देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छु��छूत भारत के संविधान के ��नुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
दिल्ली NCR महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो चुका है कि एक नाबालिग बच्ची के साथ एक स्लीपर बस में 47 किलोमीटर तक गैंगरेप हुआ - ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक।
हैरानी की बात है कि पूरी दिल्ली या नोएडा पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली का र��ंग रोड, बॉर्डर - सब पार कर गई, बिना एक भी चेकपोस्ट पर रोके गए।
बस की सीटों पर पर्दे लगे थे, ताकि अंदर क्या हो रहा है कोई देख न सके। और अपराधियों में प्रशासन का कोई डर भी नहीं।
निर्भया के बाद इतने सालों में, इतनी घटनाओं के बाद भी ऐसी बसों की जाँच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा?
पर्दे सिर्फ़ उस बस में नहीं डाले गए थे - साल दर साल सरकार द्वारा प्रशासन की नाकामियों पर डाले गए पर्दों का नतीजा है कि देश की राजधानी में भी महिलाएं एक सुरक्षित सफर नहीं कर सकतीं।
और कितनी महिलाओं और बच्चियों के साथ ऐसा होना बाक़ी है, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें इस व्यवस्था को ठीक करेंगी?
क्या अमित शाह के अधीन दिल्ली पुलिस और आदित्यनाथ के अधीन UP पुलिस की जवाबदेही तय की जाएगी? कोई गुंजाइश ही नहीं - ��स अपराध पर भी एक पर्दा डाल दिया जाएगा।
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लोकतंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को क���टा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी ��र 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानत�� है।
नासिक, महाराष्ट्र में आज आदिवासी छात्र-��ात्राओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसमें अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्र भी शामिल थे।
उनकी समस्याएं और मांगें ध्यान से सुनीं।
हर छात्र को पढ़ाई के लिए एक सम्मानजन��, सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना उसका हक़ है। वंचित समुदायों से आने वाले छात्रों को सिस्टम की अनदेखी नहीं, उसके सहयोग और हर संभव मदद की जरूरत है।
शिक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं - यह भारत के हर छात्र का अधिकार है।
#ChhatronKiGoonj
��िहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर AK-47 से गोली मारकर तोड़ दिया - साथ ही उनकी जिंदगी का सपना भी।
ये युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अ��ने अधिकार मांग रहे थे। ऐसी मांग पर लाठियां और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?
और इतनी बड़ी बर्बरता की जिम्मेदारी सिर्फ कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार बच नहीं सकती। यह कार्रवाई या तो ऊपर के आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी।
बिहार सरकार कुछ भी कर ले मैं इन युवाओं के साथ खड़ा हूं। इनकी हर संभव मदद करने को तैयार हूं।
BJP याद रखे - युवाओं की आवाज़ दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। वह दिन अब दूर नहीं है।
#ChhatronKiGoonj
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को ��चाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
“हम आदिवासी हैं, RSS-BJP हमें वनवासी बनाना चाहते हैं।”
नासिक और महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की लड़ाई सिर्फ़ शिक्षा, रोज़गार, हॉस्टल और खाने की नहीं - अपने वजूद और आदिवासी अस्मिता की भी है।
इन साहसी छात्रों से मिलकर खुशी हुई, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार के सामने डटकर अपने हक़ की आवाज़ उठाई और जीत हासिल की।
छात्रों से वा���ा किया है - उनके अधिकारों की हर लड़ाई में कांग्रेस और मैं उनके साथ खड़े हैं।
#ChhatronKiGoonj
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संव��रते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं - आपका योगदान अमूल्य है।
आज भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्��� में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।
महाराष्ट्र में हजारों छात्र सड़कों पर हैं, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलनरत हैं - इसकी वजह सिर्फ एक परीक्षा या भर्ती नहीं, पूरे सिस्टम से टूट चुका भरोसा है।
चाहे वो केंद्र की हो या राज्य की, BJP सरकार से हर छात्र त्रस्त है। पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियां, शिक्षा की असहनीय लागत, हॉस्टल में अमानवीय हालात, ज़हर जैसा खाना, DBT में धोखाधड़ी...
