प्रिय अवध ओझा! मुसलमान नमाज़ पढ़ता है, क्योंकि पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने नमाज़ को एक मुसलमान और गैर-मुस्लिम के बीच का सबसे बड़ा और बुनियादी फर्क बताया है। नमाज़ तब से अदा की जा रही है जबसे नमाज़ का हुक्म दिया गया है। मुसलमान मोदी सरकार से पहले भी नमाज़ अदा करता था, मोदी सरकार के बा��� भी नमाज़ अदा करता रहेगा मुसलमानों की नमाज़ें किसी सरकार को बनाने या गिराने के लिए नहीं है। मुसलमानों की नमाज़ें किसी की पूजा पाठ के विरोध में भी नहीं हैं।
मुसलमान का यक़ीन है कि अल्लाह जो करता है, बेहतर करता है। मुसलमान का यक़ीन है कि बेशक अल्लाह बेहतर करने वाला है। मुसलमान परेशान नहीं हैं, बिल्कुल परेशान नहीं हैं। हाँ! उन्हें परेशान करने के लिए नए-नए हरबे अख्तियार किए जा रहे हैं। लेकिन मुसलमान का यक़ीन कुरान पर है और कुरान कहता है कि "और य��� दिन हैं जिनको हम लोगों के बीच बदलते रहते हैं, ताकि अल्लाह ईमान वालों को जान ले और तुममें से कुछ को गवाह बना ले, और अल्लाह ज़ालिमों से प्रेम नहीं करता।"
इतिहास ऐसी दास्तानों से भरा पड़ा है कि हमेशा किसी की हुकूमत नहीं रही, जो सदियों तक बादशाह थे, आज उनके वारिस भी नहीं हैं। रहा सवाल मुसलमानों का तो मंगोलों का इतिहास पढ़ लीजिए, और आज मंगोल कौम किस धर्म की अनुया��ी हैं, यह भी पता कर लीजिए।
ये शहादत-गाह-ए-उल्फत में कदम रखना है,
लोग आसान समझते हैं मुसलमाँ होना।
बिहार के मुजफ्फरपुर में दरोगा मुस्तकीम खान के ��िलाफ़ SP ने इसलिए जांच बिठाई क्योंकि मुस्तकीम ने मुहर्रम ताज़िया के दौरान करतब दिखाया अपना हुनर दिखाया, अब मुस्तकीम खान को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मैंने जो अन्य तस्वीरें प���स्ट की है उन्हें गौर से देखने की ज़रूरत नहीं क्योंकि ये तस्वीरें हर व्यक्ति की आंखों और यादों में हैं कि कैसे संभल का तत्कालीन CO अनुज चौधरी हाथ में गदा लेकर एक किष्किंधा रथयात्रा में गदा लेकर चल रहा था, तीसरी तस्वीर भी याद है कि कैसे अमरोहा के SP और पुलिसकर्मी कावड़ियों के न सिर्फ़ पैर दबा रहे थे बल्कि उनके पैरों की मालिश भी कर रहे थे, याद हैं वो तस्वीर भी जिसमें बड़े अधिकारी हेलिकॉप्टर में सवा��� होकर कैसे कावड़ियों पर फूल बरसा रहे थे, इन अधिकारियों के खिलाफ़ कार्रवाई तो छोड़े जांच तक नहीं हुई थी।
आयुष मलिक, मोहम्मद अली ने मीडिया के सामने कहा है कि मुझे किसी ने फोर्स नहीं किया, मैं अपनी मर्ज़ी से मुस्लिम बना हूँ और दाढ़ीरखकर मैंने हज़ूर की सुन्नत अदा की है, मैं नमाज़ पढ़ता हूँ, किसी का मुझ पर दबाव नहीं था न है, मेरी बीवी और ससुर को खामाखा परेशान किया जा रहा है।
यहीं नहीं शामली के एक वरिष्ठ अधिकारी मीडिया को बोल रहे हैं कि ये अभी भी डॉक्टर इसरार अहमद के संपर्क में हो सकता है जो पाकिस्तानी स्कॉलर हैं, जबकि हकीकत ये है कि डॉक्टर इसरार अहमद का २०१० में इंतकाल हो चुका है।
मुसलमानों के खिलाफ सिर्फ प्रोपेगैंडा और झूठा भ्रम फैलाया जा रहा है।
फायर डिपार्टमेंट को कोई ये भी बता दे कि पहले खुद क�� व्यवस्था देख ले। आग लगने पर खुद को भी पता नहीं रहता कि क्या हो रहा है—कई बार उनकी मशीनें ही खराब पड़ी होती हैं।
तीसरी-चौथी मंज़िल तक पानी नहीं पहुँच पाता, पाँचवीं मंज़िल की तो बात ही छोड़िए।
पहले सरकारी अस्पताल और सरकारी स्कूल में असली फायर सेफ्टी सुनिश्चित करें जहाँ लाखो बच्चे पढ़ने आते है, फिर दूसरों पर कार्रवाई करें। नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए, तभी भरोसा बनेगा।
आज सरेंडर नहीं कर स��ेंगे खान सर, कोर्ट का समय समाप्त; वकील बोले- अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे
खान सर को लेकर क्या बोले उनके कोचिंग सेंटर के छात्र?
