कोविड ने हमें बहुत कुछ सिखाया
साँसों की कीमत, अपनों की अहमियत और रोग-प्रतिरोधक क्षमता की असली ज़रूरत।
उस समय हर कोई आयुर्वेद की ओर लौटा।
काढ़ा, गिलोय, आंवला… और आज भी वही राह सबसे सुरक्षित है।
#Hiranyam#PranRas#Ayurveda#ImmunityBooster#covid#HealthFirst
कारण:-
- गैस उत्पन्न करने वाला भोजन जैसे कोई भी दाल आदि गैस और यूरिक एसिड बनाती ही है।
- यूरिक एसिड जहां भी रुकता है उन हड्डियों का तरल कम होता जाता है हड्डियां घिसना शुरू हो जाती है, उनमें आवाज आने लगती है, उसे डॉक्टर कहते है कि ग्रीस ख़त्म हो गई, या फिर स्लिप डिस्क या फिर स्पोंडलाइटिस, या फिर सर्वाइकल आदि।
- प्रोटीन की आवश्यकता सिर्फ सेल्स की मरम्मत के लिए है जो अंकुरित अनाज और सूखे मेवे कर देते हैं।
- मैदा औऱ बिना चोकर का आटा खाना।
- बेसन की वस्तुओं का सेवन करना।
- दूध और इससे बनी वस्तुओं का सेवन करना।
- आंतो की कमजोरी इसका कारण व्यायाम न करना।
-
कोरोना चला गया, पर उसकी सीख आज भी ज़िंदा है।
अपनी इम्युनिटी को हर दिन मजबूत करें —
क्योंकि अगली लहर से पहले रक्षा की तैयारी अंदर से होनी चाहिए।
Hiranyam प्राण रस — हर सुबह, हर साँस के लिए।
#CoronaRecovery#HiranyamCare#PranRas#AyurvedaHealing
कोविड ने हमें बहुत कुछ सिखाया
साँसों की कीमत, अपनों की अहमियत और रोग-प्रतिरोधक क्षमता की असली ज़रूरत।
उस समय हर कोई आयुर्वेद की ओर लौटा।
काढ़ा, गिलोय, आंवला… और आज भी वही राह सबसे सुरक्षित है।
#Hiranyam#PranRas#Ayurveda#ImmunityBooster#covid#HealthFirst
4. हर सुबह एक spoonful प्राण रस —
ना सिर्फ शरीर, बल्कि आत्मा को भी ऊर्जा देता है।
यह कोई आम च्यवनप्राश नहीं,
ये संस्कार है, जो हमें प्रकृति से जोड़ता है।
#AyurvedaLifestyle#ImmunityBooster