This scene is really hard, looks like it ws it ws all real, the whole story ws like this movie ws jst written fr Sushant, this really md evryone cry😭, the dialogue said by #SaifAliKhan ws so true abt Sushant's Life, it ws so relevant to his life #DilBechara#SushantSinghRajpoot
Please help me get my Facebook account back! Dear @facebook and @meta , my Facebook account Md Usman Ali was suspended on July, 2026. I completed the appeal and video selfie verification. This account matters a lot to me. I respectfully request a review. Thank you,💔
दिल्ली संसद मार्ग थाना में इस व्यक्ति का मार मार कर बुरा हाल कर दिया है किसने किया बताने की जरूरत नहीं है पुलिस ने किया
व्यक्ति ने कहा मेरी बेटी को भी पीटा गया
यह मोदी सरकार झूठी सरकार है, ईवीएम से बनी सरकार है
@rajendersingh56
It’s 4 AM now.
While India sleeps, Congress is fighting for #JusticeforAnkitaBhandari on the streets of Delhi.
Pawan Khera, Imran Pratapgarhi, Supriya Shrinate, Vinod Jakhar, Uday Bhanu Chib & Alka Lamba are spending their night on the Delhi’s footpath right in front of India Gate.
Long live INDIAN NATIONAL CONGRESS.🇮🇳
BJP’s Entire Propaganda Machine EXPOSED on LIVE TV! 🔥
NDTV puts the actual footage right in front of Richa Parashar, showing Rahul Gandhi guiding people and clearing a path in a packed corridor.
Richa’s defense? "Republic Bharat told me that Rahul Gandhi pushed me." 🤡
That one sentence exposes how cheap political hit jobs are manufactured in this country.
When hard video evidence refuses to bend to your script, you rely on friendly TV studios to invent an assault.
Shame on Richa Parashar! Shame on BJP!
दिल्ली में 10, 11 और 12 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों पर मेरा कुछ विश्लेषण है।
1. मुझे लगता है कि 10 अक्टूबर को CJP के आंदोलन को जरूरत से ज्यादा बड़ा बना दिया गया। जिस तरह से पुलिस की तैयारियाँ थीं, मेट्रो, ट्रेनें, बैरिकेडिंग और भारी सुरक्षा बल की तैनाती की खबरें थीं, उससे ऐसा माहौल बन गया जैसे दिल्ली में कोई बहुत बड़ा आंदोलन होने जा रहा हो। सवाल ये है कि क्या इस पूरी कवायद में कांग्रेस का आंदोलन कहीं पीछे छूट गया? और क्या ऐसा जानबूझकर किया गया?
2. दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। प्रदर्शनकारियों को जिस तरह हिरासत में लिया गया और पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के जो वीडियो सामने आए, उनसे सरकार और पुलिस दोनों की किरकिरी हुई। कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, लेकिन क्या उसके लिए इतनी सख्ती जरूरी थी? मुझे लगता है कि इस मामले को कहीं बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था।
3. एक और बात जो मुझे महत्वपूर्ण लगती है, वो ये कि सरकार जिस हिरासत को लेकर लोगों में डर बनाए रखना चाहती होगी, कहीं उसी हिरासत का डर अब लोगों के मन से निकलना शुरू तो नहीं हो गया? अगर ऐसा है तो आने वाले समय में इसका असर दूसरे आंदोलनों पर भी देखने को मिल सकता है।
4. अब एक दिलचस्प बात देखिए। 10 अक्टूबर को CJP का आंदोलन इतनी सुर्खियों में रहा कि कांग्रेस का विरोध कहीं दबता हुआ दिखाई दिया। लेकिन आज 12 अक्टूबर को कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च में जो भीड़ दिखाई दी, वो मेरे आकलन में पिछली बार की अपेक्षा बड़ी नजर आई।
यानी मुद्दा भले ही एक हो, लेकिन जिन राजनीतिक दलों के पास अपना कैडर है, अपना संगठन है, वो लंबे समय तक अपनी राजनीतिक मौजूदगी बनाए रखने की क्षमता रखते हैं। हालाँकि भीड़ के सही आँकड़ों से ही इसकी अंतिम पुष्टि होगी।
5. अब सवाल ये है कि क्या सरकार ने इस पूरे मामले में कोई मास्टरस्ट्रोक खेला या फिर कोई रणनीतिक भूल कर दी?
हो सकता है कि CJP के आंदोलन को रोकने में प्रशासन को तात्कालिक सफलता मिली हो। हो सकता है कि कांग्रेस का आंदोलन भी कुछ समय के लिए सुर्खियों से पीछे चला गया हो। लेकिन आज के प्रदर्शन को देखकर ये सवाल जरूर खड़ा होता है कि क्या कांग्रेस को पीछे करने की कथित कोशिश वास्तव में काम आई?
मेरा निष्कर्ष थोड़ा अलग है।
सरकार किसी आंदोलन को एक दिन के लिए रोक सकती है, लेकिन विरोध की भावना को रोकना इतना आसान नहीं होता। और जिन दलों के पास अपना कैडर, संगठन और जमीन पर काम करने वाले लोग हैं, उनकी राजनीतिक मौजूदगी को केवल पुलिस की सख्ती से खत्म नहीं किया जा सकता।
कहीं ऐसा न हो कि जिस रणनीति को आज सरकार अपनी कामयाबी समझ रही हो, आने वाले समय में उसी के कुछ परिणाम उसके लिए परेशानी का कारण बन जाएँ।
फिलहाल ये मेरा आकलन है। आने वाले दिनों में पता चलेगा कि 10 अक्टूबर को सरकार ने आंदोलन रोका था या अनजाने में आगे के आंदोलनों के लिए जमीन तैयार कर दी थी।
I’d like to thank every single person who came out today for this protest. I'd also like to thank the millions of people who showed support in their own way at 3pm. Thank you to the leaders of INDIA bloc, all the workers of the Congress party and workers of the INDIA bloc.
