"इतिहास फिर से खुद को दोहरा रहा है"
नेहा बोरा ने वीडियो संदेश जारी कर कहा- अगर हम लोग गिरफ्तार हो जाते हैं तो आप लोग इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाएं।
#JantarMantar
मोदी सरकार द्वारा मेट्रो स्टेशन और ट्रेन को रोकने के सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि
ये भारत के युवा हैं इन्हें कोई नहीं रोक सकता 🔥
ऐसी ग़लतफ़हमी पालने वालों से पूछता हूँ आप कितनी ट्रेन रोकेंगे?
ये युवा दुनियाँ को रास्ता दिखाने की क्षमता रखते है
सत्य विचलित हो सकता है, पराजित कदापि नहीं।
सरकार ने छात्र आंदोलन को बर्बरता पूर्वक दबाने की असफल कोशिश के लिए
वह सब कुछ किया जो नहीं करना चाहिए था पुलिस के भेष में प्राइवेट गुंडे भेज कर ,
आंदोलनकारी छात्र-छात्राओं पर जुल्म किया इसकी सच्चाई बताता हुआ पुलिस का एक जवान।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए भारत पहुंचे ध्रुव राठी
◆ वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
Dhruv Rathee | ध्रुव राठी | Abhijeet Dipke | #AbhijeetDipke | #PrakashRaj | Prakash Raj | #DhruvRathee
🚨A political bandh cannot become a licence to disrupt railway services.!
A political party worker allegedly attempting to stop train movement in Sambalpur, Odisha, raises a serious question: Why should thousands of ordinary passengers suffer because of a political protest?
Students, workers, patients, families - people have places to be and lives to manage.
Protest is a democratic right. Blocking trains and disrupting essential passenger services is a different matter and should be dealt with strictly under the law.
Public transport must not be held hostage to politics.
@OdishaRail@RailMinIndia
📸 Credit: IG/sameersadangi
#IndianRailways #KeepDelhiMoving
कैमरा लेकर ही सही, मदद तो कर रहे हैं खान सर। नेता लोग तो चूड़ा गुड़ बंटने में ही हांफ गए।
आज खान सर एक ऐसी महिला से मिले जिनका घर बाढ़ में डूब गया था और जिनके पति लकवाग्रस्त थे; उन्होंने महिला को मदद का भरोसा दिलाया।
ईए बंदा अपने लिए नहीं लड़ रहा देश के लोगों के लिए लड़ रहा सिर्फ अपना सोचता तो आराम से Ac में बैठकर हवा खाता रहता है
मैं देश के लोगों से अपील करती राहुल गांधी जी का साथ दीजिए! देश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल देगा!
सुप्रीम कोर्ट के वकील @MehmoodPracha को सुनिए! हालांकि उनके तेवर पहले भी ऐसे ही रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी बॉडी लैंग्वेज़ बता रही है कि ‘ज्ञानेश’ की विदाई नज़दीक है। और सिर्फ ज्ञानेश ही नहीं उनके ‘बॉस’ और उस ‘बॉस’ के ‘बॉस’ की भी कुर्सी खतरे में है। क्या ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं?
देशभर में लोग अपने हक़ के लिए लड़ रहे हैं - और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं।
Gen Z, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएँ - हर संघर्ष की अपनी कहानी है। पर जो आवाज़ अकेली उठती है, वो अक्सर दब जाती है।
'सत्याग्रह' इन्हीं आवाज़ों को एक नक्शे पर साथ लाने की पहल है।
बापू ने यही सिखाया था - सच सबसे बड़ा हथियार है। पर उससे भी बड़ा हथियार है, एकता में सच के साथ खड़े होना।
अगर आप भी किसी अन्याय से लड़ रहे हैं - अपनी कहानी भेजिए। दो मिनट लगेंगे।
आपकी कहानी नक्शे पर आएगी। आप देखेंगे कि आपकी तरह और कौन-कौन लड़ रहा है। और मैं जो कर सकता हूँ, करूँगा - संसद में, सड़क पर, खत लिखकर, जहां भी मेरी ज़रूरत हो वहां आपके साथ खड़े होकर - नेता विपक्ष के रूप में ये मेरी ज़िम्मेदारी है।
अपने सत्याग्रह को कहानी मुझे यहां बताएं
👉 https://t.co/hJ8iARr5La
बिहार के दरभंगा के मेकना गांव से इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गांव के मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसका जनाजा ले जाया जा रहा था। अधिक बारिश के कारण लोगों ने दूसरे रास्ते से जाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि स्थानीय हिंदू पासवान समाज के लोगों ने उस रास्ते से जनाजा नहीं जाने दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, उस जमीन पर पासवान समाज के लोगों का कब्जा है। उन्होंने कहा कि वे यहां मंदिर बनाएंगे, इसलिए इस रास्ते से जनाजा नहीं ले जाने देंगे।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सड़क पर जनाजा रखकर हिंदू समुदाय के लोगों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने।
आरोप हैं की मौके पर पुलिस भी मौजूद थी, लेकिन कोई सहायता नहीं की गई। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों को कंधे पर जनाजा उठाकर खेत के रास्ते गांव की ही नदी पार कर जनाजा ले जाना पड़ा।