झारखंड राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री रहते हुए आदिवासी बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटना हमेशा आती रहती है, क्या सरकार ऐसे घटनाओं पर रोक नहीं लगा सकती है? 28 आदिवासी विधायक रहते हुए झारखंड कि आदिवासियों के साथ ऐसी घटना होती रहेगी? दुर्भाग्य है ऐसी सरकार हमको ऐसा सरकार नहीं चाहिए।
झारखंड में पूरी तरह से हत्याएं बढ़ रहें हैं
और झारखंड सरकार हत्याओं पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं मेरा झारखंड सरकार से निवेदन है कि आप जल्द से जल्द स्थिति को संभाले पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दें। जोहार 🙏 @HemantSorenJMM@sunny_sharad@yourBabulal@SudeshMahtoAJSU
@khushruzzaman@sunny_sharad@grok हिंदू रीति रिवाज से नहीं हो रहा है क्योंकि हमलोग आदिवासी परम्परा से हैं और आदिवासी में दफनाया जाता है और जलाया भी जाता है। आदिवासी में ज्यादातर दफनाया जाता है।
हमारे बोकारो जिला में बच्चा चोर वाला मामला बहुत आ रहा है झारखण्ड सरकार से निवेदन करता हूं कि इस मामले को अच्छे से जाँच करें ताकि निर्दोष लोग को परेशान न हो @HemantSorenJMM@bokaropolice
अशिक्षित होने के कारण बहुत सारे गरीब लोगों को अपने ही जमीन से बेदखल किया जाता है और गलत तरीके से जमीन का फर्जी कागज़ बना के दूसरे लोग अपना दावा करते हैं।
पलामू के ग्राम कजरू कला थाना पांडू के ललन राम का परिवार पिछले कई दिनों से सड़क पर रहने को मजबूर हैं. सिद्धि पांडेय नामक व्यक्ति के साथ उनका भूमि विवाद चल रहा था. कोर्ट के आदेश पर उनके मकान को तोड़ दिया गया. अब उनके पास रहने के लिए घर नहीं है. इसलिए पूरा परिवार सड़क किनारे पेड़ के नीचे रहने को मजबूर है. पीड़ित का कहना है कि जमीन की रशीद उनके नाम से ही कट कट रहा है. दिहाड़ी मजदूरी करने वाले परिवार का कहना है कि वे सभी लोग अशिक्षित हैं इसलिए अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख सकें। फ़िलहाल परिवार को छत की जरुरत है.
पलामू के ग्राम कजरू कला थाना पांडू के ललन राम का परिवार पिछले कई दिनों से सड़क पर रहने को मजबूर हैं. सिद्धि पांडेय नामक व्यक्ति के साथ उनका भूमि विवाद चल रहा था. कोर्ट के आदेश पर उनके मकान को तोड़ दिया गया. अब उनके पास रहने के लिए घर नहीं है. इसलिए पूरा परिवार सड़क किनारे पेड़ के नीचे रहने को मजबूर है. पीड़ित का कहना है कि जमीन की रशीद उनके नाम से ही कट कट रहा है. दिहाड़ी मजदूरी करने वाले परिवार का कहना है कि वे सभी लोग अशिक्षित हैं इसलिए अपना पक्ष मजबूती से नहीं रख सकें। फ़िलहाल परिवार को छत की जरुरत है.
गोमिया प्रखण्ड के गांगपुर गांव में ये घटना घाटी है जिसमें हाथियों द्वारा दो लोगों की मौत हो चुकी है और दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं, सरकार से निवेदन है कि आप इस क्षेत्र में हाथियों को अपने सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का कदम उठाएं ताकि हमारे साथ ऐसा पर घटना न हो । @HemantSorenJMM
संताली समुदाय के 30 निर्दोष परिवार बेघर हैं और सर्दी के मौसम में ठंड से ठिठुर रहे हैं।
हम प्रत्येक परिवार के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे, सुरक्षित आश्रय और न्याय की मांग करते हैं।
आग लगने से कुछ छात्रों के प्रवेश पत्र और पंजीकरण दस्तावेज नष्ट हो गए।
सबसे ऊपर कुर्सी में बैठने का क्या फ़ायदा जब संताल आदिवासियों का घर जलाया जाता है और सबसे अधिक शोषण, प्रताड़ना सहना पड़ता है।
असम में आदिवासियों का घर जलाया गया और हमारे नेता मंत्री कहां है? क्या कर रहे हैं?
@rashtrapatibhvn@HemantSorenJMM@CMO_Odisha@himantabiswa