क्या आपने खाया बलिया के पियरिया का प्रसिद्ध छेना?स्वाद में एकदम बेहतरीन लाजवाब....
मेरी व्यक्तिगत राय आपलोग एक बार जरूर स्वाद लें पियरिया के प्रसिद्ध छेना का
मोबाइल चार्ज करने के दौरान हादसा करंट से पति-पत्नी की मौत, पांच बच्चों के सामने 15 मिनट तक तड़पते रहे
शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र के कसारी गांव में करंट लगने से पति-पत्नी की मौत हो गई। घटना उस समय हुई, जब किसान अमर सिंह मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली बोर्ड में चार्जर लगा रहे थे। इसी दौरान फर्राटा पंखे के नंगे तार की चपेट में आकर वह करंट से चिपक गए। पति को बचाने दौड़ी पत्नी कुसुमा देवी भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों करीब 15 मिनट तक पांच मासूम बच्चों की आंखों के सामने तड़पते रहे। पड़ोसियों ने बिजली आपूर्ति बंद कर दोनों को अलग किया, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कसारी गांव निवासी अमर सिंह (40) खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी शादी करीब 14 वर्ष पहले कुसुमा देवी (37) से हुई थी।पांच बच्चे हैं, जिनमें नितिन (12), विवेक (11), शोभित (8), आरूषी (5) और संध्या (4) शामिल हैं।परिवार ने एक साथ भोजन किया सभी सोने चले गए। रात करीब 12:30 बजे अमर सिंह मोबाइल चार्ज करने के लिए उठे। जैसे ही उन्होंने चार्जर बिजली बोर्ड में लगाया, उनका पैर पास में पड़े फर्राटा पंखे के नंगे तार पर पड़ गया। नंगे पैर होने के कारण वह करंट की चपेट में आ गए और बिजली से चिपक गए। पति को करंट से तड़पता देख पत्नी कुसुमा देवी उन्हें बचाने दौड़ीं, लेकिन छूते ही वह भी करंट की चपेट में आ गईं। दोनों की चीख-पुकार सुनकर बच्चे जाग गए और शोर मचाया। बच्चों की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और घर की मुख्य बिजली आपूर्ति बंद कर दोनों को करंट से अलग किया। तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पति-पत्नी को मृत घोषित कर दिया। बड़े बेटे नितिन ने बताया कि माता-पिता को करंट से चिपका देख वह और उसका छोटा भाई घबरा गए थे। दोनों ने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया, जिनकी मदद से बिजली आपूर्ति बंद कर माता-पिता को अलग किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एक साथ माता-पिता की मौत से पांचों बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया है।