और जिसे मैंने अपना ख़ुदा समझा, वही बेवफ़ा निकला
फिर क्यों…मै ख़ुद से लड़ के ख़ुद की ज़िंदगी तबाह कर रहा हूँ
हाँ, दिल मे जीने की चाहत तो आज भी कहीं बाक़ी है
पर न जाने क्यों तेरे जाने के बाद
मै सिर्फ मरने की दुआ कर रहा हूँ…🥀
देख, तेरी मोहब्बत मे इस क़दर शर्मिंदा फिर रहा हूँ
हर रोज़ आईने से नज़रे चुराकर गुज़र रहा हूँ…
तू तो किसी और की दुनिया मे सुकून से है मगर
मै तेरे दिए ज़ख़्मो से हर रोज़ लड़ रहा हूँ…
जो बता नही सकता
वो दर्द की रवानी पी रहा हूँ…
हर घूँट मे बीते हुए लम्हो की
ख़ामोश जवानी पी रहा हूँ…
लोग कहते है बड़ा शराबी है…हर रात जाम पीता है
कम्बख़्त कौन समझाए उन्हे…
मै शराब नही…अपनी अधूरी कहानी पी रहा हूँ…💔