Today was a very important day because we needed to show the government that the people of India are not going to be intimidated. You cannot beat us, threaten us, frighten us. We will not accept being bullied.
I was wondering where the cowards of the RSS who were beating the young children day before yesterday were. Where were those people? Because I didn’t see them.
When we are standing there and when the people of India are standing there, why don’t you come out? Why don’t you wear your little scarves and come out and see what happens?
Because you’re essentially, like the Prime Minister of India, bullies. You cannot stand up. You can only use power to fight.
So, it’s very heartening to see what happened. I’m proud of everybody. Everybody worked like a team.
As I said in my press conference, there are no parallel protests. It’s one protest, and it’s a protest where everybody is standing together. Every single person is going to stand against these killers of our Constitution, these killers of our democracy. And we’re not going to back down.
I’d also like to thank everybody from civil society organisations who came, supported us. We value your support, and we love all of you.
Thank you all for coming out and defending the idea of India, the idea of the Constitution, the idea of our democracy.
I’m extremely proud of every single person who came out on the streets. Thank you.
आज के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले हर एक व्यक्ति का मैं दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ। उन करोड़ों लोगों का भी धन्यवाद, जिन्होंने दोपहर 3 बजे अपने-अपने तरीके से इस आंदोलन को समर्थन दिया। INDIA गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के तमाम कार्यकर्ताओं का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि हमें सरकार को यह दिखाना था कि भारत की जनता डरने वाली नहीं है। आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मैं सोच रहा था कि RSS के वो कायर लोग कहाँ थे, जो परसों हमारे युवा साथियों को पीट रहे थे? कहाँ थे वो लोग? आज तो मुझे उनमें से कोई दिखाई नहीं दिया।
जब हम वहाँ खड़े हैं, जब देश की जनता वहाँ खड़ी है, तो तुम बाहर क्यों नहीं आते? अपनी छोटी-छोटी गमछियाँ पहनकर क्यों नहीं बाहर आते हो और देखते हो कि क्या होता है?
क्योंकि तुम भी देश के प्रधानमंत्री की तरह सिर्फ़ गुंडागर्दी करना जानते हो। तुममें सामने आकर खड़े होने की हिम्मत नहीं है। तुम सिर्फ़ सत्ता और ताक़त के दम पर लड़ सकते हो।
इसलिए आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। मुझे आप सभी पर गर्व है। सबने एक टीम की तरह काम किया।
जैसा कि मैंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ये अलग-अलग प्रदर्शन नहीं हैं। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।
हममें से हर एक व्यक्ति संविधान के इन हत्यारों, हमारे लोकतंत्र को कुचलने वालों के ख़िलाफ़ खड़ा होगा। और हम एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे।
मैं उन सभी सिविल सोसाइटी संगठनों का भी दिल से धन्यवाद करना चाहता हूँ, जो आज हमारे साथ आए और जिन्होंने हमारा समर्थन किया। आपके समर्थन की हम कद्र करते हैं। हम आप सभी से मोहब्बत करते हैं।
भारत की सोच, हमारे संविधान के विचार और हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आज सड़कों पर उतरने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।
मुझे उन सभी लोगों पर बेहद गर्व है, जो आज सड़कों पर उतरे।
बहुत-बहुत धन्यवाद!
Delhi is once again flooded with people standing up to save democracy.
If Modi thinks taking away Jantar Mantar will put an end to protests, he is mistaken.
Jantar Mantar is not just a location but a spirit of resistance that nobody can ever take away.
#Watch | Student and youth activists march from Gurudwara Bangla Sahib to Jantar Mantar amid the anti-CEC protest in New Delhi on Saturday, October 10, 2026.
Dhruv Rathee In Banglore Protest 🔥🔥💯
"जो लोग ज्ञानेश कुमार गद्दार को आज भी बचा रहें है, उन लोगाें से बड़ा देश द्रोही कोई नही है" 🎯
I Can't Wait to See the Meltdown of Bhakt Mandali After this. 😭😭
झारखंड की कविता महतो विधवा महिला है पति की मौत 3 साल पहले हो गया था, ईंट भट्टा में कार्य करती है, अकेले दो बच्चों और सास ससुर को पालती है, 🔥
यह महिला झारखंड में होमगार्ड में भर्ती की ट्रायल रेस हो रही थी, कविता ने नंगे पाँव और फटी साड़ी में ही 1600 मीटर की रेस को 6 मिनिट में जीत लिया,
अभी फ़ाइनल सिलेक्शन रेस बाकि है, उम्मीद है कविता इसको भी निकाल लेगी, ना भी निकाले तो सरकार को इसको नौकरी दी जानी चाहिए,
कविता महतो के जज़्बे को सलाम, हमारे लोगो में असीमित क्षमता है, लेकिन परिस्थितियों के चलते वह कभी अपनी प्रतिभा दिखा भी नहीं पाती ।