पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के पूज्य पिताजी के प्रति की गई अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं।
कांग्रेस देश से माफी माँगे!
#ShameOnCongress
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएँ तार-तार कर दी हैं।
यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस पार्टी ने मोदी जी या उनके परिवार को अपशब्द कहे हों। कभी उनकी पूजनीय माताजी के विषय में अपशब्द कहे, कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' कहा, तो कभी 'चायवाला' कहकर उनकी गरीबी का उपहास उड़ाया। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी हर रोज अभद्रता की सीमाएँ पार करती जा रही है।
बीते 12 वर्षों में लगातार मिल रही चुनावी हार से कांग्रेस पार्टी में हताशा व निराशा इतनी बढ़ चुकी है कि अब उसके पास न कोई नीति बची है, न कोई मुद्दा, बस गाली-गलौज की राजनीति बची है। जनता के बीच जनाधार खो चुकी कांग्रेस, अब अपने कार्यकर्ताओं में भी आधार खोती जा रही है।
जब-जब इन्होंने मोदी जी या उनके परिवार पर घृणित टिप्पणियाँ की हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है।
“मोदी का बाप भी जाएगा”
ये किसी छुटभैया नेता का बयान नहीं है.. ये कांग्रेस के अध्यक्ष की भाषा है।
और जिस व्यक्ति ने कहा कि “मोदी नहीं जाएगा” उसे सो कॉल्ड मोहब्बत की दुकान के कार्यकर्ताओं ने मोहब्बत के नाम पर धक्का मुक्की करके बाहर कर दिया।
अमित शाह को चाणक्य क्यों कहा जाता है, यह आपको सायनी घोष के एक ट्वीट से समझ आ जाएगा।
मोटा भाई का जन्मदिन था, तो सायनी घोष ने अपना रिप्लाई सेक्शन बंद करके ट्वीट किया, “माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आप एक समझदार नेता और शानदार राजनेता हैं। भगवान आपको अच्छी सेहत और लंबी उम्र दे।”
अब ये वही सायनी घोष हैं, जिन्हें बंगाल चुनाव के समय अमित शाह को लेकर बड़ा जोश चढ़ा हुआ था। अमित शाह बंगाल में 15 दिन तक रुके हुए थे, तो सायनी उन्हें चुनौती देते हुए कह रही थीं, “आप 365 दिन बंगाल में रहिए ना, आपको किसने रोका है? हम तो अतिथि देवो भव में विश्वास करते हैं। आप 365 दिन रहिए या मत रहिए, लेकिन एक बात पक्की कर लीजिए कि 4 तारीख को आप बंगाल में जरूर रहेंगे।”
उस समय ममता दीदी का सायनी घोष पर ऐसा असर था कि इनके दिल में काबा और आंखों में मदीना बस गया था। यानी, “अमारे हृदय माझे काबा, नयने मदीना।”
लेकिन फिर 4 तारीख को चुनाव के नतीजे आए और जनता ने ममता दीदी को सत्ता से बाहर कर दिया।
अब टीएमसी वालों को भी बंगाल की राजनीति का गणित समझ में आ गया है। वहां अगर आप सत्ता में नहीं हैं, तो लोगों का सामना करना मुश्किल हो जाता है। अभी देख ही रहे हैं कि कैसे टीएमसी के लोगों पर अंडे फेंके जा रहे हैं और उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी के एक गुट ने अलग रास्ता पकड़ लिया। उसके कई सांसद पार्टी छोड़कर एनसीपीआई वाली पार्टी में चले गए और बाद में एनडीए को समर्थन भी दे दिया। सायनी घोष भी इसी गुट में थीं।
अब जरा इस पूरे घटनाक्रम को देखिए। जो सायनी घोष कभी अमित शाह को बंगाल में 365 दिन रहने की चुनौती दे रही थीं, आज वही अमित शाह की तारीफों के पुल बांध रही हैं और उन्हें शानदार नेता बता रही हैं।
इसीलिए तो कहते हैं, अमित शाह को यूं ही चाणक्य नहीं कहा जाता!
@ANI चमचों के नए मालिक की लॉन्चिंग सफलता पूर्वक हो चुकी है अब तल..वे चा..टने के लिए नए पैर मिलेंगे...! एक बात तो सच है कि भले ही जीवन मैं कोई काबिलियत नहीं हो लेकिन अगर मां बाप का नाम बड़ा ओहदे वाला है तो बच्चा पेंटर बन ही जाता है,
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी को जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना है।
@AmitShah
Well done @shreya_arora22
Bravo @Pamphlet_in !
Your exposé was really well done: clear, confident and easy to follow.
You can tell how much work you put into it. Congratulations, and keep it up!