आरक्षण जरूरी क्यों..?
आरक्षण सभी वर्गों में संतुलन स्थापित करता है।
संतुलित समाज महान राष्ट्र का निर्माण करता है।
महान राष्ट्र राष्ट्रीय संपत्ति और राष्ट्रीय संस्था स्थापित करता हैं जिसमें सभी वर्ग की भागीदारी एक राष्ट्रवादी नागरिक बनाता है जो मानवता और राष्ट्र का रक्षक होता है।
ममता जी के ऊपर जानलेवा हमला हो रहा है।
BJP शासित राज्य में अगर असामाजिक तत्त्वों द्वारा हिंसा की जा रही है और इस पर देश के गृह मंत्री चुप हैं इसका सीधा अर्थ है कि वो इसके मौन समर्थन में हैं।
जो भी भाजपा करवा रही है ,बस गिनती याद रखे।
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण होगा, नहीं तो भारत पूरी तरह से फ्री मार्केट होगा। किसी भी भारतीय कंपनी को किसी तरह की कोई फ्री की रेवड़ी नहीं मिलेगी और कोई फोकट का प्रोटेक्शन नहीं मिलेगा। सारे क्षेत्र खुले होंगे। इनके धंधे बचाने के लिए 50 लाख की विदेशी कार जैसी वस्तुओं को कोई 2 करोड़ में क्यों खरीदे?
दिल्ली में तेरह वर्ष इंजीनियरिंग छात्रों को पढ़ाया हूं। नए आविष्कार करने वाले छात्रों की कमी नहीं है।
कमीं है सत्ता और समाज में नियत की, व्यापारियों में अपनी कमाई के श्रोतों के बदलने की चुनौतियों की।
सत्ता, वर्चस्ववादी समूह और देशद्रोही व्यापारी इस देश के विकास में रोड़ा है।
"बहुजन लड़के ने इस तरह बनाया फ्लाइंग कार"
अमेरिका ने परमाणु बन बनाया, रॉकेट, सॅटॅलाइट बनाया तो भारत ने भी बनाया।
फ्लाइंग कार भी पश्चिम देशों सहित चाइना ने बनाया।
अब रवि टंटा ने भी भारत में फ्लाइंग कार बना कर दिखा दिया जबकि कुछ ब्राह्मण अभी भी मंत्र गपोड़ने और गोबर गोमूत्र को ही रिसर्च समझ बैठे है।
प्रदेश का खजाना खाली है लेकिन बीजेपी सरकार के मंत्री अब 37 लाख तक की गाड़ी खरीद सकते है, इसी तरह से अन्य पदाधिकारियों को गाड़ी खरीदने में सरकारी राशि बढ़ाई गई है। एनडीए के नाकारे मंत्रियों को ऐशो-आराम चाहिए भले ही लोगों को पेंशन और सैलरी मिले या नहीं। #Bihar
"बहुजन लड़के ने इस तरह बनाया फ्लाइंग कार"
अमेरिका ने परमाणु बन बनाया, रॉकेट, सॅटॅलाइट बनाया तो भारत ने भी बनाया।
फ्लाइंग कार भी पश्चिम देशों सहित चाइना ने बनाया।
अब रवि टंटा ने भी भारत में फ्लाइंग कार बना कर दिखा दिया जबकि कुछ ब्राह्मण अभी भी मंत्र गपोड़ने और गोबर गोमूत्र को ही रिसर्च समझ बैठे है।
महात्मा ज्योतिराव फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की वैचारिक विरासत के उत्तराधिकारी हरी नरके जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन।
मनुवादी ताकतों को फुले-शाहू-आंबेडकरवादी विचारधारा की ताक़त से तर्कसंगत और प्रभावशाली रूप से चैलेंज करने वाले व्यक्ति का नाम था हरी नरके।
जब सामाजिक न्याय विरोधी ताक़तें अपना विकृत रूप दिखा रही थीं, उस वक़्त प्रगतिशील आंदोलन को अपनी लेखनी से वो मज़बूत करते रहे।
उन्होंने महात्मा ज्योतिराव फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले और बाबा साहेब के लेखन तथा विचारधारा पर आधारित कई पुस्तकों का संपादन किया। राजर्षि शाहूजी महाराज की रचनाओं और कार्यों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक न्याय की विचारधारा को मज़बूत करने के क्रम में उन्होंने 56 पुस्तकें लिखीं और हजारों लेख और ब्लॉग लिख डाले ।
कलम की ताक़त से हमारे महानायक और महानायिकाओं को आम जनमानस की चेतना तक पहुँचाते रहे। उनका असामयिक चले जाना हमारे मूवमेंट के लिए बड़ी क्षति थी, लेकिन अपनी लेखनी के माध्यम से आप हमेशा हमें सही दिशा दिखाते रहेंगे।
नमन।
15 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रही आदरणीय @MamataOfficial जी पर गुंडों द्वारा किया गया जानलेवा हमला अत्यंत निंदनीय है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। बीजेपी द्वारा अराजकता, नफ़रत और हिंसा का सामान्यीकरण करना जनतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
बीजेपी शासित राज्य में असामाजिक तत्त्वों द्वारा भारत के सभ्य लोकतांत्रिक व संवैधानिक मूल्यों को तार-तार किया जा रहा है। ऐसी हिंसात्मक घटना पर केंद्र सरकार से प्रतिक्रिया नहीं आना दर्शाता है कि भारत सरकार का इस पर मौन समर्थन है।
सुप्रीम कोर्ट के कोलेजियम ने चार जजों को हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है.
1. जस्टिस एमसी त्रिपाठी - बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया है.
2. जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा - पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट.
3. जस्टिस आर.वी घुगे - कलकत्ता हाईकोर्ट.
4. जेवी कमेश्वरवर राव - पटना हाईकोर्ट.
इन जजों में एक भी OBC SC ST का नाम नही है. वर्तमान में किसी हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस OBC SC ST समाज से नही. दुख इस बात का कोलेजियम के इन नियुक्ति पर किसी भी राजनीतिक दल ने विरोध नही जताया है. विरोध केवल सोशल मीडिया पर किया जा रहा है.
ऊच कोटि का शराब और शुद्ध दूध की कीमत बराबर होनी चाहिए।
शुद्ध दही की कीमत शुद्ध दूध का डेढ़ गुना होनी चाहिए।
पनीर की कीमत शुद्ध दूध के कीमत से छह गुनी होनी चाहिए।
घी की कीमत शुद्ध दूध का दस गुना होना चाहिए।
दूध के मिठाई की कीमत शुद्ध दूध का आठ गुना होना चाहिए।
@PMOIndia@HMOIndia
संघ प्रमुख मोहन भागवत जो कुछ भी कह रहे हैं, उनकी बात संघ से प्रेरणा लेने वाले भारत सरकार के मंत्री क्यों नहीं सुनते? यह सब देश के साथ सिर्फ़ एक भद्दा मज़ाक़ लगता है। पहले लड़कियों को, नौजवानों को पिटवाओ, उन्हें पुलिस से परेशान कराओ और फिर प्रवचन करो!
आपको जो भी बोलना हो, वे आपके लोग सुनें। हम तो बस यह देखेंगे कि सरकार संविधान के प्रति कितनी प्रतिबद्धता रखती है!
पिछले दिनों प्रो. राजीव भार्गव का एक लेख "निजी, सार्वजनिक और राजनैतिक नैतिकता" (अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा अनूदित) पढ़ रहा था जिसमें वे अशोक के काल में धम्म (नीतिशास्त्र) का हवाला देते हैं और कहते हैं, अंतर्वैयक्तिक यानी दो व्यक्तियों के बीच की नैतिकता का अर्थ है कि हमारी अपने बच्चों, जीवनसाथी, माता-पिता, शिक्षकों, पड़ोसियों, ज़रूरतमंद लोगों, बुजुर्गों, 'सेवकों', पशुओं और कभी-कभार अजनबियों के प्रति भी कुछ बाध्यताएं और कर्त्तव्य होते हैं। वहीं सार्वजनिक नैतिकता के दो स्वीकार्य आयाम हैं- न विद्वेषपूर्ण अभिभाषण करना, न आत्मप्रशंसा करना। और, राजनैतिक नैतिकता में हम देखते हैं कि शासक और शासित का एक-दूसरे के प्रति देय क्या है। लुब्ब-ए-लुआब यह कि शासक का आचरण ऐसा हो कि शासित उसकी बातों का अनुपालन स्वाभाविक रूप से करे, और शासक जनहित और जनसुख को सुनिश्चित करे। शासक और उसके कारिंदों का आचार 'दंडसम्मत' और 'वियोहलसम्मत' (दंड देने और राजनैतिक व विधिक व्यवहार में निष्पक्ष) हो।
इस मानक पर मौजूदा सरकार अधिकांश अवसरों पर पूरी तरह अनैतिक नज़र आती है। दिल्ली पुलिस भारत सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत काम करती है। आख़िर किसने युवजन के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार का निर्देश दिया था? एक लड़की के साथ पुलिस का व्यवहार कितना अमानवीय और घिनौना था, क्या भागवत को यह नहीं दिखाई पड़ता? गृहमंत्री क्यों नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा नहीं देते?
दिल्ली के जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन के बाद झारखंड के छात्रों के आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। अब तो गोदी मीडिया भी छात्रों का समर्थन कर रही है। यह सही समय है कि उत्तर प्रदेश के 69,000 शिक्षक भर्ती घोटाले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का।
भाजपा-RSS के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश में जातिगत जनगणना होने नहीं देगी!
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि जाति जनगणना के दौरान लोगों से बस उनकी जाति पूछी जाएगी और जवाब को हूबहू दर्ज किया जाएगा।
उपनामों या उप-जातियों को बड़ी जाति श्रेणियों में वर्गीकृत नहीं किया जाएगा।
जनगणना में पहले से ही SC-ST समुदायों को दर्ज करने के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू का इस्तेमाल किया जाता है।
RGI ने OBC के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू का इस्तेमाल करने पर हामी भरी थी और उसके बाद अब अगर मुकरती है, तो यह 60% पिछड़ों के साथ गद्दारी होगी।
अगर कोई ड्रॉप-डाउन मेन्यू नहीं होगा, तो 2011 के सेन्सस और इस जनगणना में कोई फर्क नहीं रहेगा।
केंद्र सरकार कान खोलकर सुन ले, अगर जातिगत जनगणना नहीं हुई, तो देश की 85% आबादी उठ खड़ी होगी, जिसे रोकना आपके बस की बात नहीं होगी।
RSS जातिवादी बाह्मण मनुवादी संगठन है। हिंदू के नाम पर ब्राह्मणों की सत्ता बनाये रखने तथा संविधान को बदलकर धर्म की भेदभावपूर्ण ब्राह्मणवादी मनुवादी व्यवस्था स्थापित करने में लगा हुआ है। OBC,SCST, किसानों की शिक्षा,नौकरी,रोजगार, आरक्षण,का विरोध मुसलमान नहीं RSS,BJP कर रहे हैं?