प्रधानमंत्री जी के ‘वादों’ और ‘इरादों’ के बीच का तार तो हमेशा से ही कटा था।
मोदी जी, इस बिजली संकट में आप अपनी नाकामी के लिए किसे दोष देंगे?
नेहरू जी को? राज्य सरकारों को? या फिर जनता को ही?
उत्तर प्रदेश का अगर कोई आज के समय में अध्यक्ष हो सकता है तो वह है प्रमोद कृष्णन हिंदू भी साथ हैं मुसलमान भी साथ हैं भाई चारा भी है और ढोंगी को टक्कर भी दे सकता है गंगा से प्यार करने वाला होगा प्रमोद कृष्णन हाईकमान को सोचना चाहिए आरपीजी सेना
महा-महंगाई - भाजपा लाई !
अब गैस सिलेंडर पर ₹50 बढ़ा ।
गैस सिलेंडर -
• दिल्ली व मुंबई ₹949.50
• लखनऊ ₹987.50
• कोलकाता ₹976
• चेन्नई ₹965.50
लोग कह रहे हैं,
कोई लोटा दे वो “सच्चे-सस्ते दिन”,
नहीं चाहिए मोदी जी के “अच्छे दिन”।
#LPGLootContinues#lpgpricehike
भाजपा के लिए 'अच्छे दिन' का नारा सिर्फ सत्ता हथियाने का हथियार भर था।
भाजपा सरकार की नीतियों और कुप्रबंधन ने देशवासियों के जीवन को तनावग्रस्त किया है, जिसका असर वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में देखने को मिला है।
क्या देश के पीएम, बापू के आदर्शों से लेकर कश्मीरी पंडितों के दर्द तक सब कुछ फ़िल्मों के जिम्मे छोड़ देना चाहते हैं?
तथ्यों और सच्चाई से मुँह फेरे मोदी सरकार को आख़िर कब अपनी जिम्मेदारियों का एहसास होगा?
आख़िर कब तक केवल झूठ-नफ़रत-बँटवारे में ही राजनीतिक अवसर तलाशते रहेंगे?
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