#HaldighatiVijay450
समकालीन संस्कृत पांडुलिपि अमरकाव्य वंशावली में हल्दीघाटी युद्ध की विभीषिका का विस्तृत विवरण है कि युद्ध के पश्चात मुगल सेना इस कदर भयक्रांत थी कि महाराणा प्रताप की छापामार भील सेना के डर से पहाड़ों के भीतर प्रवेश करने का साहस नहीं जुटा पाई।
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सूरखण्ड का शिलालेख बताता है कि महाराणाधिराज प्रतापसिंह जी ने अकबर के सेनापति मानसिंह के साथ भीषण युद्ध किया और विजयी हुए। इसी प्रसन्नता में रणछोड़जी के मंदिर की डोहली का प्रसाद किया तथा 4 हल भूमि पुजारी के पुत्र को दान दिया।
हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर उदयपुर में आयोजित राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
📍 चेतक सर्किल, उदयपुर
🎙 मुख्य वक्ता: डॉ मोहन भागवत जी
🏛 आयोजक: प्रताप गौरव केन्द्र
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