...और अब MPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर कब्ज़ा कर उसकी विश��वसनीयता बर्बाद कर दी है।
अपने सफल भविष्य के लिए छात्रों की हर मांग जायज़ है। सरकार उनकी आवाज़ सुनकर तुरंत कार्रवाई करे - वरना न्याय मिल���े तक ये छात्रों की गूंज बढ़ती ही जाएगी।
#ChhatronKiGoonj
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं।
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं औ�� हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं। कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।
हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए।
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और ज���ाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
हर बार BJP सरकार का वही शर्मनाक पैटर्न - हादसों से पहले रोकथाम नहीं, उनके बाद बयानबाज़ी होती है, कुछ छोटे अफ़सरों पर ज़िम्मेदारी मढ़ दी जाती है, और असली गुनहगार जवाबदेही मुक्त रहते हैं।
सत्य निकेतन में छात्रों से भरी इमारत का गिरना कोई अकेली त्रासदी नहीं है। पिछले 4 महीनों में सैदु��ाजाब में ऐसी त्रासदी में 6 लोगों की मौत हुई, हौज़ रानी में आग ने 22 जानें ले लीं। हर बार जिंदगियां, सपने और अरमान मलबे में दबते हैं - और हर बार कार्रवाई गायब रहती है।
और जवाबदेही मांगने पर प्रधानमंत्री खुद आपको “दिमागी नक्सल, नाराज़ फूफा” जैसे अपमानजनक तमगे दे देते हैं - मकसद, सवाल पूछने वालों को शर्मिंदा करो, बदनाम करो और चुप करा दो।
12 साल में ये सरकार दुनिया भर की बातें कर के आपको गोल-गोल घुमाती रही, लेकिन मुद्दे की बात नहीं की। दिल्ली में "ट्रिपल इंजन" सरकार है, तो अब किस बात से लाचार है?
लाचारी है नीयत की - क्योंकि जहां नीयत नहीं होती, वहां जवाबदेही भी नहीं होती।
There Is No Accountability.
#TINA
केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ सत्याग्रह कर रहे आदिवासी भाई-बहनों की समस्याएं, मांगें, संघर्ष और आपबीती - उनकी जुबानी।
सालों से सिर्फ़ अपने अधिकारों के लिए अन्याय और अत्याचार सह रहे ये बुंदेलखंड निवासी सम्मान और समर्थन के हक़दार हैं।
आदिवासी भाई-बहनों की इस लड़ाई में, मैं और कांग्रेस उनके साथ हैं।
भारतीयों के बीच सद्भावना, हर दिल में करुणा और, हर नागरिक को न्याय और लोकतंत्र में समान अधिकार..
पापा, आपकी ये सीख मेरी शक्ति है और आपकी यादें मेरी हिम्मत। आपके सपनों का भारत बनाने का संकल्प हमेशा मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा।
Mama,
I last saw you and Papa together more than 35 years ago. Since the day Papa left, I have watched you face everything life threw at you with never-ending courage and dignity. Only Priyanka and I really know what you have been through, and how difficult your life after Papa truly was.
I am happy, and so proud, that your story - “Belonging: A Journey of Love” - will finally be read by the millions of people who love you. I know how hard it was for someone as private as you to tell the world your beautiful story.
Today, on his birthday, I can see Papa smiling and looking down proudly at his beautiful Sonia.
Love,
Rahul
एक भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
मैं जानना चाहता हूँ कि आप क्या महसूस करती हैं।
समाज की नहीं, परिवार की नहीं - आपकी अपनी आवाज़ क्या कहती है?
आपके संघर्ष, आपकी रुकावटें, आपका नज़रिया और आपके सपने।
आपकी कहानी क्या है? सबसे जवाब की उम्मीद कर रहा हूं।
22 अगस्त | महिला विशेष महारैली
📍AISSMS कॉलेज ग्राउ���ड, पुणे
#ChhatronKiGoonj