भारत के संविधान के शिल्पकार, देश के प्रथम विधि मंत्री बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
बाबासाहेब आजीवन समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुता के लिए समर्पित रहे। कमज़ोर परिवेश से निकलकर उन्होंने अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की, तथा समाज में वांछित परिवर्तन लाने के लिए शिक्षा को माध्यम बनाया। संविधान सभा में ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन के रूप में दुनिया के सर्वोत्कृष्ट विधायी दस्तावेज ‘भारत के संविधान’ की रचना की।
जब हम संविधान अंगीकरण के 75 वर्षों का उत्सव मना रहे हैं, बाबासाहेब का व्यक्तित्व और अधिक प्रासंगिक हो जाता है। उनका दर्शन हमें सभी तरह के अन्याय, शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ संगठित रहने की प्रेरणा देता है। वंचित वर्ग के उत्थान और राष्ट्र के सशक्तिकरण के लिए समर्पित डॉ अम्बेडकर का जीवन करोड़ों देशवासियों को युगों-युगों तक प्रेरित करता रहेगा।
#AmbedkarJayanti
नकारात्मक राजनीति के प्रतीक बन चुके बुलडोज़रों को आने वाली पीढ़ी के बच्चे ही रोकेंगे. बशर्ते उन्हें क़लम व किताब की अहमियत हम समझा सकें. वे क़लम और किताबें भी बचा लेंगे, सभ्यता भी बचा लेंगे और एक ख़ूबसूरत कल भी.
ये प्रतीकात्मक तस्वीर यूपी के अम्बेडकरनगर की उस घटना से प्रभावित है, जिसमें सरकार द्वारा अपना घर बुलडोज़र से गिराये जाने के बीच ही एक बच्ची गिरते हुए घर में दौड़कर जाती है और अपनी क़लम व किताब बचा ले आती है. उम्मीदों की तस्वीर.
पढ़ो और पढ़ाओ. नफ़रत को हराओ.
"हमारे प्रतिरोध के तरीके बदलने होंगे। नकारात्मकता में उलझना नहीं है। अपनी लकीर बड़ी खींचनी है...."
इस SC वर्ग की बेटी की बातें बहुत ही सराहनीय और प्रेरणादायक है..
यह बेटी जिस आत्मविश्वास और परिपक्व सोच से बात कर रही हैं , मुझे बहुत खुशी हुई।
यह है जय अंबेडकर की ताकत..
#जयभीम
मनुस्मृति में आखिर ऐसा क्या लिखा है ? कथित पवित्र किताब मनुस्मृति में शूद्रों (OBC) के बारे में इतनी घटिया बातें लिखी हैं जिन्हें जानकर आपको बहुत गुस्सा आएगा। #मनुस्मृति_दहन_दिवस पर जानिए दुनिया की सबसे नफरती किताब की सच्चाई।
सिर्फ शूद्रों के लिए नहीं बल्कि महिलाओं के लिए भी मनु स्मृति में बहुत सी घटिया बातें लिखी हैं और उन्हें पुरुषों का गुलाम बताया गया है। इसीलिए 25 दिसंबर 1927 को भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डॉ आंबेडकर ने मनुस्मृति को सार्वजनिक तौर पर जलाया था। ऐसी नफरती किताब को आज भी हर साल जलाया जाता है।