@myogiadityanath मर्यादा के आदर्श प्रभु श्रीराम क्या आपको प्रेरित नहीं करते कि झूठे एससी-एसटी एक्ट में २० वर्षों तक जेल में रहने वाले विष्णु तिवारी को मुआवजा मिलना चाहिए? मुआवजे का यदि कोई विधिसम्मत गाइडलाइन नहीं है तो मुख्यमंत्री राहत कोष से भी तो मदद दी जा सकती है।
@arungovil12@myogiadityanath यह बात विष्णु तिवारी के विषय में है जिन्होंने २० वर्षों तक झूठे एससी-एसटी एक्ट में बिताए हैं और अदालत ने उन्हें बाइज्जत बरी किया है। क्या उन्हें मुआवजा नहीं दी जानी चाहिए?
@arungovil12@myogiadityanath जब कोई व्यक्ति अदालत द्वारा 'बइज्जत बरी' कर दिया जाता है, तो कानूनन वह निर्दोष साबित हो जाता है। ऐसे में, उसके दो दशक बर्बाद होने के एवਜ में उसे वित्तीय मुआवजा और पुनर्वास मिलना मानवीय और तार्किक दोनों दृष्टियों से अनिवार्य होना चाहिए ताकि व्यवस्था में लोगों का भरोसा कायम रहे।
@girirajsinghbjp आप बहुत न्याय की बात करते हैं, काँग्रेस सोनिया राहुल की बहुत आलोचना करते हैं, ईमानदारी से बताईए क्या आप विष्णु तिवारी को न्याय दिलाने के लिए जी-तोड़ पहल करेंगे?
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद @roypranesh को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
@TNNavbharat@HimanshuRW@SudhanshuTrived@shrutikaindia@iPriyaSinha आप लोगों ने सत्ता के अहंकार में सवर्णों को घुटनों पर लाने हेतु सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रौंदकर एससी-एसटी एक्ट को सख्त बनाया, सवर्णों के बच्चों को नर्क में ढकेलने के लिए यूजीसी कानून लाया परंतु संविधान में संशोधन कर 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' संवैधानिक अधिकार की समीक्षा नहीं की।
@TNNavbharat@rajneesh4n@makarandkale@iPriyaSinha आपने अपने तेरह वर्षों के कार्यकाल में संवैधानिक अधिकार 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' की समीक्षा काहे नहीं की। यदि कोई संवैधानिक अधिकार 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के आधार पर गरियाने का काम करता है तो, गलती आपकी ही है।
@myogiadityanath यूजीसी रोल बैक
एससी-एसटी एक्ट के दुरूपयोग पर रोक लगे।
यूपी मेडिकल कॉलेज में ९१ प्रतिशत आरक्षण पर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं दी जाय।
नड्डा जी एक विचार हैं। यहाँ जो हैं, वो नड्डा जी नहीं उनकी मोम की प्रतिमा है। नड्डा जी के घर पर बिस्कुट और चाय अच्छी मिलती है, अतः लोग खिंचे चले आते हैं।
नड्डा जी लोगों को डेट देते हैं, और फिर (यदि आप तिलचट्टे नहीं) मुकर जाते हैं। नड्डा जी को लगता है कि ऐसी योजना से वो सवर्णों का आंदोलन छिन्न-भिन्न कर देंगे। सत्य यह है कि जो आंदोलन @RHAreforms कर रहा है, उसमें ऐसी सरकारी बकलोली के लिए कंटिंजेन्सी पहले से तैयार है।
नड्डा जी आप लगे रहो, हम आपको विरोध में हैं। आपको हवा नहीं लगेगी कि आगे क्या होने वाला है।