जय हिंद बहुत सही वीडियो बनाया है फिर भी देस की जनता बीजेपी को सत्यवादी भगवान प्रेमी मानती है क्योंकि जब कोई सच्ची बात का विरोध करता है उसको धर्म के नाम पर मिटा देता है
जिस देश में इस तरह की सोच के नेता होंगे उश देस में बालात्कारी को संरक्षण मिलेगा ही तो ईश देस की बेटियों के साथ बालात्कार होते रहेंगे जैसे राजस्थान में हुआ
सोचिए BJP MLA दिलीप घोष हैं जिन्होंने रे*प जैसे मामले को भी धर्म से जोड़कर उसे छोटा बना दीया रब के घर देर है अंधेर नहीं है
राजस्थान में एक मासूम बच्ची के साथ गैंग रैप करने वालों ज़ालिमो को बीच चौराहे पर खड़े रखकर गोली मार देना कि सजा मिलना चाहिए ताकि इन ज़ालिमों को देखकर जुर्म करने वाले की रूह काप उठे
काश हमारे देस में अच्छे दिन के चक्कर में Bjp की सरकार नहीं बनती तो आज इस आधुनिक भ्रष्टाचार वाली टेक्नोलॉजी का विकास ना होता इतना भ्रष्टाचार होने के बावजूद भी ईमानदारी का ढिंढोरा पीटते रहते है शर्म भी नहीं आती भ्रष्टाचारी को जनता का पैसे का कैसा बंदर बाट कर रहे है
ये देस का गुजरात मॉडल
जिस गुजरात मॉडल का भाजपा महिमामंडल करती है वोट लेती है उस गुजरात के लोगो की जान आज कौड़ी के भाव रह गई है।
सूरत में पुलिस दो मासूम बच्चों को जलभराव में तलाश रही है जय हिन्द
TMC को धोखा देकर भाजपा में गई सायनी घोष अपने क्षेत्र में 12 वर्षीय रे*प पीड़ता बच्ची से मिलनें पहुचीं थी
वहाँ के लोग सायनी घोष को “गद्दार” और “बेईमान” कहके भगा दिया इस से अच्छा था की कही सूखे कुवे में डूब जाना
अब कोई मुद्दे नहीं है अपने गुनाह को छुपाने के लिए अब देस व प्रदेश की जनता को कैसे बेवक़ूफ़ बनाया जाये चलो हिंदू मुस्लिम का मुद्दा तो काम नहीं आएगा ज़मीन का मुद्दा ही ठीक रहेगा इस दुनिया से कितने भी गुनाह छुपा सकते है लेकिन ईश्वर की नज़र से नहीं छुपा सकते है जय हिन्द
जहां ये बाबरी का गुलामी ढांचा देखना चाहते थे, आज वहां दुनिया का सबसे बड़ा भगवान राम का मंदिर खड़ा है,
यही तो समाजवादी पार्टी की पीड़ा है।
इन सपाइयों और कांग्रेसियों से तो गिरगिट भी शरमा रहा होगा...
स्वर्गीय पूर्व प्रधान मंत्री के एक एक बोल जिन्दगी में कुछ सिखाता है उन्होंने सच्च कहा कि पहरा देना वाला कुत्ता ना भोकें तो समझ लेना इस बोल को देस की जनता से लेकर अंधभक्त गोबर भक्त को कुछ सीखना चाहिए जय हिन्द
भारत देस का क़ानून कितना सख़्त है इस घटना से अंदाज़ा लगा सकते है इस देस में बलात्कारी को या तो धर्म या तो राजनीति के नाम पर बचा लिया जाता है नतीजा यहाँ होता है मासूम बच्ची पर किसी को तरस नहीं आया हरामख़ोर दरिंदों को फ़ासी की सजा देना चाहिए ज़्यादा से ज़्यादा सपोर्ट करे जय हिन्द
@therantinggola Bjp देस में शिर्फ़ धर्म के नाम पर ही ज़िंद्दा है हर अपने गुनाह छुपाने के लिए धर्म का चोला पहनना पड़ता है जिस दिन Bjp देस में विकास के नाम पर चलेगी तो एक कदम भी नहीं चल पायेगी इस बात को यदि देस की जनता समझ गई तो अपना देस अमेरिका से भी बढ़कर विशाल बन जाएगा जय हिन्द
इस तरह के क़ानून को अपने जैब में रखने वाले सत्य हक्क और इंसाफ़ की मजाक उड़ाते है और इस तरह के हालात देस के नेता ने पैदा कर दिए जो संविधान को नहीं मानते है इस तरह के गुंडे हत्या जैसे गंभीर गुनाह को भी इंसाफ़ समझते है
जय हिन्द
एक जज ने कानून का काम किया — और उसे मौत की धमकी मिली…. अगस्त 2022 की रात…. मध्य प्रदेश के सेओनी मालवा में ट्रक ड्राइवर नजीर अहमद पशु लेकर महाराष्ट्र जा रहे थे…. रास्ते में भीड़ ने रोका लाठियों और डंडों से पीटा… नजीर अहमद मर गए। 4 साल बाद — न्याय हुआ 12 जून 2026 नर्मदापुरम की Additional District Judge तबस्सुम खान ने फैसला सुनाया….
