@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar Tre 3 के साथ ही ऐसा क्यूँ किया जा रहा है एक को ही बार बार मौका और किसी को एक भी नहीं ये तो बहुत नाइंसाफी है न TRE3 को भी मौका मिलना चाहिए। हम सरकार से आग्रह करते है कि हमारी भी परेशानियों को समझे और हम सभी पर अपनी कृपा करें।
@sharma02nidhi@mkrtiwari_bjp परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
@BiharEducation_@samrat4bjp@mkrtiwari_bjp@EduMinOfIndia@IPRDBihar परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
@btetctet परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
@News18Bihar परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
@amitkvikram परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
@Team_BRVAS परिवीक्षा अवधि के कारण ट्रांसफर से वंचित रहने वाले TRE 3 के शिक्षकों के पास एक ही विकल्प है जल्द से इस SOP पर एक केस दायर कर दीजिए। जब पहले परिवीक्षा अवधि मे TRE 1, 2 का प्रोबेशन पीरियड में ट्रांसफर हो सकता है तो TRE 3 का क्यों नहीं? महिला शिक्षिकाएं दूर हैं ट्रांसफर मुश्किल है
बिहार शिक्षक ट्रांसफर पोस्टिंग ट्वीट सही है ,
लेकिन डेट नहीं लिखे है इसलिए कहीं रोज आज पढ़कर खुश रहने की नौबत ना आ जाए न्यूज़ बनाओ व्यंग के साथ
कल हो ना हो', पर 'आज' तो हमेशा रहेगा!
इस पोस्ट की सबसे खूबसूरत बात यही है कि यह कभी पुरानी नहीं होगी।
सोमवार को पढ़ो: "वाह! आज ही खुलेगा पोर्टल।"
बुधवार को पढ़ो: "अरे वाह! आज भी मौका है।"
अगले महीने पढ़ो: "लो जी, आज फिर पोर्टल खुलने की बात हो रही है।"
बिहार शिक्षा विभाग: ना अल्लाह मिले ना राम, न पढ़ाई शुरू हुई न ट्रांसफर का खुला काम
पटना। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के सरकारी दावों की एक बार फिर हवा निकल गई है। विभाग द्वारा जोर-शोर से तय की गई 1 जुलाई की डेडलाइन समाप्त हो चुकी है, लेकिन जमीन पर न तो नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो सकी है और न ही महीनों से लटका शिक्षकों का ट्रांसफर-पोस्टिंग का काम पूरा हो पाया है। हालात यह हैं कि छात्र और शिक्षक दोनों ही अधर में लटके हैं।
दावों की खुली पोल, सन्नाटे में नए संस्थान
सरकार ने सूबे के 211 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज और 38 जिलों में 572 मॉडल स्कूल खोलने का बड़ा एलान किया था। शिक्षा विभाग पिछले 6 महीनों से इसकी तैयारियों का दावा कर रहा था और 1 जुलाई से यहां विधिवत पढ़ाई शुरू होनी थी। इन कॉलेजों में दाखिले के लिए करीब 60 हजार छात्र आवेदन देकर बैठे हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के चलते इन नए संस्थानों में अभी पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है।
मानकों में ढील के बाद भी नहीं मिले शिक्षक
कॉलेज संचालन के लिए विभाग को 6752 शिक्षकों की जरूरत थी। इसके लिए पहले नेट और पीएचडी पास शिक्षकों को स्कूल से कॉलेज भेजने का आदेश जारी हुआ, जिसका भारी विरोध होने पर सरकार को पैर पीछे खींचने पड़े। इसके बाद 100 अंकों का एक कड़ा मानक तैयार कर 70% अंक लाना अनिवार्य किया गया, लेकिन पूरे सूबे से सिर्फ 200 शिक्षक ही इस कसौटी पर खरे उतर सके। आनन-फानन में योग्यता का दायरा घटाकर 50% भी किया गया, इसके बावजूद स्कूलों और कॉलेजों को पर्याप्त शिक्षक नसीब नहीं हो सके।
10 बार तारीखें बदलीं, पर नहीं खुला तबादलों का पोर्टल
5.88 लाख शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 30 जून तक की समयसीमा तय की थी। उन्होंने 29 मई से 25 जून के बीच करीब 10 बार अलग-अलग तारीखें देकर दावे किए, लेकिन धरातल पर तबादलों के लिए आवेदन करने वाला पोर्टल तक नहीं खोला जा सका। पदों के मिलान (रेशनलाइजेशन) की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अब इस पूरी कवायद के जुलाई के अंतिम सप्ताह तक खिंचने की संभावना जताई जा रही है।
बिना डेटा के ही सुधार की कोशिश, 14 हजार स्कूलों में सरप्लस शिक्षक
शिक्षा विभाग की सबसे बड़ी नाकामी बिना किसी ठोस डेटा के नीतियां बनाना रही है। राज्य के 14 हजार स्कूल ऐसे हैं, जहां तय मानक से कहीं अधिक शिक्षक तैनात हैं, जबकि कई स्कूल एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। विभाग के पास वर्तमान में विषयवार शिक्षकों का कोई स्पष्ट डेटा ही मौजूद नहीं है। बिना किसी होमवर्क के डेडलाइन तय करने का नतीजा यह हुआ कि पूरी योजना पटरी से उतर गई है। हालांकि, सीएम सम्राट चौधरी ने भी नए सत्र से मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज में पढ़ाई शुरू कराने की बात कही थी, लेकिन प्रशासनिक शिथिलता के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मंत्री का बयान:
"बिहार में 5.80 लाख से अधिक शिक्षकों का ट्रांसफर होना है। नई नीति कैबिनेट से पास हो चुकी है। पूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जो भी समस्याएं आ रही हैं, उन्हें जल्द ही दूर किया जा रहा है।"
— मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री, बिहार
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