#नेपालमा आएको बाढले सबैलाई त्रासदीमा पाऱ्यो। यो साह्रै नराम्रो भयो। तर मानिसहरूले ग्यास सिलेडरका लागि झगडा परेको देख्दा अनि बाढले मारेका मानिसहरूका लासका कान अनि नाकबाट सुनहरू थुतेको देख्दा भने साह्रै लाज लाग्यो। #Nepal
हमारी जन्मभूमि भारत है और यह हमारी माँ है। भारत ��े गौरव और शौर्य में हम सदैव आगे रहते हैं। इसकी संस्कृति और परंपरा को हम अपनी चेतना मानते हैं। भारत के बिना हमारी पहचान ही नहीं है। जय भारत।
सिक्किम से अलग होकर हमें ब्रिटिश सिक्किम बनाया गया। बाद में इस इलाके को दार्जिलिंग कहने लगे! भारतीय गोर्खाओं का यह एक केंद्र बना। भारतीय Tea के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में भारतीय गोर्खाओं का परिश्रम उल्लेखनीय है। हमारे प���र्वजों ने ही यहाँ चाय की खेती में हाथ दिया।
#नेपाली केवल नेपाल की राष्ट्रीयता नहीं है! यह एक जाति और भाषा भी है। हम भारतीय गोर्खाओं की मातृभाषा है लेकिन हमारी जननी ��ारत है। सन् १८३५ में हमें सिक्किम से अलग करके ब्रिटिश भारत में समावेश किया गया। हमने भारत को स्वतंत्रता दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है।
हम भारतीय हैं और भारत के #Northeast राज्यों, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी और समतल इलाकों में रहते हैं! उत्तराखंड और बाकी राज्यों में रहते हैं। हमारी मातृभाषा #नेपाली है जिसे ३६ सालों के संघ��्ष के बाद २० अगस्त १९९२ में भारतीय संविधान के अष्टम अनुसूची में मान्यता मिली।
#Homework आवश्यक नहीं हैं! हमे बच्चों को घर में स्वअध्ययन और दूसरे क्रियाओं के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए! सप्ताह में एक बार कोई रचनात्मक परियोजना बनाने के लिए भी प्रोत्साहन दे सकते है।
हम बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ एक्स्ट्रा करिकुल��� भी करवाना चाहते हैं, लेकिन हम बच्चों को नर्सरी से ही #Homework देना शुरू कर देते हैं। इससे बच्चों को मानसिक तनाव बढ़ता है। घर में भी पढ़ाई, स्कूल में भी पढ़ाई, छुट्टी में #homework तो बच्चे अब अपना बचपन जिएँगे?
@EduMinOfIndia
We are celebrating the 80th Independence Day of our beloved country, India. We all love our nation and respect it from the heart. Yet sometimes we forget our responsibilities towards it. As Indians, what must we do for our country? We have not thought about this seriously enough — now the time has come.
First, we must change our mindset, not merely our point of view. We are the inheritors of one of the world’s oldest civilizations.
Our foremost responsibility is to preserve and carry forward our legacy and cultural values, protecting them in a renewed and relevant way. We need to move beyond rigid, orthodox approaches and understand our culture with openness and clarity.
Second, we must cleanse our thoughts, our hearts, and our surroundings.
Every individual’s duty is to keep their own area and environment clean. Alongside this, we must truly know our history and cultural values — only then can we honour them fully.
True patriotism is not just about celebrating one day with flags and fireworks. It lives in the small, consistent actions we take every day: respecting our diversity, contributing honestly to society, protecting our environment, and passing on the best of our heritage to the next generation. When each of us takes responsibility, India grows stronger — not just in pride, but in character.
#JaiHind ! #स्वतंत्रता_दिवस #sikiim #india
राजनीति का मतलब नीतिगत रूप से राज करना होता है। शासन अगर नीतिगत हो तो देश व्यवस्थित हो सकता है। नीति-निर्धारण से ही देश का विकास संभव होता है। राजनीति का मतलब हमेशा आलोचना और गंदी गालियाँ नहीं होता! बुद्धिमान लोग राजनीति को देश-संचालन के उपकरण के रूप में लेते हैं। यह एक निर्माणात्मक शक्ति है! हाँ, यह विनाशकारी भी हो सकती है अगर इसे गलत तरीके से प्रयोग किया जाए!
