@GaganPratapMath Jo log sir ko ye bol rahe h ki aap padhane per dhyan do unse mai kahna chahta hu ki tum log sirf padhne per dhyan do aur sir se padho aur jao . ulta sir ko ye gyan na do ki unko kya karna chahiye kya nhi . tum sirf padhne se matlab rakho baki sir ki apni life h jo chahe kare
क्षत्रिय आन बिना, विप्र ज्ञान बिना,
घर सन्तान बिना, हांथ दान बिना।
देह प्राण बिन, भोजन मान बिना,
मोर का बेकार है नाचना, घनश्याम के बिना।
जरि जाये जीवा पापिनी राम के बिना। 🙏🏻
जब मेरी वफादारी को ठेस पहुंचती है तब मेरा अहंकार मुझ पर शासन करने लगता है,
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और फिर मैं उन लोगों को भी त्यागा देता हूँ जिनको पाने के लिए मैंने कभी मन्नतें मांगी थी..!!💯🙌
हमने अहसास जब छुपाए हैं
मन ही मन खूब मुस्कराए हैं
हिज़्र की धूप क्या जलाएगी
तेरी यादों के सर पे साए हैं
साथ चलने का जिनका वादा था
हम उन्हीं के लिए पराए हैं...!
- अनीता मौर्या अनुश्री
@anitaayushi
मियाँ वो दिन गए अब ये हिमाक़त कौन करता है
वो क्या कहते हैं उस को हाँ मोहब्बत कौन करता है
कोई ग़म से परेशाँ है कोई जन्नत का तालिब है
ग़रज़ सज्दे कराती है 'इबादत कौन करता है
- महशर आफ़रीदी
धिक्कार बने ललकार बने, चाहे जीवन की हार बने
ताप बने अभिशाप बने, या टूटी सांसों की नाप बने,
कैसा हो मेरा जीवन, ये मैं जानूँ या तू जाने
मेरा जीवन है, मैं जीता हूँ, तुम क्यों टीकाकार बने?