Dear @unacademy@unacademycentre@gauravmunjal@RomanSaini ,I was assured that the Study material ,I will get in just 10-12days. Now it's been 35 days, the books are not even dispatched yet So disappointing man seriously. Exam is in February and books are not even dispatched yet
@amitonlyandonly@highonhimalays उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा पहाड़ी राज्य होगा जहां बाहर से आए हुए कर्मचारियों की चाहे 6 महीने की नौकरी रही होगी यहां, पर जमीन सब ने ले रखी होंगी। तो किसी से भी क्या आकांक्षा रखें।
@unacademy@unacademycentre@UPSC_Unacademy@gauravmunjal@RomanSaini kindly look into this matter. I have the call recordings of your customer care executive making false promise of delivering the books, and now just ignoring the concern. We trust u , don't break the trust.
Dear @unacademy , I bought your subscription, and your customer care assured me for the books delivery with this plan. Now it's been 12 days, I haven't recieved the link for book delivery. Why do you guys do fraud? Worst experience/ decision of my life was that I believe u guys.
You guys just do fraud with people by assuring them that books will be delivered, and now when the person has paid for the subscription. You guys just ignore his calls/mails. I have the call recordings of your False promise. #unacademy#fraud#unacademyfraud#fraudunacademy
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उत्तराखंड में मूल निवासियों का आंदोलन तेज, बागेश्वर और हल्द्वानी में होंगी रैलियां
उत्तराखंड में मूल निवास और भू-कानून के मुद्दे पर चल रहा आंदोलन तेज हो गया है। मूल निवास-भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने 24 दिसंबर को देहरादून में एक विशाल रैली निकाली थी, जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया था। अब समिति बागेश्वर और हल्द्वानी में भी रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि देहरादून की रैली को जनसमर्थन मिला है, जो राज्यवासियों की भावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर और हल्द्वानी की रैलियों में भी भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।
देहरादून रैली में शामिल लोगों ने की ये मांगें
•मूल निवास प्रमाणपत्र के लिए कट-ऑफ वर्ष 1950 तय किया जाए।
•भू कानून को कड़ा किया जाए और बाहरी लोगों को भूमि खरीदने पर रोक लगाई जाए।
•मूल निवासियों को नौकरियों और अन्य सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता दी जाए।
आंदोलन को समर्थन देने के लिए क्षेत्रीय पार्टियां भी आगे आई हैं। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने भी आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है। पार्टी ने आगामी विधानसभा सत्र में मूल निवास और भू कानून का विधेयक पास कराने के लिए उत्तराखंड के विधायकों का हस्ताक्षर अभियान चलाने का फैसला किया है।
आंदोलन के आयोजक ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता फैलाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल, जागरूकता अभियान और स्थानीय भाषा में संवाद से प्रभावी ढंग से जागरूकता फैलाई जा सकती है।
आंदोलन के आयोजकों से निवेदन है कि वो नागरिकों से भी अपील करे कि वे अपने वोट की ताकत को समझें। कुछ हजार रुपये, प्रेशर कुकर और शराब के लिए लोग अनजाने में अपनी पीढ़ियों की जमीन के बेचें जाने मैं भागीदार बन रहे हैं।
