Soi sarkar jagti hi nhi
Aise faltu sarkaron ke paas hamare liye time hi nhi h
Bharat ka koi v govt aisa nhi h jo bachcho ke liye baat kare
Ye nikammi sarkar h
All parties hye hye
कई सालो से exam system गिर रहा था - सब चुप थे = 2023 में 2024 aspirant चुप थे, 2024 में 2025 वाले चुप थे!
नवाज़ देवबंदी का एक शेर याद आता है -
जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है.
आग के पीछे तेज हवा है, आगे मुकद्दर आपका है.
उसके क़त्ल पे मैं भी चुप था, मेरा नंबर अब आया.
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप हैं, अगला नंबर आपका है. #ThoughtForTheDay
आज जो हालात बन रहे है जहा छात्र अपनी आवाज भी नही उठा पा रहे और शिक्षको तक को चुप कराया जा रहा है ये लोकतंत्र और शिक्षा दोनों के लिए खतरे की घंटी है।
युवा ही राष्ट्र की शक्ति है,और उनकी आवाज दबाना असल में देश की आवाज दबाना है।
#NO_Wrong_SSC_Question#CHANGE_SSC_VENDOR#ssc_protest
लल्लनटॉप बैठकी में इस बार हमारे मेहमान हैं ऑनलाइन एज्यूकेटर आदित्य रंजन. अगर आप भी उनसे कोई सवाल पूछना चाहते हैं, तो कॉमेंट बॉक्स में हमें बताएं.
#LTBaithki@adityaranjan108
@Priyaaa_B @GaganPratapMath Jab soch me tatti bhari ho na tab jakr aisi baat niklti h
Agar hamare teacher netagiri v kar rahe hote na to bhi ye asad unke sath hoga par tum log ki gandi soch gangi hi rahegi
Hamlog padhai karte h kaisi hoti h mehnat tum kya jano q ki agar janti to ye sawal glti se v nhi bol
@GopalvermaEng Sir sare minister milkr kha rahe h nhi to unhe sahi galat najar nhi aata
Sab ekhi thali ke chatte bathe h mujhe to system par se trust khatam hote jaa rahe h kya karu sir
मेरी बात को कुछ लोगों ने ग़लत समझा। मेरा इरादा ये नहीं था कि राहुल गांधी जी फ़ौरन आंदोलन में आ जाएं। मैं सिर्फ़ ये कह रहा था कि विपक्ष को सरकार से लगातार सवाल करते रहना पड़ेगा जब तक हल न निकले। छात्रों को इंसाफ़ ना मिल जाये ।
मुद्दे पर फोकस रखते है , व्यक्ति पर नहीं।
किसी को भी किसी भी नेता की नीयत पर सवाल नहीं था, पर संघर्ष में साथ की उम्मीद है ।
मगर जब पूरा सिस्टम बहरा हो जाए, तो हर तरफ़ से लगातार आवाज़ ज़रूरी होती है।
देखिए मेरा उद्देश्य सिर्फ़ exam system को fair कराना है - उसी की लड़ाई लड़ रहे है- पानी सर के ऊपर से निकल गया - तब इतने दुखी है
हमारा भी दर्द समझिये । और जैसे ही हल निकल जाएगा हमे क्या ही मतलब ? हम अपना पढ़ाये, बच्चे पढ़े । अपलोग एक अच्छा शासन करो - देश को नंबर-१ बनाओ
#RAILWAY_JAWAB_DO
"हर परीक्षा में पास होकर भी हम असफल कहलाए... क्योंकि भर्ती ही नहीं आई!"
क्या यही है युवाओं के सपनों की कीमत?
हम रेलवे से माँग करते हैं —
1- समयबद्ध परीक्षाएँ
2- पारदर्शी चयन प्रक्रिया
3- स्थायी भर्ती कैलेंडर
4- लंबित भर्तियों की शीघ्र पूर्ति
5- ग्रुप-डी की रिक्तियों में वृद्धि
#RAILWAY_JAWAB_DO सिर्फ ज़रूरत नहीं, अब मजबूरी बन गई है।