दिवस वाली बात पर कीचङ उछाल रहा था।
असल बाप की औलाद है तो इस पर कीचङ उछालकर दिखा।
झारखंड
जामताड़ा विधायक इरफ़ान अंसारी की फिसली जुबान। मीडिया के समक्ष कह दिया स्वर्गीय राहुल गाँधी।
सुना था कि
हारे हुऐ या हारते हुऐ जुआरी के मुंह से बेतहाशा गालियां निकलती है। उसकी जुबान और बुद्धि उसके वश में नहीं रहती। वो पागलों जैसी हरकतें करने लगता है।
आज प्रत्यक्ष देख भी लिया।
केजरीवाल ने 2014 में सबसे corrupt politicians की लिस्ट निकाली थी । 14 नाम थे। आज अपना ही थूका हुआ चाटकर उन्ही भ्रष्ट नेताओं के साथ हाथ मिलाकर बेशर्मी से कह रहा है "मजबूरी है। मोदी शाह को हराना जरुरी है"।
मजबूरी सिर्फ इतनी है कि 2024 में यदि मोदी आ गया तो इन सबको नंगा करके छोङेगा।
पश्चिम बंगाल एक खतरनाक घटना के कगार पर। उत्तर 24 परगना में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पुलिस कर्मियों की उपस्थिति में भारतीय ध्वज को उठाकर जमीन पर फेंक दिया गया। पुलिसकर्मी मूक दर्शक बने रहे।
पश्चिम बंगाल की यह घटना एक अंतर्निहित धारा की भयावहता का संकेत दे रही है।
@ajitanjum अबे गधे !! तू मिडिल स्कूल के बच्चे की बात कर रहा है । पर चार साल का बच्चा भी जानता है कि मनुष्य और राक्षस में क्या फर्क है पर तेरा आका सूरजेवाला इतनी मामूली सी बात भी नहीं जानता। क्योकि सुरजेवाला तो कुछ अलग ही लेवल का है
तू जितना समय चम्मचागिरी में लगाता है उतना होमवर्क में लगाया
कांग्रेस की हर सरकार ने अडाणी को बङे बङे प्रोजेक्ट सौंपे और सौंपती जा रही है। लेकिन मोदी-अडाणी के रिश्ते पर कीचङ उछालने का कोई मौका नहीं चूकती।
दोगलेपन की हद है।
ऐसा लगता है कि न्यायपलिका हर सरकारी फैसले में अपना दखल चाहती है लेकिन जजों की नियुक्ति में उन्हे किसी का दखल बर्दाश्त नहीं यहां तक कि राष्ट्रपति, PM व संसद का भी नहीं।
सोचिये यदि मोदी जी भी ऐसे ही सोचने लगे तो क्या हो सकता है।
1947-POK जिन्ना को
370/35A काशमीर शेख अब्दुला को
1962-अक्साई चीन - चीन को
1972-भारत व लंका के बीच स्थित टापू कच्चा तिवू को इंदिरा ने श्रीलंका को दे दिया। तमिळनाडू CM करुणानिधी ने आपत्ति जताई तो उनकी सरकार ही बरखास्त कर दी। मोदीजी ने ये मुद्दा संसद मे उठाया. तो कांग्रेसी भाग पडे
@suryapsingh_IAS अबे-इन सबका हिसाब कौन तेरा बाप देगा
विभाजन के समय लाखों लोगो का खून
कश्मीर में हिन्दुओं का खून
दिल्ली में सिखों का खून
मिजोरम मे अपनी ही वायुसेना की बम वर्षा से बहा खून
इमरजेंसी मे बहा लाखों बेगुनाहों का खून
मणिपुर में 1993 में बहा 750 लोगो का खून
पाक से आ रही सिरकटी लाशों का खून
@SupriyaShrinate अबे बेवकूफ !! मोदी जी की दहाङ सुनकर दुम दबाकर भागने की कला को डर कहते है
मैंने खुद देखा है पानी पीते वक्त कैमरा उन्ही पर था। झूठ बोलने की बेशर्मी मत कर
इन्सान को बोलते बोलते प्यास लगना स्वाभाविक है। हां उन्टों और कुछ अन्य कुछ जानवरो को हफ्तो तक पानी पीने की आवश्यकता ही नहीं होती।
दंगे करवाने वाले मुसलमान किस तरह चालाकी से दुनिया भर के मीडिया में अपने आपको पीङित दिखाकर दुनियादारी अपने पक्ष में कर लेते है।
पेश है इस सम्बंध में एक मुस्लिम बुजुर्ग की जानकारी और अनुभव।
जो दोगले दिल्ली में देश की पहली AIIMS चालू करने का श्रेय नेहरु को दे रहे है वे पहले इसे ध्यान से पढें।
असल में नेहरु AIIMS के खिलाफ था। उस जमाने में नेहरु के खिलाफ जाना मुसीबत मोल लेना था। फिर भी राजकुमारी अमृतकौर ने सारे संसाधन अपने बलबूते पर जुटाकर देश को ये अनमोल तोहफा दिया।