आंदोलन के आयोजकों को चाहिए कि वे नागरिकों को यह समझाएं कि उनके वोट का उपयोग मूल निवास अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कैसे किया जा सकता है। वे नागरिकों को बता सकते हैं कि वे अपने वोट से ऐसे प्रतिनिधियों को चुने सकते हैं जो मूल निवासियों के हित में काम करेंगे।
आंदोलन के आयोजकों को यह भी चाहिए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वहां के लोगों से बात करें। वे ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला सकते हैं और लोगों को मूल निवास अधिकारों के बारे में शिक्षित कर सकते हैं।
#मूल_निवास_स्वाभिमान_रैली
#मूल_निवास_1950
#उत्तराखंड_मांगे_भू_कानून
#Uttarakhand
आज मूल निवास - भू कानून समन्वय संघर्ष समिति, उत्तराखंड के संयोजक मोहित डिमरी, सह-संयोजक लुशून टोडरिया एवं अन्य सदस्यों ने गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी से मुलाक़ात करी और मूल निवास स्वाभिमान महारैली के लिए उनके द्वारा लोगों का आह्वाहन करने का धन्यवाद दिया
कांग्रेस को भले ही कितना गरिया लो लेकिन भू कानून के साथ उन्होंने कभी छेड़छाड़ नही की और आई राष्ट्रवादी सरकार, जिन्होंने भू माफियाओं को खुली छूट दी और स्वाभिमान रैली को ओछी राजनीति कहते हुए इन्हें शर्म भी नही आती।
#उत्तराखण्ड_मांगे_भू_क़ानून
मूल निवास उसका जो आज भी गेंहूँ चावल कोदा झंगोरा दाल भट्ट गौथ घी दूध पैदा कर दुर्गम पहाड़ों में अपनी आजीविका कमा रहा है,
मूल निवास उसका जो रोज बरसात में भूस्खलन, सर्दियों में बर्फ और पाले से जद्दोजहद करता है,
#मूल_निवास_स्वाभिमान_रैली#मूल_निवास_1950#उत्तराखंड_मांगे_भू_कानून +
Got my MS Engineering from one of top 10 schools in the world. MBA from one of top 5 B schools in the world.
Became CEO before turning 30. Now sit on the board of multiple companies.
@PJkanojia हम काँवरिया थे और रहेंगे। जो दिया महाकाल ने दिया, गर्व है।
हर हर महादेव! 🙏🏾🙏🏾🙏🏾
मुख्यमंत्री जी बंद करिये ये ढोंग, आपकी @BJP4UK सरकार अंकिता भंडारी के हत्यारों को बचाने पर लगे हुए हैं l भाजपा सरकार ने अंकिता हत्याकांड मे VIP को बचाने का काम किया है l बेटी को न्याय दिलाने के लिए माता-पिता के आँसू आपकी निर्लज सरकार को नही दिख रहे हैं l
#JusticeForAnkitaBhandari
और रानीखेत के MLA प्रमोद नैनवाल ने क्या कर लिया? 20 सालों में रानीखेत में कितने बाहरवाले settle किये गये हैं? Local कुमाऊंनी demography कितनी dilute की गई है? Property dealing तो जबरदस्त हुई है वहां! और रामपुर मुरादाबाद भी काफी घुसा है apartments, resorts, cottages बनाने के लिये!
दिल्ली का भाजपा नेता @TajinderBagga उत्तराखंड की जमीनों का सौदा करके बाहरियों को बेच रहा है और उसे @BJP4UK के नेताओं की शह मिली हुई है l हम ऐसे दलालों को उत्तराखंड से बाहर फेंक देंगे जो हमारी भूमि का सौदा कर रहे हैं l
@LusunTodariyaUK
लुशून टोडरिया
युवा नेता
उक्रांद
कल दिनांक 2 जुलाई रविवार 11.30 बजे को कचहरी रोड द्रोण होटल देहरादून के समीप उत्तराखण्ड स्टूडेंट्स फेडरेशन और उत्तराखण्ड क्रांति दल द्वारा उत्तराखण्ड की जमीनों का सौदा करने वाले दिल्ली के बीजेपी नेता तजिंदर बग्गा और उत्तराखण्ड सरकार का पुतला फूंका जाएगा
#उत्तराखण्ड_मांगे_भू_कानून
हमारे जंगलों के अंदर घुसने की कोशिश भी मत करना।आज तुम पावर में हो तो यह सोच रहे हो कुछ भी कर सकते हो,कल हमारा वक्त आएगा तो सबको एक एक कर के खदेडेंगे।जिस दिन मजबूत भू कानून आएगा उस दिन फिर से जमीनों का हिसाब होगा,कल पछताना न पड़े इसलिए आज सम्भल जाओ #उत्तराखण्ड_मांगे_भू_कानून
शायद धोखे के सिवा कुछ और नहीं है देने को उत्तराखंड की भाजपा सरकार के पास?
@pushkardhami जी गलत साबित कर दो मुझे इस मामले में,आपसे अनुरोध है🙏
#उत्तराखंड_मांगे_भू_कानून