#KhanSir | @tabishh_husain | @journal_raman
ख़ान Sir की पूरी बात ध्यान से सुनिए एक सच्चे इंसान को बदनाम करने के लिए भाजपा के हिंदू मुस्लिम और युवाओं को बाँटने के एजेंडा में मत फँसिए।
ख़ान Sir वही हैं जिन्होंने लाखों बच्चों को न्यूनतम शुल्क में पढ़ाया कभी हिंदू मुसलमान नहीं देखा।
इन्होंने तो सम्राट सरकार की तारीफ़ भी की ऐसे में ख़ान Sir को टारगेट करना ठीक नहीं।
मामले की गहनता से निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
क्या सीखे मुन्ना…???
यही कि जब कुर्बानी देने का टाइम आए तो कुर्बानी हमेशा सिपाही की दी जाती है,
राजा और राजकुमार तो जिंदा रहते हैं, गद्दी पर बैठने के लिए।
हज जैसे मुकद्दस सफ़र में भी सरकार भ्रष्टाचार को रोक नहीं पाई है। पहले ढाई सो रुपये की घड़ी सात हज़ार रुपये में थमा दी गई। अब जब हाजी लौट रहे हैं, तो उनका सामान चोरी हो रहा है। यह वही सरकार है जिसके मुखिया ना खाऊँगा ना खाने दुंगा का नारा दिया करते थे।
शिक्षकों के सम्मान में बबीता मैडम भी आ गई मैदान में..
उन्होंने जबरदस्त ढंग से अंजना को रेलते हुए कहा कि अगर अंजना टीचरों को कह रही है कि टीचर दो कौड़ी की है तो अंजना खुद फूटी कौड़ी की ठहरी..!
VIDEO | Patna: Educator and YouTuber Khan Sir distributes uniforms to students selected in Bihar Police recruitment exam. He says, “The entire hall is filled with results… there are around 20 such halls and more than 12,000 students have been selected. Today the Bihar Police results were announced, and all these halls are full of successful candidates. Many students informed us that they have cleared the exam. We come from farming families; some have fathers who drive rickshaws. One student’s father sells clothes and bedsheets on a cycle. Another used to make bangles in a shop. Today their results have come. We are personally distributing uniforms to them. As a teacher, it gives great joy. We told them to work with honesty and dedication.”
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTeOLF)
🚨 Khan Sir ने गोदी मीडिया पत्रकारों अंजना ओम कश्यप , रुबिका लियाकत , नाविका कुमार , चित्रा त्रिपाठी और कई की चूलें हिला दीं!
📢 शुभांकर: मीडिया कैसी है?
Sir 🔥: कई विषकन्या…
बक़लोल एंकर…
गधों को पकड़ लाते हैं।
जिन्हें इकॉनमी का E नहीं पता,
वही ज्ञान दे रहे!
एंकर ही सरकार का प्��वक्ता है…
तो उसके प्रवक्ता को बुलाते क्यों हो? 💥