@KshtriyaOf छात्र को भी बोलने का ढंग होना चाहिए, उसका व्यवहार अहंकारी है। शिक्षकों से कैसे बात करना चाहिए ये बच्चों को भी पता होना चाहिए। स्कूल ना आना और केवल फॉर्म भरवाना वो भी समय से नहीं फिर टशन अलग से दिखाना कि अभी डेट है ना, ये लापरवाही है, बदतमीजी है। केवल शिक्षक ही दोषी नहीं होता।
@Amitkum34995395@Sikshasarthi मैं ये समझ पा रहा हूँ पर मेरा कहना है कि जब बीएड कर रही होगी तो भले साथ में pg भी कर रही हो किन्तु उसने तो नौकरी के लिए bsc bed की ही डिग्री लगाई होगी। जब सत्र एक ही है तब तो या तो bed दिखाना चाहिए था या फिर pg।
नेटवर्क समस्या की शिकायत के बाद भी @airtelindia@Airtel_Presence नेटवर्क की प्रॉब्लम को दूर नही करते सिर्फ मैसेज करके बोलते हैं हमारी टीम जल्दी ही इस समस्या का समाधान करेगी !
अब सोशल मीडिया पर एक कैम्पेन चलाया जा रहा है घटिया नेटवर्क की वजह से मैं अपनी Airtel Sim Port करा रहा हूँ !
जिस जिस को नेटवर्क में समस्या है वो अपनी सिम पोर्ट कराए ताकि एयरटेल को पता चले कि घटिया सर्विस देने का परिणाम क्या होता है, रिचार्ज का पैसा पूरा लेते हो तो सर्विस पूरी दो !
#Port_AirTel_Sim #Poor_AirTel_Network #BoycottAirTel
@IRCTCofficial@RailMinIndia everytime this error occurs. How can a citizen book a tatkal? It starts from very beginning. How much load does your apps face that it doesn't open, not even a single time
@ECISVEEP Form 6 S04109O6N1208261200014 of my wife is rejected. The reason is given that aadhar is not a proof of address or date of birth, if this is so then why it is shown in drop down menu while applying in choosing documents. It must be removed from the options then.
क्या अब हम समस्या के समाधान की भी उम्मीद ना करें? @Airtel_Presence@airtelindia या बस महँगे महँगे टैरिफ वाला रिचार्ज करते रहें और बेहतर सर्विस की उम्मीद त्याग दें।
जब व्यक्ति रोज़ किसी निश्चित समय अवधि(e. g, 9-5) के लिए दफ्तर जाता है और जिस दिन नहीं जाता छुट्टी पर कहलाता है। क्या PM की ड्यूटी fix hours की होती है? जैसा कि आम लोग नौकरी करते हैं। अगर नहीं, तो इनकी छुट्टी का क्या अर्थ है?
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छुट्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - उसे 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छुट्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - उसे 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।
क्या अब हम समस्या के समाधान की भी उम्मीद ना करें? @Airtel_Presence@airtelindia या बस महँगे महँगे टैरिफ वाला रिचार्ज करते रहें और बेहतर सर्विस की उम्मीद त्याग दें।
@Airtel_Presence have you stopped caring for your subscribers? What actions did you take to resolve my problem? You even stopped replying to our queries.
@neerajvibe क्या ये ज़रूरी है कि कोई बिहारी बिहार में ही रह कर पढ़ाई लिखाई करे तभी वो बिहारी है? क्या दूसरे राज्यों से पढ़ाई करने वाले अपनी बिहारियत गवाँ देते हैं? कोई भारतीय अगर विदेश से पढ़ाई कर ले तो क्या वो भारतीयता खो देता है? और रही बात आधार अपडेट की तो आधार निवास का प्रमाण नहीं है
@khuchrep सरकारी स्कूल में सरकारी तंत्र के बच्चों को पढ़ाना अनिवार्य हो जाए, सब खुद ब खुद सुधर जाएगा। कमी शिक्षकों से ज़्यादा तंत्र में है। हर कोई सरकारी नौकरी तो चाहता है पर बाकी सुविधाएं प्राइवेट। क्यों? ये सवाल भी उठना चाहिए।