14 दोषियों को उम्रकैद सबूत थे… कानून था… फैसला हुआ।
बस यही किया उन्होंने — अपना काम। और फिर मौत की धमकियाँ आईं, पुतला जलाया गया Social media पर अभियान चला….. एक वीडियो में खुलेआम कहा गया — "10 दिन में रिहा नहीं हुए तो देशभर में खून बहेगा।"
Sudarshan News ने अदालत के फैसले को "judicial lynching" कहा….
जिस भीड़ ने नजीर को मारा — उसे "गौरक्षक" कहा गया…. जिस जज ने सजा दी — उसे निशाना बनाया गया।
क्यों निशाना बना…???
क्योंकि जज का नाम तबस्सुम खान है…. बस इसलिए यानी — फैसले में कोई गलती नहीं थी…. गलती सिर्फ यह थी कि जज मुसलमान है…. अदालतें जागीं MP High Court ने suo motu संज्ञान लिया…. तुरंत police protection का आदेश दिया…. DGP और Home Secretary से जवाब माँगा।
Supreme Court के वकीलों के संगठन SCAORA ने कहा —
"फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दो — judge को धमकी देकर नहीं।" यह सिर्फ एक जज की कहानी नहीं भारत में लिंचिंग होती है… अदालत सजा देती है।
सजा पाने वाले नहीं — सजा देने वाले को धमकी मिलती है…जब भीड़ को लगता है कि कानून कुछ नहीं करेगा — तो भीड़ बेकाबू होती जाती है…. और जब judge डरकर फैसले बदलने लगें —तो न्याय बचेगा नहीं।
तबस्सुम खान ने वही किया जो करना था… बिना डरे यही न्यायपालिका की रीढ़ है। अगर यह रीढ़ टूट गई —तो अगला निशाना आप हो सकते हैं।
क्योंकि एक जज की रक्षा आपके न्याय की रक्षा है।
ज़रा इन दो मासूम चेहरों को गौर से देखिए...इन बच्चों का कसूर आखिर क्या है?
यह वीडियो उत्तर प्रदेश के हापुड़ का बताया जा रहा है, इनके पिता पिछले डेढ़ साल से जेल में हैं और मां भी इन्हें छोड़कर चली गई,
अपनों का सहारा छिन गया तो ये मासूम खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारने को मजबूर हो गए, किसी स्थानीय व्यक्ति ने इनकी यह दर्दनाक तस्वीर कैमरे में कैद की,
सोचिए... जिस उम्र में बच्चों को मां-बाप की गोद, स्कूल और सुरक्षित घर मिलना चाहिए, उस उम्र में ये बेबसी और लाचारी झेल रहे हैं।
क्या ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी सिर्फ उनकी किस्मत पर छोड़ दी जाए? क्या शासन-प्रशासन इन मासूमों को सुरक्षा, आश्रय और बेहतर भविष्य नहीं दे सकते?