लोग आजकल राजनीति को सत्ता समझते हैं, लेकिन सत्ता अलग चीज़ है और राजनीति अलग। राजनीति सत्ता के लिए नहीं, बल्कि निर्माण के लिए होती है�� सत्ता में आकर ही राजनीति शुरू होती है! लोग राजनीति के नाम पर ही कतिपय कार्य करते हैं जो नीतिगत रूप से सही नहीं होते। हाँ, राजनीति में बहुत-सी ऐसी चीजें भी होती हैं जिन्हें नीतिगत मार्ग से हटकर करना पड़ता है; उसे कूटनीति कहते हैं।
कूटनीतिक कार्य भी देश-हित के लिए ही होता है! व्यक्ति अगर देश और स्थापित सिद्धांतों के विपरीत जा रहा हो या देश का अहित कर रहा हो, तो उसे कूटनीतिक रूप से दूर किया जाता है���
कुछ दिन पहले तथाकथित जेन-ज़ी आंदोलन हुआ और अधिकांश राजनेता उस आंदोलन में शामिल हुए थे! लेकिन आंदोलन में गुप्त रूप से वे लोग भी शामिल थे जो भारत को आंतरिक रूप से तोड़ना चाहते थे! राजनीति के अल्पज्ञान के कारण न तो तथाकथित जेन-ज़ी को और न नेताओं को ही इसका पता चला! संभवतः पता तो था, लेकिन वे लोग भी वही चाहते थे। फिर भी उस आंदोलन को शांत करने के लिए सरकार ने जिस तरह के कूटनीतिक कदम उठाए, वे काबिल-ए-तार���फ़ थे! राजनीति इसे कहते हैं—साँप भी मरे और लाठी भी न टूटे! इसीलिए कहता हूँ—“भारत की राजनीति बाकी देशों जैसी नहीं है।”
#Politics #India #Modi
@yadavakhilesh सर जी आप देश के लिए भेष की राजनीति ही कर रहे है! हम तो सोचे थे आप विद्वान् है! जब पहली बार विदेश से शिक्षा लेकर य���पी आए थे! लेकिन आप भी समोसा ही निकले अंततः!
Hello @amazon#amazon ,
This is Yangang from pin code 737134. We would like to kindly request that you set up a delivery office in our area.
We customers are facing serious problems. Whenever we place an order, the package is delivered from 10 km away by local taxi. Is this how #e_commerce is supposed to work?
If you are reading or hearing this, we hope you will understand our situation and take necessary action.
Thank you.
संसद परिसर में राजनीति की आड़ लेकर सनातन धर्म और भगवा का खुलेआम अपमान किया गया।
यह केवल एक विरोध नहीं, करोड़ों आस्थावानों की भावनाओं पर सीधा प्रहार है।
देवी देवताओं, साधु संतों और हिंदुत्व का मजाक उड़ाकर आखिर ये धर्म विरोधी क्या साबित करना चाहते हैं?
अपर असम में जिस तरह का प्राकृतिक प्रकोप हुआ है, वह बहुत ही दुखद है। हम प्रकृति के सामने कुछ भी नहीं हैं! बस हमें प्रकृति का ख्याल रखना है और उसे सुरक्षित रखना है। इसके साथ ही हमें वो काम नहीं करने चाहिए जिनसे प्रकृति को नुकसान पहुँचे और इकोलॉजी में असंतुलन पैदा हो।
मैं हृदय से प्रार्थना करता हूँ कि जल्द ही सब ठीक हो जाए। असम सरकार भी इस��ें गम्भीरतापूर्वक कार्य कर रही है। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएँ भी काम कर रही हैं।
लेकिन आजकल असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के नाम पर बहुत सारे रील्स बनाए जा रहे हैं और क्यूआर कोड लगाकर पैसे मांगे जा रहे हैं। कुछ तो सच में होंगे, लेकिन अधिकांश मौकापरस्त फ्रॉड ही होंगे। हम इंसान इतने गिर चुके हैं कि किसी की मृत्यु, बर्बादी और दुख को भी पैसे कमाने का जरिया बना लेते हैं। सच में इस धरती पर इंसान ह��� एक ऐसा प्राणी है जो अपनी ही नस्ल को खा जाए।
असम सरकार से निवेदन है कि मेटा और इंस्टाग्राम जैसे ऐप्स पर असम बाढ़ के नाम पर पैसे मांगने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
@CMOfficeAssam @assampolice @DGPAssamPolice #Assam
@narendramodi जी को गाली देकर, उन्हें बुरा-भला कहकर लोगों को लगता है कि वे खुद देशभक्त बन गए! नया युग के क्रांतिकारी और युवाओं के प्रतिनिधि बन गए! लेकिन बच्चों को मालूम नहीं कि वे अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार रहे हैं। बच्चों को मैनिपुलेट करना आसान होता है, और विपक्ष के लोग ठीक यही कर रहे हैं। युवा भी रात-दिन, हर समय @narendramodi जी को गाली देने और वि��ोध करने में लगे हुए हैं—रील्स बना रहे हैं, कंटेंट बना रहे हैं! ऐसा मानिए कि लोग मोदी जी को गाली देकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं, चाहे रील्स वाले युवा हों या संसद में विपक्ष! ईमानदारी से कहता हूँ—आज के इस दौर में भारत की राजनीति के गलियारों में @narendramodi जी का कोई विकल्प नहीं है!
Yesterday in Parliament, the government introduced the Anti-Paper Leak Bill and a discussion took place.
The entire Opposition was opposing it.
Why does the Opposition have objections to provisions like a CBI investigation and a 10-year jail term?
Instead of seeking justice, the entire Opposition was creating chaos by teaming up with #cockroach !
They were using @Wangchuk66 as a puppet for emotional blackmail. But when the time came to pass the bill, they created a ruckus in Parliament. What was that all about?
What benefit does the Opposition gain from paper leaks?
कुछ दिनों से @jio का नेटवर्क इतना खराब चल रहा है कि कोई काम ठीक से हो ही नहीं पा रहा! क्या जनता की पैसा लेकर ये कंपनियाँ ईमानदारी से काम नहीं कर सकतीं? सच में! हर कोई पैसा कमाना चाहता है, ठीक है। लेकिन अपना काम ईमानदारी से क्यों नहीं करता?