मौत उस की है करे जिस का ज़माना अफ़्सोस
यूँ तो दुनिया में सभी आए हैं मरने के लिए।
०महमूद रामपुरी
आख़िरी सलाम शहीद ख़ामेनेई..🫡
ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अली हुसैनी ख़ामेनेई की अलविदा की रस्में आज 4 जुलाई को तेहरान में शुरू हो गईं हैं।
इंसानी तारीख़ में इससे पहले इतनी भीड़ किसी को अलविदा कहने कभी इकट्ठा नहीं हुई।
ख़ामेनेई 9 जुलाई को जब अपनी पैदाइश के शहर मशहद में सुपुर्दे ख़ाक होंगे तक तक करीब दो करोड़ लोग उन्हें आख़िरी सलाम कह चुके होंगे।
दुनिया के लगभग अस्सी से सौ देशों के बड़े बड़े नेता, धार्मिक, सामाजिक हस्तियों के ईरान पहुंचने का सिलसिला जारी है जो 9 जुलाई तक चलेगा।
ये इसके बावजूद है जब कि अमेरिका ने तमाम मुल्कों को धमकी भी दे रखी है कि ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल न हों।
ये इसके बावजूद है कि अमेरिका में पिछले चालीस साल से तमाम पाबंदियां लगा कर उसे तोड़ने की हर मुमकिन कोशिश की है।
ये इसके बावजूद है कि अमेरिका और उसके पिट्ठू इजरायल ने सौ दिन तक चली जंग में ईरान को तबाह करने की हर मुमकिन कोशिश करके देख ली।
इस के बावजूद ईरान , उसके लीडरान और अवाम ने दुनिया को बता दिया कि एक मुल्क के तौर उसका इक़बाल कितना बुलंद है..!
उसके हौसले और जज्बे ने दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क को घुटनों पर ला दिया है।
और इस सबके पीछे जिस सुप्रीम लीडर की कमान थे उसके जंग के पहले ही दिन शहीद होने के बाद भी ईरान न रुका,न झुका और न टूटा न हारा।
इसलिए आज पूरी दुनिया उस शहीद को अलविदा कहने उमड़ पड़ी है।
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इस तरह विदा होंगे ख़ामेनेई
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तेहरान
शहीद खामेनेई को खिराजे अक़ीदत पेश करने के लिए उनकी पार्थिव देह को खोमैनी मॉर्निंग हॉल में रखा गया है। यहां अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हो गईं हैं। इसके बाद ख़ामेनेई और परिवार के सदस्यों के ताबूत को ग्रैंड मोसल्ला में रखा जाएगा, जहां आम लोग अंतिम विदाई देंगे।
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कोम
अंतिम यात्रा का काफिला 6 और 7 जुलाई को तेहरान के दूसरे इलाकों से होते हुए गुजरेगा करीब 120 किमी दक्षिण में स्थित क़ोम शहर पहुंचेगा।
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नजफ
8 जुलाई को खामेनेई की अंतिम यात्रा का यह जुलूस इराक में दाखिल होगा।
ईराक के नजफ और करबला में सार्वजनिक जुलूस निकाले जाएंगे।
ऐसा माना जाता है कि पैगंबर मुहम्मद साहब के चचेरे भाई और दामाद और शिया इस्लाम के पहले इमाम इमाम अली इब्न अबी तालिब की कब्र यहीं पर है।
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करबला
नजफ के बाद यह जुलूस 8 जुलाई को ही इराक के करबला पहुंच जाएगा। करबला
में ही पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन और अब्बास 680 ईस्वी में करबला की लड़ाई में शहीद हुए थे।
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अपनी मिट्टी मशहद में दफ़न होंगे
खामेनेई
आख़िर में यह काफिला ईरान लौटेगा और ख़ामेनेई के अपने शहर मशहद पहुँचेगा।
खामेनेई सन 1939 में मशहद में ही पैदा हुए थे और अपना ज्यादातर शुरुआती जीवन यहीं बिताया था।
मशहद में ही 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द ख़ाक किया जाएगा।
#khamanei
#iran
जिस तरह आज देस में जो महंगाई बेरोज़गारी के लिए Bjp कहती है की नेहरू गांधी ज़िम्मेदार है उसी तरह ये अम्मा कहती है राम मंदिर में चोरी जो हुई है ये चोरी भी कांग्रेस पार्टी के नेता ने ही करवाई है इस तरह के गोबर भक्त लोग रहेंगे देस में तो पड़े लिखे ज़रूर पकौड़े तलेंगे
जय हिन्द
Heartfelt birthday greetings to Member of the Lok Sabha Shri Akhilesh Yadav Jee. Your dedication to public service and unwavering commitment to the welfare of the people are truly commendable. Wishing you good health, happiness, and continued success in the year ahead.
@yadavakhilesh
फतेहपुर पतेया गांव निवासी नरेश पंडित बताते हैं कि गांव में कोई मुस्लिम परिवार नहीं रहता कई पीढ़ियों से मुहर्रम मनाने की परंपरा चली आ रही है।उन्होंने कहा कि पूर्वजों के समय परिवार पर संकट आने पर इमामबाड़े में मन्नत मांगी गई थी और संकट दूर होने के बाद से परिवार मुहर्रम मनाता आ रहा